Brazil vs India Ethanol Model: बड़ी सीख या बड़ी गलती? जानिए क्यों E20 Strategy पर उठे सवाल
Brazil vs India Ethanol Model: भारत में E20 पेट्रोल को देशभर में लागू किए जाने के बाद एथेनॉल ब्लेंडिंग पर बहस तेज हो गई है। इसी बीच ब्राज़ील का सफल Ethanol Fuel Model एक बार फिर चर्चा में है। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां ब्राज़ील ने लगभग पांच दशकों तक चरणबद्ध तरीके से अपनी बायोफ्यूल नीति लागू की, वहीं भारत ने बहुत कम समय में E20 रोलआउट कर दिया, जिससे पुराने वाहन मालिकों और ऑटो उद्योग के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
Brazil ने 50 साल पहले शुरू किया था Ethanol Revolution
1973 के वैश्विक तेल संकट के बाद ब्राज़ील ने 1975 में National Alcohol Program (Proálcool) शुरू किया। हालांकि पेट्रोल में 5% एथेनॉल मिलाने का कानून वहां 1931 में ही लागू हो चुका था।
इसके बाद सरकार ने धीरे-धीरे एथेनॉल ब्लेंडिंग बढ़ाई और 2024 में Fuel of the Future कानून पारित किया। अब 2025 से ब्राज़ील में E30 Petrol अनिवार्य हो चुका है।
India ने सिर्फ तीन साल में E10 से E20 तक का सफर तय किया
भारत में एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम 2003 में शुरू हुआ, लेकिन वास्तविक गति 2022 के बाद आई।
- 2022 में E10 लक्ष्य हासिल हुआ।
- केवल तीन वर्षों में E20 देशभर में लागू कर दिया गया।
- सरकार पहले 2030 तक E20 लागू करना चाहती थी, लेकिन लक्ष्य कई साल पहले ही पूरा कर लिया गया।
अब सरकार E25 और Flex Fuel Vehicles (FFVs) की दिशा में भी आगे बढ़ रही है।
Brazil ने पहले Vehicles तैयार किए, फिर Fuel बदला
ब्राज़ील की सबसे बड़ी सफलता उसकी वाहन नीति रही।
- 1979 में Fiat ने दुनिया की पहली Ethanol Car लॉन्च की।
- 2003 से बड़े पैमाने पर Flex Fuel Vehicles (FFVs) बनने लगे।
- आज ब्राज़ील में बिकने वाली लगभग 90% नई कारें Flex Fuel Vehicles हैं।
- 2003 से अब तक 4 करोड़ से ज्यादा FFVs सड़क पर उतर चुके हैं।
भारत में अभी शुरुआती दौर में है Flex Fuel Technology
Brazil vs India Ethanol Model: भारत में फिलहाल Flex Fuel Vehicles की संख्या बेहद सीमित है।
कुछ प्रमुख मॉडल:
- Maruti Suzuki WagonR Flex Fuel
- Toyota Innova Hycross Flex Fuel Prototype
- Tata Punch Flex Fuel (Prototype)
- Hyundai Creta Flex Fuel (Prototype)
- Hero MotoCorp और TVS के कुछ Flex Fuel Two-Wheelers
देश में अधिकांश पुराने वाहन अभी भी E10 या उससे कम एथेनॉल मिश्रण के लिए डिजाइन किए गए हैं।

Brazil देता है Consumers को Choice
ब्राज़ील के लगभग हर पेट्रोल पंप पर ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुन सकते हैं।(Brazil vs India Ethanol Model)
उन्हें विकल्प मिलता है—
- E27 Blended Petrol
- E100 Pure Ethanol
Flex Fuel Vehicles होने के कारण लोग उस दिन जो ईंधन सस्ता हो, वही भरवा सकते हैं।
कई बार E100 Ethanol, सामान्य पेट्रोल से 25% से 35% तक सस्ता मिलता है।
भारत में विकल्प नहीं
भारत में फिलहाल E20 ही मुख्य पेट्रोल बन चुका है।
पुराने वाहन मालिकों के पास E0 या E10 पेट्रोल चुनने का विकल्प लगभग नहीं है, जबकि कई सर्वे बताते हैं कि बड़ी संख्या में लोग यह विकल्प चाहते हैं।
विशेषज्ञ क्यों उठा रहे हैं सवाल?
विशेषज्ञों के अनुसार ब्राज़ील की सफलता तीन कारणों पर आधारित रही—
- चरणबद्ध (Gradual) Ethanol Blending
- पहले वाहन उद्योग को तैयार करना
- उपभोक्ताओं को ईंधन चुनने की आज़ादी देना
आलोचकों का कहना है कि भारत में इन तीनों पहलुओं पर पर्याप्त तैयारी के बिना E20 को तेजी से लागू किया गया।
भारत का पक्ष भी मजबूत
हालांकि केंद्र सरकार का कहना है कि Ethanol Blending से—
- Crude Oil Import कम होगा।
- किसानों की आय बढ़ेगी।
- Carbon Emissions घटेंगे।
- Energy Security मजबूत होगी।
सरकार आने वाले वर्षों में Flex Fuel Vehicles और Biofuel Infrastructure को तेजी से बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है।(source)




