अयोध्या स्थित राम मंदिर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। इस बार विवाद मंदिर में रखी Golden Ramcharitmanas को लेकर सामने आया है। पूर्व आईएएस अधिकारी S. Lakshmi Narayanan ने दावा किया कि उनके परिवार की ओर से दान की गई सोने की रामचरितमानस अब मंदिर में दिखाई नहीं दे रही है। उनके इस आरोप के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
हालांकि, Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि सोने की रामचरितमानस पूरी तरह सुरक्षित है। ट्रस्ट की ओर से इसकी तस्वीर भी जारी की गई और कहा गया कि इसके गायब होने की खबरें पूरी तरह भ्रामक हैं।

पूर्व आईएएस अधिकारी ने क्या दावा किया?
पूर्व आईएएस अधिकारी S. Lakshmi Narayanan के अनुसार, उनके परिवार ने अप्रैल 2024 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सोने की परत चढ़ी रामचरितमानस भेंट की थी। उनके मुताबिक यह ग्रंथ करीब 1000 पन्नों का है, जिसमें लगभग 4 किलोग्राम सोने और 151 किलोग्राम तांबे का उपयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि प्रत्येक पृष्ठ पर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई गई थी और इसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹5 करोड़ है।
उनका कहना है कि रामनवमी के अवसर पर इस Golden Ramcharitmanas को मंदिर ट्रस्ट को सौंपा गया था। शुरुआत में इसे रामलला के गर्भगृह के सामने श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा गया और नियमित पूजा भी की जाती थी। लेकिन करीब पांच महीने बाद इसे वहां से हटा दिया गया।
पूर्व अधिकारी ने यह भी कहा कि इस ग्रंथ के निर्माण में उनकी व्यक्तिगत भावनाएं जुड़ी हैं और इसके लिए उन्होंने अपने परिवार की बहुमूल्य संपत्ति का उपयोग किया था। इसी वजह से इसके वर्तमान स्थान को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए।
ट्रस्ट ने तस्वीर जारी कर क्या दी सफाई?
विवाद बढ़ने के बाद Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust के विशेष आमंत्रित सदस्य Gopal Rao ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने Golden Ramcharitmanas की तस्वीर जारी करते हुए कहा कि यह पूरी तरह सुरक्षित है और पूर्व आईएएस अधिकारी जब चाहें मंदिर आकर स्वयं इसे देख सकते हैं।

ट्रस्ट के अनुसार, श्रद्धालु की इच्छा के अनुरूप दान मिलने के बाद कुछ समय तक इस ग्रंथ को रामलला के गर्भगृह के सामने रखा गया था। बाद में सुरक्षा और संरक्षण के उद्देश्य से इसे मंदिर परिसर के गुड मंडप स्थित आभूषण कोठरी में सुरक्षित रख दिया गया, जहां अन्य मूल्यवान धार्मिक धरोहरें भी संरक्षित हैं।
ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस दान का पूरा विवरण मंदिर के आधिकारिक रजिस्टर में दर्ज है और इसकी सुरक्षा को लेकर किसी प्रकार का संदेह उचित नहीं है।
चढ़ावा चोरी मामले के बीच बढ़ा विवाद
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब अयोध्या राम मंदिर पहले से ही चढ़ावे और दान से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर चर्चा में है। दान की गिनती और कीमती सामान के प्रबंधन से जुड़े मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में अब तक दान गिनने की प्रक्रिया से जुड़े कई लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार और मंदिर प्रबंधन से जवाब मांगता रहा है।
इसी बीच Golden Ramcharitmanas के कथित रूप से गायब होने का दावा सामने आने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया। हालांकि ट्रस्ट की ओर से तस्वीर और आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किए जाने के बाद इस विवाद पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पूर्व आईएएस अधिकारी S. Lakshmi Narayanan ने Golden Ramcharitmanas के सार्वजनिक प्रदर्शन से हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust का कहना है कि यह ग्रंथ कहीं गायब नहीं हुआ है, बल्कि सुरक्षा कारणों से मंदिर परिसर की आभूषण कोठरी में सुरक्षित रखा गया है।
दोनों पक्षों के दावों के बीच ट्रस्ट ने तस्वीर जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। फिलहाल इस मामले में किसी जांच एजेंसी की ओर से Golden Ramcharitmanas के गायब होने की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में यह विवाद मुख्य रूप से दावों और ट्रस्ट के स्पष्टीकरण के बीच केंद्रित है। यदि आने वाले समय में इस मामले में कोई नया आधिकारिक अपडेट सामने आता है, तो स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।





