July 6, 2026 7:32 PM

Agniveer Scheme में हो सकता है बड़ा बदलाव! क्या अब 25% नहीं, आधे से ज्यादा अग्निवीर बनेंगे परमानेंट?

साल 2022 में शुरू हुई Agniveer Scheme का पहला बैच 2026 में चार साल पूरे करने जा रहा है। इससे पहले ही भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने सरकार के सामने अधिक अग्निवीरों को स्थायी सेवा में रखने का प्रस्ताव रखा है। अगर यह मंजूर होता है

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Monday, July 6, 2026

Agniveer Scheme में हो सकता है बड़ा बदलाव! क्या अब 25% नहीं, आधे से ज्यादा अग्निवीर बनेंगे परमानेंट?

साल 2022 में शुरू की गई Agniveer Scheme अब एक अहम मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। योजना के तहत भर्ती हुए पहले अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल 2026 में पूरा होने वाला है। इसी बीच ऐसी खबरें सामने आई हैं कि भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने सरकार के समक्ष वर्तमान व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। बताया जा रहा है कि तीनों सेनाएं चाहती हैं कि चार साल की सेवा के बाद स्थायी नियुक्ति पाने वाले अग्निवीरों की संख्या मौजूदा 25 प्रतिशत से बढ़ाई जाए।

ये भी पढ़े; Satluj Movie: Zee5 से 48 घंटे में क्यों हटी दिलजीत दोसांझ की ‘सतलुज’? जानिए जसवंत सिंह खालड़ा पर बनी फिल्म का पूरा विवाद !!

हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी तक सरकार की ओर से कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। यदि भविष्य में इसे मंजूरी मिलती है तो यह Agniveer Scheme शुरू होने के बाद का सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा।

Agniveer Scheme में हो सकता है बड़ा बदलाव! क्या अब 25% नहीं, आधे से ज्यादा अग्निवीर बनेंगे परमानेंट?


आखिर क्या है नया प्रस्ताव और क्यों महसूस हुई इसकी जरूरत?

जब Agniveer Scheme लागू की गई थी, तब नियम बनाया गया था कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीर सेवा समाप्त होने के बाद सेना से बाहर हो जाएंगे और उन्हें विभिन्न सरकारी एवं निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।

अब सामने आई जानकारी के अनुसार तीनों सेनाओं का मानना है कि पिछले चार वर्षों में प्रशिक्षित अग्निवीरों ने आधुनिक सैन्य तकनीकों और हथियार प्रणालियों पर महत्वपूर्ण अनुभव हासिल किया है। ऐसे प्रशिक्षित जवानों को केवल चार वर्ष बाद सेवा से बाहर कर देना सेना के लिए व्यावहारिक चुनौती बन सकता है।

रिपोर्टों के मुताबिक भारतीय नौसेना लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी सेवा में रखने के पक्ष में है, जबकि भारतीय सेना और भारतीय वायुसेना इस संख्या को लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का सुझाव दे सकती हैं। हालांकि यह केवल प्रस्तावित सिफारिशें हैं और इन पर अंतिम निर्णय सरकार तथा रक्षा मंत्रालय के स्तर पर ही लिया जाएगा।

आधुनिक युद्ध और नई तकनीक ने क्यों बदली सोच?

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय सशस्त्र बलों ने तेजी से आधुनिक सैन्य तकनीकों को अपनाया है। नई मिसाइल प्रणालियां, अत्याधुनिक युद्धपोत, आधुनिक लड़ाकू विमान, ड्रोन तकनीक और हाई-टेक हथियारों के संचालन के लिए लंबी और विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है।

ऐसे सिस्टम पर दक्षता हासिल करने में वर्षों का समय और काफी संसाधन लगते हैं। सेना का मानना है कि यदि इन प्लेटफॉर्म्स को संभालने वाले प्रशिक्षित जवान हर चार साल बाद बाहर हो जाएंगे तो नए जवानों को उसी स्तर तक तैयार करने में अतिरिक्त समय, धन और मानव संसाधन खर्च होगा।

Agniveer Scheme में हो सकता है बड़ा बदलाव! क्या अब 25% नहीं, आधे से ज्यादा अग्निवीर बनेंगे परमानेंट?

रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि हाल के सैन्य अभियानों और बदलती सुरक्षा चुनौतियों ने अनुभवी सैनिकों की आवश्यकता को और अधिक बढ़ा दिया है। सेना के अनुसार लंबे समय तक साथ काम करने वाले सैनिकों के बीच बेहतर तालमेल और भरोसा विकसित होता है, जो किसी भी युद्ध या संवेदनशील अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

इसी वजह से सेनाओं का मानना है कि अधिक प्रशिक्षित अग्निवीरों को सेवा में बनाए रखने से परिचालन क्षमता और युद्धक तैयारी दोनों मजबूत हो सकती हैं।

अगर प्रस्ताव मंजूर नहीं हुआ तो क्या होगा?

रिपोर्टों के अनुसार यदि स्थायी नियुक्ति का प्रतिशत बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिलती है तो सेना कुछ विशेष तकनीकी और संवेदनशील इकाइयों में उपलब्ध 25 प्रतिशत स्थायी पदों का बेहतर उपयोग करने की रणनीति अपना सकती है।

ऐसी इकाइयों में उन अग्निवीरों को प्राथमिकता दी जा सकती है जिन्होंने आधुनिक हथियार प्रणालियों और विशेष सैन्य तकनीकों पर बेहतर अनुभव प्राप्त किया है। इससे सेना के पास महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में अनुभवी मानव संसाधन उपलब्ध रहेंगे।

बताया जाता है कि इस विषय पर पहले भी एक प्रस्ताव संबंधित विभाग को भेजा गया था, लेकिन उस समय उस पर दोबारा विचार करने के लिए वापस भेज दिया गया था। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि सरकार इस बार क्या फैसला लेगी।

Agniveer Scheme का भविष्य और युवाओं की उम्मीदें

Agniveer Scheme शुरू होने के बाद से ही इसका सबसे चर्चित पहलू चार वर्ष बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी सेवा में रखने का नियम रहा है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने इस व्यवस्था को लेकर चिंता भी जताई थी।

इसी बीच सरकार और सशस्त्र बलों ने अग्निवीरों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। विभिन्न बैंकों और संस्थानों के साथ समझौते किए गए हैं ताकि सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को वित्तीय सहायता, रोजगार और अन्य अवसर मिल सकें। इसके अलावा वेतन, भत्तों और छुट्टियों जैसी कई सुविधाओं में भी समय-समय पर सुधार किए गए हैं।

पूर्व थलसेना प्रमुख Upendra Dwivedi ने भी हाल ही में कहा था कि Agniveer Scheme को भारतीय सेना के व्यापक मानव संसाधन सुधार के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार यह योजना लगातार विकसित होने वाली प्रक्रिया है और भविष्य में इसमें होने वाले किसी भी बदलाव का आधार अनुभव, संचालन संबंधी फीडबैक और सेना का आकलन होगा।

फिलहाल अधिक अग्निवीरों को स्थायी सेवा में रखने का प्रस्ताव विचाराधीन बताया जा रहा है। सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में लाखों युवाओं की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या आने वाले समय में Agniveer Scheme के सबसे अहम नियमों में बदलाव होगा या वर्तमान व्यवस्था ही जारी रहेगी।

Agniveer Scheme में हो सकता है बड़ा बदलाव! क्या अब 25% नहीं, आधे से ज्यादा अग्निवीर बनेंगे परमानेंट?

Share :

Leave a Reply

Related Post

खबरें और भी..

×