Amazon AI Jobs: को लेकर टेक इंडस्ट्री में चल रही बहस के बीच Amazon Web Services (AWS) के CEO मैट गार्मन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण एंट्री-लेवल कर्मचारियों की जरूरत खत्म नहीं होने वाली है। बल्कि AI कार्य करने के तरीके को बदलेगा और कर्मचारियों के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
प्लेटफॉर्मर पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान मैट गार्मन ने AI को लेकर फैल रही आशंकाओं को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया। उनका कहना था कि यह मान लेना गलत होगा कि AI आने वाले वर्षों में आधी व्हाइट-कॉलर नौकरियां खत्म कर देगा। उनके अनुसार, नौकरियां पूरी तरह समाप्त होने के बजाय नए स्वरूप में बदलेंगी।
उन्होंने कहा कि तकनीक हमेशा कार्यशैली बदलती रही है। जैसे Microsoft Excel आने के बाद अकाउंटिंग और डेटा प्रबंधन का तरीका पूरी तरह बदल गया, लेकिन इससे लोगों की नौकरियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुईं। उसी तरह AI भी कर्मचारियों को अधिक उत्पादक बनाएगा और नए प्रकार की भूमिकाएं विकसित करेगा।
AI से नौकरी नहीं, स्किल्स बदलेंगी; Amazon करेगा 11,000 नई भर्तियां
Amazon AI Jobs पर बोलते हुए मैट गार्मन ने स्पष्ट किया कि Amazon इस वर्ष करीब 11,000 इंटर्न और नए कॉलेज ग्रेजुएट्स की भर्ती कर रहा है। उन्होंने कहा कि एंट्री-लेवल कर्मचारी किसी भी कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं क्योंकि वे नई सोच, नई ऊर्जा और आधुनिक तकनीकों को सीखने का उत्साह लेकर आते हैं।
गार्मन ने कहा कि यदि किसी संगठन में केवल पुराने कर्मचारी ही बने रहें, तो नए विचारों और नवाचार की गति धीमी हो सकती है। इसलिए युवा प्रतिभाओं को अवसर देना किसी भी कंपनी की दीर्घकालिक सफलता के लिए आवश्यक है।
उन्होंने कर्मचारियों को सलाह दी कि AI के दौर में सबसे महत्वपूर्ण चीज नई स्किल्स सीखने की इच्छा होगी। उनका मानना है कि अगले दो वर्षों में अधिकांश कर्मचारियों की जिम्मेदारियां बदल सकती हैं, लेकिन जो लोग नई तकनीकों को अपनाने के लिए तैयार रहेंगे, उनके लिए रोजगार के अवसर बने रहेंगे।
गार्मन ने कहा कि भविष्य में कर्मचारियों की नौकरियां अधिक रोचक और तकनीक आधारित हो सकती हैं, लेकिन इसके लिए लगातार सीखते रहना जरूरी होगा।

AI को लेकर टेक इंडस्ट्री में बंटी राय
Amazon AI Jobs पर मैट गार्मन का नजरिया उन विशेषज्ञों से अलग है जो AI के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियां खत्म होने की चेतावनी दे रहे हैं।
हाल ही में Anthropic के CEO डारियो अमोडेई ने दावा किया था कि अगले पांच वर्षों में AI लगभग 50 प्रतिशत एंट्री-लेवल व्हाइट-कॉलर नौकरियों को समाप्त कर सकता है। हालांकि गार्मन ने इस भविष्यवाणी से असहमति जताते हुए कहा कि “नौकरी खत्म होना” और “नौकरी का बदल जाना” दोनों अलग-अलग बातें हैं।
उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में आधी नौकरियां खत्म हो जाएं तो पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था गंभीर संकट में आ जाएगी, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं लगता।
गार्मन की सोच Microsoft के सह-संस्थापक बिल गेट्स और Nvidia के CEO जेनसन हुआंग जैसे टेक नेताओं से मेल खाती है। इन नेताओं का भी मानना है कि AI कुछ पारंपरिक भूमिकाओं को बदलेगा, लेकिन साथ ही नई नौकरियां और नए उद्योग भी पैदा करेगा।
वहीं Google DeepMind के CEO डेमिस हसाबिस का भी मानना है कि AI भविष्य में बड़े बदलाव लाएगा और मानव समाज के लिए नई संभावनाएं खोलेगा, हालांकि इसके साथ कुछ जोखिम भी जुड़े रहेंगे।

Amazon AI Jobs के बीच छंटनी और नई भर्ती दोनों जारी
Amazon AI Jobs पर चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि कंपनी हाल के महीनों में बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है। वर्ष की शुरुआत में Amazon ने लगभग 16,000 कॉर्पोरेट कर्मचारियों की नौकरी समाप्त की थी। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी लगभग 14,000 कर्मचारियों की छंटनी की गई थी।
Amazon के CEO एंडी जेसी ने पहले कहा था कि जनरेटिव AI और AI एजेंट्स के बढ़ते उपयोग से भविष्य में कुछ कार्यों के लिए कम कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। हालांकि कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि हालिया छंटनी का उद्देश्य संगठन को अधिक कुशल बनाना, प्रबंधन की परतें कम करना और निर्णय लेने की प्रक्रिया को तेज करना था।
मैट गार्मन का मानना है कि AI को खतरे के बजाय अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में सफल वही कर्मचारी होंगे जो नई तकनीकों को अपनाने, लगातार सीखने और बदलती कार्यशैली के अनुरूप खुद को विकसित करने के लिए तैयार रहेंगे।
विशेषज्ञों का भी कहना है कि AI के बढ़ते प्रभाव के बीच तकनीकी कौशल, समस्या समाधान क्षमता और रचनात्मक सोच जैसी योग्यताओं की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में Amazon AI Jobs से जुड़ी यह रणनीति संकेत देती है कि भविष्य का रोजगार बाजार केवल AI पर नहीं, बल्कि AI के साथ काम करने वाली मानव प्रतिभा पर भी समान रूप से निर्भर रहेगा।(source)




