भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली UK India FTA Negotiation Teams को लंदन में आयोजित India Global Forum (IGF) UK-India Awards के 10वें संस्करण में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को भी “Exceptional Leadership in Elevating UK-India Relations” सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने में उनके योगदान की मान्यता के रूप में दिया गया।
समारोह में UK India FTA Negotiation Teams की वर्षों की मेहनत और दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुए व्यापक संवाद को विशेष रूप से सराहा गया। भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (CETA/FTA) 15 जुलाई से प्रभावी होने जा रहा है और इसे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। कार्यक्रम में 300 से अधिक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और व्यापार विशेषज्ञों ने भाग लिया। पीयूष गोयल ने सम्मान प्राप्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने भारत और ब्रिटेन के रिश्तों को मजबूत बनाने में योगदान दिया है।
UK India FTA Negotiation Teams की उपलब्धि क्यों है खास?
भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर कई वर्षों तक बातचीत चली। इस दौरान UK India FTA Negotiation Teams ने टैरिफ, निवेश, सेवाओं, डिजिटल व्यापार, बौद्धिक संपदा, पेशेवरों की आवाजाही और कई अन्य जटिल विषयों पर लगातार वार्ता की। लंबी बातचीत के बाद दोनों देशों ने एक व्यापक समझौते पर सहमति बनाई, जिसे हाल के वर्षों का सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय व्यापार समझौतों में से एक माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। भारतीय निर्यातकों को ब्रिटिश बाजार में अधिक अवसर मिलेंगे, जबकि ब्रिटेन की कंपनियों को भारत में निवेश और कारोबार का बेहतर वातावरण मिलेगा। यही कारण है कि UK India FTA Negotiation Teams को इस उपलब्धि के लिए विशेष सम्मान दिया गया।
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पीयूष गोयल को मिला विशेष सम्मान
IGF UK-India Awards के दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को “Exceptional Leadership in Elevating UK-India Relations” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करने के बाद उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन की साझेदारी का सबसे सुनहरा दौर अभी आना बाकी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान सरकारों, उद्योग जगत, शिक्षाविदों, सांस्कृतिक संगठनों और दोनों देशों के प्रवासी समुदाय के सामूहिक प्रयासों को समर्पित है।
कार्यक्रम के दौरान पीयूष गोयल ने भारतीय और ब्रिटिश उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे केवल व्यापार बढ़ाने तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, प्रौद्योगिकी, निवेश और रोजगार सृजन के नए अवसर भी तलाशें। उनके अनुसार भारत-यूके व्यापार समझौता दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिए परिवर्तनकारी साबित हो सकता है।
भारत-यूके व्यापार संबंधों को मिलेगा नया आयाम
विशेषज्ञों के अनुसार, UK India FTA Negotiation Teams की सफलता से दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति मिलेगी। समझौते के लागू होने के बाद ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे व्यापार लागत कम होगी और कंपनियों को नए बाजारों तक पहुंच आसान होगी।
इसके अलावा, समझौते के माध्यम से छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME), स्टार्टअप और नवाचार आधारित उद्योगों को भी नए अवसर मिलने की संभावना है। दोनों देशों के बीच कौशल विकास, अनुसंधान और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसी वजह से UK India FTA Negotiation Teams की भूमिका को दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
IGF UK-India Awards का महत्व
India Global Forum (IGF) द्वारा आयोजित UK-India Awards का उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित करना है जिन्होंने भारत और ब्रिटेन के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस वर्ष पुरस्कार समारोह का आयोजन 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर किया गया, जिसमें व्यापार, निवेश, शिक्षा, संस्कृति और नीति निर्माण से जुड़े कई प्रमुख लोगों ने भाग लिया।(source)
कार्यक्रम में UK India FTA Negotiation Teams को सम्मानित किया जाना इस बात का संकेत है कि दोनों देश अपने आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी और वैश्विक सहयोग का नया अध्याय भी खोलेगा।




