June 13, 2026 6:02 PM

Xiaomi ने लॉन्च किया MiMo Code AI Assistant, Claude Code को दी चुनौती

Xiaomi ने अपना नया ओपन-सोर्स AI कोडिंग असिस्टेंट MiMo Code v0.1.0 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह लंबी और जटिल कोडिंग परियोजनाओं में Anthropic के Claude Code से बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

EDITED BY: Shiva

UPDATED: Saturday, June 13, 2026

Xiaomi ने लॉन्च किया MiMo Code AI Assistant, Claude Code को दी चुनौती

MiMo Code AI Assistant : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित कोडिंग टूल्स की दुनिया में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच चीनी टेक कंपनी Xiaomi ने अपना नया ओपन-सोर्स टर्मिनल-नेटिव AI कोडिंग असिस्टेंट MiMo Code v0.1.0 लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह नया टूल कई महत्वपूर्ण एजेंटिक कोडिंग बेंचमार्क्स पर Anthropic के Claude Code को पीछे छोड़ने में सक्षम है, खासकर उन कार्यों में जहां लंबे समय तक लगातार निर्णय लेने और कई चरणों में काम पूरा करने की आवश्यकता होती है।

MiMo Code को डेवलपर्स के लिए एक उन्नत कोडिंग पार्टनर के रूप में पेश किया गया है। Xiaomi के अनुसार यह केवल कोड लिखने वाला AI टूल नहीं है, बल्कि एक ऐसा सिस्टम है जो कोड पढ़ सकता है, कोड लिख सकता है, कमांड चला सकता है, Git ऑपरेशन संभाल सकता है और कई सत्रों के दौरान प्रोजेक्ट की महत्वपूर्ण जानकारी को याद भी रख सकता है।

कंपनी ने इसके साथ MiMo V2.5 नाम का मल्टीमॉडल AI मॉडल भी पेश किया है, जिसमें 10 लाख टोकन तक का कॉन्टेक्स्ट विंडो दिया गया है। फिलहाल यह सीमित समय के लिए मुफ्त उपलब्ध कराया गया है।

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Xiaomi ने लॉन्च किया MiMo Code AI Assistant, Claude Code को दी चुनौती

MiMo Code की प्रमुख खूबियां

MiMo Code सीधे टर्मिनल के भीतर काम करता है, जिससे डेवलपर्स बिना किसी अतिरिक्त इंटरफेस के कोडिंग, कमांड निष्पादन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कर सकते हैं। यह Git रिपॉजिटरी को भी संभाल सकता है और प्रोजेक्ट में हुए बदलावों का रिकॉर्ड बनाए रख सकता है।

इस टूल की सबसे बड़ी खासियत इसका “इनफिनिट कॉन्टेक्स्ट” सिस्टम बताया जा रहा है। Xiaomi का दावा है कि यह स्वचालित रूप से महत्वपूर्ण जानकारी को स्टोर और कम्प्रेस कर सकता है, जिससे बड़े सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स पर काम करते समय भी आवश्यक जानकारी याद रखी जा सकती है।

MiMo Code एक संरचित वर्कफ्लो का पालन करता है जिसमें योजना बनाना, आवश्यकताओं को समझना, कोड तैयार करना, परीक्षण करना और परिणाम प्रस्तुत करना शामिल है। यह अपने काम की समीक्षा और वैलिडेशन भी कर सकता है, जिससे डेवलपर्स को अतिरिक्त सहायता मिलती है।

इसके अलावा यह सिस्टम पिछले अनुभवों से सीखने की क्षमता भी रखता है। बार-बार किए जाने वाले कार्यों को यह पुन: उपयोग योग्य स्किल्स में बदल सकता है, जिससे भविष्य में काम और तेज हो सकता है।

Xiaomi ने लॉन्च किया MiMo Code AI Assistant, Claude Code को दी चुनौती

वॉयस सपोर्ट और मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन

MiMo Code में बिल्ट-इन स्पीच रिकग्निशन सपोर्ट भी दिया गया है। इसका मतलब है कि डेवलपर्स वॉयस कमांड्स के माध्यम से भी AI से बातचीत कर सकते हैं।

यह टूल केवल Xiaomi के मॉडल तक सीमित नहीं है। कंपनी के अनुसार यह Anthropic, OpenAI, Kimi, DeepSeek और GLM जैसे विभिन्न AI मॉडल प्रदाताओं के साथ काम कर सकता है। साथ ही यह Claude Code के टूल्स और वर्कफ्लो के साथ भी संगत है।

MiMo Code में मल्टी-एजेंट सपोर्ट, स्थायी मेमोरी सिस्टम, जटिल टास्क ट्रैकिंग और समानांतर रीजनिंग जैसी उन्नत सुविधाएं भी मौजूद हैं। इन फीचर्स का उद्देश्य बड़े और जटिल सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट्स में डेवलपर्स की उत्पादकता बढ़ाना है।

Claude Code से कितना बेहतर?

Xiaomi ने अपने आंतरिक बेंचमार्क परिणामों के आधार पर दावा किया है कि MiMo Code कई सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग परीक्षणों में Claude Code से बेहतर प्रदर्शन करता है।

Xiaomi ने लॉन्च किया MiMo Code AI Assistant, Claude Code को दी चुनौती

कंपनी के अनुसार SWE-bench Verified पर MiMo Code ने 82 प्रतिशत स्कोर हासिल किया, जबकि Claude Code का स्कोर 79 प्रतिशत रहा। SWE-bench Pro में MiMo Code ने 62 प्रतिशत और Claude Code ने 55 प्रतिशत स्कोर दर्ज किया। वहीं Terminal Bench 2 में MiMo Code का स्कोर 73 प्रतिशत और Claude Code का 69 प्रतिशत बताया गया है।

Xiaomi का कहना है कि इस प्रदर्शन में केवल AI मॉडल की क्षमता ही नहीं, बल्कि उसके एजेंट सिस्टम, मेमोरी आर्किटेक्चर और वर्कफ्लो डिजाइन की भी बड़ी भूमिका है।

कंपनी ने 576 डेवलपर्स और 474 निजी रिपॉजिटरी पर एक डबल-ब्लाइंड आंतरिक मूल्यांकन भी किया। इसके अनुसार छोटे कार्यों में दोनों टूल्स का प्रदर्शन लगभग समान था, लेकिन 200 से अधिक निष्पादन चरणों वाले जटिल प्रोजेक्ट्स में MiMo Code की सफलता दर 65 प्रतिशत से अधिक रही।

हालांकि इन दावों को सावधानी के साथ देखने की आवश्यकता है क्योंकि सभी आंकड़े स्वयं Xiaomi द्वारा प्रस्तुत किए गए हैं और स्वतंत्र सत्यापन अभी उपलब्ध नहीं है।

AI कोडिंग टूल्स की बदलती दिशा

MiMo Code का लॉन्च यह दर्शाता है कि AI उद्योग में अब केवल बड़े भाषा मॉडल विकसित करना ही लक्ष्य नहीं रह गया है। कंपनियां अब मेमोरी सिस्टम, एजेंट फ्रेमवर्क, कार्य प्रबंधन और स्वचालन क्षमताओं को भी उतना ही महत्वपूर्ण मान रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में AI कोडिंग टूल्स की सफलता केवल उनकी भाषा समझने की क्षमता पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करेगी कि वे लंबे समय तक जानकारी याद रख सकते हैं या नहीं, जटिल परियोजनाओं को कैसे प्रबंधित करते हैं और कितनी कुशलता से विभिन्न कार्यों को पूरा करते हैं।

यदि Xiaomi के दावे वास्तविक उपयोग में भी सही साबित होते हैं, तो MiMo Code डेवलपर्स के लिए Claude Code और अन्य स्थापित AI कोडिंग टूल्स का एक मजबूत विकल्प बन सकता है।

Xiaomi का MiMo Code AI कोडिंग असिस्टेंट बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का एक नया उदाहरण है। ओपन-सोर्स मॉडल, स्थायी मेमोरी सिस्टम, मल्टी-एजेंट सपोर्ट और बड़े प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता इसे खास बनाती है। हालांकि कंपनी के प्रदर्शन संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन यह स्पष्ट है कि AI कोडिंग टूल्स का भविष्य केवल भाषा मॉडल नहीं बल्कि बेहतर एजेंट डिजाइन, मेमोरी और वर्कफ्लो मैनेजमेंट पर भी निर्भर करेगा।

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