June 12, 2026 8:07 PM

भारतीय शूटिंग के दिग्गज Jaspal Rana का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

भारत के महान निशानेबाज और राष्ट्रीय कोच Jaspal Rana का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और भारतीय शूटिंग में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।

EDITED BY: Shiva

UPDATED: Friday, June 12, 2026

भारतीय शूटिंग के दिग्गज Jaspal Rana का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

Jaspal Rana : भारतीय खेल जगत को शुक्रवार को एक बड़ा झटका लगा जब देश के दिग्गज निशानेबाज और राष्ट्रीय शूटिंग कोच Jaspal Rana का निधन हो गया। राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने उनके निधन की पुष्टि की। वह 49 वर्ष के थे और अपने पीछे पत्नी तथा दो बच्चों को छोड़ गए हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, Jaspal Rana हाल ही में म्यूनिख में आयोजित शूटिंग विश्व कप से लौटे थे। इसके बाद दिल्ली के एक अस्पताल में उनके हृदय से जुड़ी एक चिकित्सा प्रक्रिया की गई थी। संक्षिप्त बीमारी के बाद उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही खेल जगत, खिलाड़ियों और प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।

Jaspal Rana केवल एक सफल खिलाड़ी ही नहीं थे, बल्कि भारतीय शूटिंग के उन चेहरों में शामिल थे जिन्होंने इस खेल को देश में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एक खिलाड़ी, कोच और मार्गदर्शक के रूप में उनका योगदान तीन दशकों से अधिक समय तक भारतीय खेलों को प्रभावित करता रहा।

ये भी पढ़े: India vs England के बीच आज महामुकाबला, महिला टी20 वर्ल्ड कप से पहले आखिरी तैयारी

भारतीय शूटिंग के दिग्गज Jaspal Rana का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

कम उम्र में बनाई पहचान

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में जन्मे Jaspal Rana ने बेहद कम उम्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था। उनका करियर 1990 के दशक में तेजी से आगे बढ़ा और वह जल्द ही भारत के सबसे भरोसेमंद निशानेबाजों में शामिल हो गए।

उनकी सबसे बड़ी शुरुआती उपलब्धियों में 1994 एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक शामिल है। इसी वर्ष उन्होंने मिलान में आयोजित विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में जूनियर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का रास्ता खोला।

इसके बाद उन्होंने 1996 अटलांटा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। 1990 और 2000 के दशक में वह पिस्टल शूटिंग स्पर्धाओं में भारत के सबसे प्रमुख खिलाड़ियों में से एक बने रहे।

कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में शानदार रिकॉर्ड

Jaspal Rana को भारत के सबसे सफल कॉमनवेल्थ गेम्स खिलाड़ियों में गिना जाता है। उन्होंने 1994 से 2006 के बीच चार कॉमनवेल्थ गेम्स संस्करणों में कुल 15 पदक जीते, जिनमें नौ स्वर्ण पदक शामिल थे।

उनकी यह उपलब्धि आज भी भारतीय खेल इतिहास में एक विशेष स्थान रखती है। राष्ट्रमंडल खेलों के अलावा उन्होंने एशियाई खेलों में भी कई पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।

उनके करियर का सबसे यादगार प्रदर्शन 2006 दोहा एशियाई खेलों में देखने को मिला। इस प्रतियोगिता में उन्होंने तीन स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। इसी दौरान उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में 590 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी भी की थी।

उनकी लगातार सफलता ने उन्हें भारतीय शूटिंग के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल कर दिया।

भारतीय शूटिंग के दिग्गज Jaspal Rana का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

पुरस्कारों से सम्मानित रहा करियर

Jaspal Rana की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें कई प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया।

उन्हें 1994 में अर्जुन पुरस्कार प्रदान किया गया, जो भारत के प्रमुख खेल सम्मानों में से एक है। इसके कुछ वर्षों बाद 1997 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया।

इन सम्मानों ने न केवल उनके खेल कौशल को मान्यता दी बल्कि भारतीय खेलों में उनके योगदान को भी सम्मानित किया।

खिलाड़ी से कोच तक का प्रेरणादायक सफर

प्रतियोगी शूटिंग से संन्यास लेने के बाद Jaspal Rana ने कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने और भारतीय शूटिंग को नई प्रतिभाएं देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उनकी कोचिंग शैली और खिलाड़ियों के विकास में योगदान को देखते हुए उन्हें वर्ष 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कोच के रूप में उन्होंने कई उभरते खिलाड़ियों का मार्गदर्शन किया और भारतीय शूटिंग टीम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई। उनके अनुभव और तकनीकी समझ का लाभ देश के अनेक निशानेबाजों को मिला।

मनु भाकर के करियर में निभाई अहम भूमिका

Jaspal Rana का नाम विशेष रूप से ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के साथ भी जुड़ा रहा। उन्होंने मनु भाकर को प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उनके करियर के कठिन दौर में उनका मार्गदर्शन किया।

खेल जगत में यह माना जाता है कि राणा ने मनु भाकर के आत्मविश्वास और प्रदर्शन को दोबारा मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बाद में मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।

उनकी कोचिंग ने यह साबित किया कि Jaspal Rana केवल एक महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि एक सफल गुरु भी थे जो नई पीढ़ी को प्रेरित करने की क्षमता रखते थे।

Jaspal Rana का निधन भारतीय खेल जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। एक खिलाड़ी के रूप में उन्होंने देश को कई ऐतिहासिक जीत दिलाईं, जबकि कोच के रूप में उन्होंने नई पीढ़ी के निशानेबाजों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए तैयार किया। कॉमनवेल्थ गेम्स के सबसे सफल भारतीय खिलाड़ियों में शामिल Jaspal Rana की उपलब्धियां और योगदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। भारतीय शूटिंग में उनका नाम हमेशा सम्मान और गौरव के साथ याद किया जाएगा।

Share :

Leave a Reply

Related Post

×