Cockroach Janta Party : देश में प्रतियोगी परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच गुरुवार को एक नए देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत हुई। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने घोषणा की कि संगठन एक शिक्षा घोषणापत्र जारी करेगा और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की मांग को लेकर पूरे देश में अभियान चलाएगा।
पुणे में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने कहा कि आंदोलन की शुरुआत Savitribai Phule Pune University परिसर से की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और संविधान के दायरे में रहकर आयोजित किया जाएगा।
इस आंदोलन में प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk के शामिल होने की भी जानकारी दी गई है। आयोजकों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है।

शिक्षा घोषणापत्र में क्या हैं प्रमुख मांगें?
दीपके के अनुसार, संगठन द्वारा जारी किए जाने वाले शिक्षा घोषणापत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया है। इनमें प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को रोकना, परीक्षा परिणाम समय पर घोषित करना, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाना तथा परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही तय करना प्रमुख मांगें हैं।
इसके अलावा, परीक्षाओं में देरी और अनियमितताओं के कारण छात्रों को होने वाली परेशानियों को दूर करने पर भी विशेष जोर दिया गया है। आंदोलनकारियों का मानना है कि लाखों छात्र लंबे समय से इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं और अब शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता है।
हाल के वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर विवाद सामने आए हैं। पेपर लीक, परिणामों में देरी और भर्ती प्रक्रियाओं पर उठे सवालों ने छात्रों के बीच असंतोष बढ़ाया है। इसी पृष्ठभूमि में यह आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।

देशभर के कई शहरों में चलेगा अभियान
आयोजकों ने बताया कि पुणे से शुरू होने वाला यह अभियान देश के कई प्रमुख शहरों तक पहुंचेगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत आंदोलन जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु सहित विभिन्न शहरों में आयोजित किया जाएगा।
इसके बाद आंदोलनकारी 20 जून को नई दिल्ली के Jantar Mantar पर एकत्र होंगे। दीपके ने दावा किया कि उनका उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करना और छात्रों की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना है।
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है। हालांकि उनका आरोप है कि संवाद की बजाय संगठन के सोशल मीडिया खातों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

देशभर के कई शहरों में चलेगा CJP का अभियान
पिछले कुछ सप्ताहों में यह समूह सोशल मीडिया अभियानों के जरिए चर्चा में आया है। संगठन ने खुद को युवाओं के नेतृत्व वाले मंच के रूप में प्रस्तुत किया है, जो शिक्षा क्षेत्र में सुधार और छात्रों के अधिकारों की मांग कर रहा है।
इससे पहले 6 जून को भी नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन आयोजित किया गया था, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से छात्र और युवा शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा संबंधी कथित अनियमितताओं की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की थी।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका अभियान किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं बल्कि छात्रों के भविष्य और शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए है। वहीं सरकार की ओर से इस संबंध में कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
देश में शिक्षा और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे लंबे समय से चर्चा का विषय रहे हैं। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में कितना समर्थन हासिल करता है और क्या इसकी मांगों पर कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।




