June 10, 2026 3:45 PM

US में Indian Ambassador Vinay Mohan Kwatra ने टेक दिग्गजों से की मुलाकात, AI and quantum technology पर हुई चर्चा

US में Indian Ambassador Vinay Mohan Kwatra ने वॉलमार्ट और टेक क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर AI and quantum technology, निवेश विस्तार और भारत-अमेरिका तकनीकी सहयोग पर चर्चा की।

EDITED BY: Shiva

UPDATED: Tuesday, June 9, 2026

US में Indian Ambassador Vinay Mohan Kwatra ने टेक दिग्गजों से की मुलाकात, AI and quantum technology पर हुई चर्चा

US में Indian Ambassador Vinay Mohan Kwatra : ने उन्नत तकनीकों और निवेश सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया। इन बैठकों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI and quantum technology, सप्लाई चेन रेजिलिएंस और भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते तकनीकी सहयोग जैसे अहम विषयों पर चर्चा की गई।

राजदूत क्वात्रा ने सोमवार को अमेरिका की कई प्रमुख कंपनियों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इन बैठकों का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को और मजबूत बनाना था। तेजी से बदलते वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में भारत और अमेरिका के बीच सहयोग को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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Indian envoy meets U.S. tech leaders; discusses perspectives on future of AI  - The Hindu

वॉलमार्ट के CEO से निवेश और सप्लाई चेन पर चर्चा

Vinay Mohan Kwatra ने वॉलमार्ट के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस निकोलस से मुलाकात की। बैठक के दौरान भारत में वॉलमार्ट के निवेश, सप्लाई चेन की मजबूती और नई तकनीकों के उपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।

क्वात्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह एक उपयोगी और सकारात्मक बातचीत रही, जिसमें भारत में निवेश विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। वॉलमार्ट पिछले कई वर्षों से भारतीय बाजार में अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है और भारत को अपने प्रमुख वैश्विक बाजारों में से एक मानता है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष वॉलमार्ट के शीर्ष नेतृत्व ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उस दौरान भारत में कंपनी के बढ़ते निवेश और दीर्घकालिक साझेदारी पर चर्चा हुई थी। वर्तमान बैठक को उसी सहयोग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

AI and quantum technology पर विशेष फोकस

भारतीय राजदूत ने Special Competitive Studies Project (SCSP) के अध्यक्ष और CEO यल्ली बाजरक्तारी से भी मुलाकात की। यह बैठक विशेष रूप से भविष्य की तकनीकों पर केंद्रित रही।

दोनों पक्षों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिजिकल AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उन्नत तकनीकों के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। चर्चा में यह भी शामिल रहा कि आने वाले वर्षों में ये तकनीकें वैश्विक अर्थव्यवस्था, उद्योग और सुरक्षा ढांचे को किस प्रकार प्रभावित कर सकती हैं।

क्वात्रा ने बताया कि यह बातचीत बाजरक्तारी की आगामी नई दिल्ली यात्रा और भारत-अमेरिका फोरम में उनकी भागीदारी से पहले हुई। दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए कई संभावित क्षेत्रों पर विचार किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI and quantum technology आने वाले दशक में वैश्विक प्रतिस्पर्धा और नवाचार के प्रमुख आधार बनने वाले हैं। ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच इस क्षेत्र में सहयोग दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर सकता है।

India's envoy to US discusses AI, quantum technologies with American industry leaders | Biz News - News9live

भारत-अमेरिका तकनीकी साझेदारी को मिल सकती है नई गति

हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच तकनीकी संबंध लगातार मजबूत हुए हैं। सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, क्वांटम रिसर्च और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में दोनों देश सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं।

भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डिजिटल बाजारों में से एक है, जबकि अमेरिका तकनीकी नवाचार में अग्रणी भूमिका निभाता है। ऐसे में दोनों देशों की साझेदारी वैश्विक तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।

विशेष रूप से AI and quantum technology जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान, निवेश और कौशल विकास की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की उच्च स्तरीय बैठकों से भविष्य में नए निवेश, तकनीकी साझेदारियां और अनुसंधान परियोजनाएं सामने आ सकती हैं।

Vinay Mohan Kwatra की अमेरिकी टेक और कॉर्पोरेट नेतृत्व के साथ हुई मुलाकातें भारत-अमेरिका संबंधों में तकनीकी सहयोग के बढ़ते महत्व को दर्शाती हैं। AI and quantum technology, निवेश विस्तार और सप्लाई चेन मजबूती जैसे मुद्दों पर हुई चर्चा भविष्य में दोनों देशों के बीच नई साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है। तेजी से विकसित हो रही तकनीकी दुनिया में यह सहयोग न केवल आर्थिक विकास बल्कि वैश्विक नवाचार को भी नई दिशा देने की क्षमता रखता है।

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