मयंक यादव रिकॉर्ड: दो साल बाद धमाकेदार वापसी, T20I क्रिकेट में बनाया ऐसा विश्व रिकॉर्ड जो पहले कभी नहीं बना
मयंक यादव रिकॉर्ड ने एक बार फिर भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को गर्व करने का मौका दिया है। लगभग दो साल तक चोट के कारण क्रिकेट से दूर रहने के बाद तेज गेंदबाज मयंक यादव ने टीम इंडिया में शानदार वापसी की और जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की T20I सीरीज में अपने प्रदर्शन से इतिहास रच दिया। 24 वर्षीय इस तेज गेंदबाज ने न केवल भारत की 3-0 से सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई, बल्कि ऐसा रिकॉर्ड भी बनाया जो अब तक किसी गेंदबाज के नाम नहीं था।
सीरीज में कुल 5 विकेट लेकर मयंक यादव सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने और अपनी वापसी को यादगार बना दिया।
जिम्बाब्वे सीरीज में रहे भारत के सबसे सफल गेंदबाज
मयंक यादव रिकॉर्ड की चर्चा उनके लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन की वजह से हो रही है।
तीन मैचों की T20I सीरीज में उनका प्रदर्शन इस प्रकार रहा—
- पहला मैच: 4 ओवर, 18 रन, 2 विकेट (प्लेयर ऑफ द मैच)
- दूसरा मैच: 3 ओवर, 25 रन, कोई विकेट नहीं
- तीसरा मैच: 4 ओवर, 29 रन, 3 विकेट
कुल मिलाकर उन्होंने 5 विकेट अपने नाम किए और भारत की 3-0 से क्लीन स्वीप जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पहली ही गेंद पर बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
मयंक यादव रिकॉर्ड का सबसे बड़ा आकर्षण उनकी पहली गेंद पर विकेट लेने की क्षमता रही।
जिम्बाब्वे के बल्लेबाज ब्रायन बेनेट को उन्होंने पहले और तीसरे T20I मुकाबले में पारी की पहली ही गेंद पर गोल्डन डक का शिकार बनाया।
इसके साथ ही मयंक यादव T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के इतिहास में पहले ऐसे गेंदबाज बन गए, जिन्होंने एक ही बल्लेबाज को दो अलग-अलग मैचों में पारी की पहली गेंद पर आउट किया।
यह उपलब्धि अब तक किसी भी गेंदबाज ने हासिल नहीं की थी।
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सिर्फ 6 T20I में तीन बार पहली गेंद पर विकेट
मयंक यादव रिकॉर्ड को और खास बनाता है उनका अविश्वसनीय आंकड़ा।
उन्होंने अब तक केवल 6 T20I मैच खेले हैं, लेकिन इनमें तीन बार विपक्षी टीम की पारी की पहली गेंद पर विकेट लेने में सफल रहे हैं।
ब्रायन बेनेट के अलावा उन्होंने 2024 में बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद T20I में परवेज हुसैन इमोन को भी पहली गेंद पर आउट किया था।
इतनी कम संख्या में मैच खेलकर ऐसा कारनामा करना अपने आप में बेहद दुर्लभ माना जा रहा है।

विश्व रिकॉर्ड की बराबरी
2005 में पहला T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेले जाने के बाद से अब तक कोई भी गेंदबाज तीन से अधिक बार पारी की पहली गेंद पर विकेट नहीं ले सका है।
मयंक यादव रिकॉर्ड के साथ अब वह इस सूची में दुनिया के सात अन्य गेंदबाजों की बराबरी पर पहुंच गए हैं।
भारतीय गेंदबाजों में केवल भुवनेश्वर कुमार ने भी तीन बार यह उपलब्धि हासिल की थी।
हालांकि भुवनेश्वर के तीनों विकेट दूसरी पारी की पहली गेंद पर आए थे, जबकि मयंक ने पहली और दूसरी दोनों पारियों में यह कमाल किया है।
भारत के लिए एक और खास उपलब्धि
मयंक यादव रिकॉर्ड ने भारतीय क्रिकेट को एक और गौरव दिलाया है।
अब भारत दुनिया का इकलौता देश बन गया है जिसके दो अलग-अलग गेंदबाज (मयंक यादव और भुवनेश्वर कुमार) T20I में तीन-तीन बार पारी की पहली गेंद पर विकेट लेने का रिकॉर्ड रखते हैं।
यह भारतीय तेज गेंदबाजी की गुणवत्ता और निरंतरता को भी दर्शाता है।
पहले ओवर में विकेट लेने वाले चुनिंदा भारतीय गेंदबाजों में शामिल
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले मुकाबले में मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद पर विकेट लेकर एक और उपलब्धि अपने नाम की।
वह अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या के बाद ऐसे केवल तीसरे भारतीय गेंदबाज बने जिन्होंने T20I मैच की पहली गेंद पर विकेट हासिल किया।
इस उपलब्धि ने उनके नाम को भारतीय क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में दर्ज करा दिया।

ब्रायन बेनेट बने मयंक यादव के पसंदीदा शिकार
मयंक यादव रिकॉर्ड में ब्रायन बेनेट का नाम खास तौर पर जुड़ गया है।
बेनेट अब T20I इतिहास में उन बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्हें तीन बार पारी की पहली गेंद पर आउट किया गया है।
इस सूची में उनसे आगे केवल फिल सॉल्ट और विलियम पोर्टरफील्ड हैं, जिन्हें चार-चार बार पहली गेंद पर आउट होना पड़ा।
भारत के लिए भविष्य का बड़ा सितारा
दो साल की लंबी चोट के बाद वापसी करना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए आसान नहीं होता।
लेकिन मयंक यादव रिकॉर्ड यह साबित करता है कि उन्होंने न केवल शानदार वापसी की है, बल्कि टीम इंडिया के लिए भविष्य के मैच विनर बनने के संकेत भी दिए हैं।
उनकी तेज रफ्तार, सटीक लाइन-लेंथ और नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता उन्हें भारतीय क्रिकेट का अहम हथियार बना सकती है।
निष्कर्ष
मयंक यादव रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास है। दो साल बाद चोट से वापसी करते हुए उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ T20I सीरीज में 5 विकेट लेकर भारत की क्लीन स्वीप जीत में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही एक ही बल्लेबाज को दो बार पारी की पहली गेंद पर आउट करने वाले दुनिया के पहले गेंदबाज बनकर उन्होंने क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।
अगर मयंक इसी लय को बरकरार रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में वह भारत के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में शामिल हो सकते हैं।(SOURCE)




