कंगना रनौत CJP विवाद: प्रदर्शनकारियों पर बयान के बाद CJP का पलटवार, कहा- ‘उन्हें उनकी पार्टी भी गंभीरता से नहीं लेती’
कंगना रनौत CJP विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा NEET परीक्षा विवाद को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर की गई तीखी टिप्पणियों के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने जोरदार पलटवार किया है। पार्टी ने कहा कि कंगना के बयानों को उनकी अपनी पार्टी के नेता भी गंभीरता से नहीं लेते, इसलिए आंदोलनकारी भी उन्हें महत्व नहीं देते।
दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि कंगना रनौत के बयान केवल सुर्खियां बटोरने के लिए हैं और उनका आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ने वाला।
CJP का जवाब- ‘कंगना को उनकी अपनी पार्टी भी गंभीरता से नहीं लेती’
कंगना रनौत CJP विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए CJP प्रवक्ता सौरव दास ने कहा,
“कंगना रनौत को उनकी अपनी पार्टी के नेता भी ज्यादा गंभीरता से नहीं लेते, फिर हम क्यों लें? मुझे नहीं लगता कि Gen Z, Gen Alpha या नई पीढ़ी का कोई भी व्यक्ति उनके बयानों को गंभीरता से सुनता है।”
उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा करना है, जबकि व्यक्तिगत टिप्पणियां केवल असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं।

कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों पर साधा था निशाना
इससे पहले कंगना रनौत ने NEET पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भाषा और व्यवहार पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके दिवंगत माता-पिता के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया, जो किसी भी छात्र आंदोलन के लिए उचित नहीं है।
कंगना ने कहा,
“हमने भी छात्र आंदोलन देखे हैं, लेकिन इस तरह की भाषा कभी स्वीकार्य नहीं हो सकती।”
उन्होंने यह भी कहा कि छात्र आंदोलन शालीनता और जिम्मेदारी के साथ होने चाहिए।
’16 साल की उम्र से आत्मनिर्भर हूं’
कंगना रनौत ने अपने संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि वह 16 वर्ष की उम्र से आत्मनिर्भर हैं और उन्होंने कभी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं डाला।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भविष्य में इन प्रदर्शनकारियों को महंगे वकीलों की जरूरत पड़े तो क्या वे उसका खर्च उठा पाएंगे।
कंगना ने कहा कि युवाओं को केवल विरोध करने के बजाय अपने भविष्य और करियर पर भी ध्यान देना चाहिए।

इंस्टाग्राम पोस्ट में भी साधा था निशाना
इससे पहले कंगना रनौत CJP विवाद उस समय और बढ़ गया था जब उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर प्रदर्शन से जुड़े वीडियो को “प्यूक इंड्यूसिंग” बताया था।
उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों को “Generation Gutter” कहते हुए दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो समाज के लिए गलत संदेश दे रहे हैं।
उनकी इन टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई थी।
CJP ने आंदोलन की सफलता का किया दावा
CJP ने दावा किया कि उनका 36 दिनों तक चला आंदोलन सरकार पर दबाव बनाने में सफल रहा।
पार्टी का कहना है कि लगातार विरोध प्रदर्शन और जनसमर्थन के बाद केंद्र सरकार ने उनकी कई प्रमुख मांगों पर सकारात्मक कदम उठाए।
इसी क्रम में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया और प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। इसके बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
राजनीतिक बयानबाजी के बीच जारी है बहस
कंगना रनौत CJP विवाद अब केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है।
एक ओर कंगना रनौत प्रदर्शनकारियों के तौर-तरीकों और भाषा पर सवाल उठा रही हैं, वहीं CJP का कहना है कि उनका आंदोलन शिक्षा सुधार और छात्रों के हितों के लिए था, न कि किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है, क्योंकि शिक्षा सुधार, छात्र आंदोलन और राजनीतिक जवाबदेही जैसे विषय अभी भी राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बने हुए हैं।(source)




