देशभर में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और YouTuber Elvish Yadav का एक बड़ा दावा चर्चा में आ गया है। Elvish Yadav Student Protest को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने के बाद उन्हें धमकियां मिलीं। एल्विश का कहना है कि एक भाजपा से जुड़े व्यक्ति ने उन्हें ईडी (ED) की कार्रवाई कराने की धमकी दी।
इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों की बात सुनने की अपील भी की। वहीं, छात्र आंदोलन और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर कई बॉलीवुड कलाकारों और खेल जगत की हस्तियों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने का दावा किया जा रहा है।

Elvish Yadav ने क्या आरोप लगाया?
Elvish Yadav ने 23 जुलाई को अपने YouTube चैनल पर साझा किए गए एक व्लॉग में कहा कि छात्रों के समर्थन में किए गए उनके X (पूर्व में Twitter) पोस्ट के बाद उन्हें धमकियां मिलीं।
उनके अनुसार, एक भाजपा से जुड़े व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि उनके खिलाफ ईडी की रेड कराई जाएगी।
वीडियो में Elvish ने कहा कि इस तरह की खुली धमकियां देना उचित नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी के दबाव में अपनी राय बदलने वाले नहीं हैं।
हालांकि, उन्होंने किसी व्यक्ति का नाम सार्वजनिक रूप से नहीं लिया और न ही इस कथित धमकी से जुड़ा कोई दस्तावेज या अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किया।
छात्रों के समर्थन में किया था पोस्ट
20 जुलाई को Elvish Yadav ने X पर एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें उन्होंने लिखा कि वे न तो भाजपा के समर्थक हैं और न ही कांग्रेस के, लेकिन छात्रों के साथ जो कुछ हो रहा है वह गलत है।
उन्होंने कहा कि जो छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सामने आए हैं, उनके साथ हिंसा नहीं होनी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर उनकी प्रतिक्रिया को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।
प्रधानमंत्री से छात्रों की बात सुनने की अपील
अपने ताजा वीडियो में Elvish Yadav ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से छात्रों की बात सुनने की अपील भी की।
उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के साथ कुछ गलत हो रहा है तो उस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस के साथ भी कहीं गलत हो रहा है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल का समर्थन नहीं करते।
उनका कहना था कि वे केवल वास्तविक छात्रों के साथ खड़े हैं और किसी भी प्रकार की राष्ट्रविरोधी या सांप्रदायिक गतिविधियों का समर्थन नहीं करते।
फिल्म और खेल जगत की प्रतिक्रियाओं का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, छात्र आंदोलन को लेकर कई फिल्मी हस्तियों और खेल जगत के लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने का दावा किया गया है।
दावों के मुताबिक अभिनेता सलमान खान ने छात्रों पर हुई कथित हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि इस मुद्दे को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। यह भी दावा किया गया कि उन्होंने बाद में सोनम वांगचुक के नाम एक भावनात्मक संदेश साझा किया।

इसी तरह रिपोर्ट में आलिया भट्ट, करीना कपूर, वरुण धवन, सारा अली खान, अनन्या पांडे, ट्विंकल खन्ना, आर. माधवन, सोनाक्षी सिन्हा, इमरान खान और नसीरुद्दीन शाह समेत कई कलाकारों के समर्थन का भी उल्लेख किया गया।
साथ ही यह भी दावा किया गया कि शबाना आजमी और प्रकाश राज जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के समर्थन में शामिल हुए।
हालांकि, इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस लेख में नहीं की जा सकती और संबंधित सार्वजनिक बयानों या आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर ही इन्हें सत्यापित किया जा सकता है।
खेल जगत से भी समर्थन के दावे
रिपोर्ट में दावा किया गया कि क्रिकेटर युवराज सिंह ने छात्रों की सुरक्षा और संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया।
शिखर धवन ने छात्रों के सपनों को समझने और धैर्य बनाए रखने की बात कही, जबकि मोहम्मद कैफ ने कथित पुलिस कार्रवाई पर चिंता व्यक्त की।
इसी तरह सचिन तेंदुलकर, शुभमन गिल, ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा और निशानेबाज मनु भाकर के नाम से भी शिक्षा, पारदर्शिता और छात्रों के अधिकारों को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आने का दावा किया गया।
इन प्रतिक्रियाओं को लेकर भी स्वतंत्र सत्यापन आवश्यक है।
छात्र आंदोलन पर बढ़ रही राष्ट्रीय बहस
देशभर में शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब केवल छात्रों तक सीमित नहीं रह गया है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, कलाकारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई लोगों की प्रतिक्रियाओं के दावों ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया है।
वहीं दूसरी ओर, आंदोलन को लेकर अलग-अलग पक्षों की राय भी सामने आ रही है। सरकार, प्रदर्शनकारी संगठनों और विभिन्न सार्वजनिक हस्तियों के बयानों के बीच यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।
आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और आंदोलनकारी पक्षों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है तथा छात्र आंदोलन को लेकर सार्वजनिक समर्थन और प्रतिक्रियाएं किस तरह विकसित होती हैं।





