जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर आतंकियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया है। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के व्यस्त लाल चौक इलाके में दिनदहाड़े हुए Anantnag Terror Attack में जम्मू-कश्मीर पुलिस के कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी शहीद हो गए। बताया जा रहा है कि बाइक पर सवार आए हमलावरों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी पर अचानक फायरिंग की और मौके से फरार हो गए।
घटना ऐसे इलाके में हुई जहां आमतौर पर लोगों की आवाजाही रहती है। हालांकि शुरुआती जानकारी के अनुसार हमला सुबह के समय हुआ, जब अपेक्षाकृत भीड़ कम थी। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थान पर हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और पूरे इलाके को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
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लाल चौक में कैसे हुआ हमला?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अनंतनाग के लाल चौक इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस के कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान बाइक पर आए अज्ञात बंदूकधारियों ने उन पर कई राउंड गोलियां चला दीं। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल पुलिसकर्मी को तत्काल सरकारी मेडिकल कॉलेज, अनंतनाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शहीद कांस्टेबल की पहचान आशिक हुसैन कुरैशी के रूप में हुई है। उनकी उम्र लगभग 35 वर्ष बताई गई है और वे जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के निवासी थे। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब सुरक्षा एजेंसियां घाटी में लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चला रही हैं।
पूरे इलाके की घेराबंदी, सर्च ऑपरेशन जारी
हमले के तुरंत बाद पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों ने पूरे लाल चौक इलाके को घेर लिया। आने-जाने वाले सभी रास्तों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए और वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई। सुरक्षा एजेंसियों का प्रयास है कि हमलावर इलाके से बाहर न निकल सकें। इसी उद्देश्य से आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है।
फिलहाल अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी है। हमले में शामिल आतंकियों की तलाश जारी है और विभिन्न एजेंसियां मिलकर मामले की जांच कर रही हैं। खबर लिखे जाने तक किसी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा नहीं किया था।
भीड़भाड़ वाले इलाके में हमला, सुरक्षा पर सवाल
लाल चौक अनंतनाग का प्रमुख व्यावसायिक और सार्वजनिक इलाका माना जाता है, जहां सामान्य दिनों में लोगों और वाहनों की आवाजाही काफी रहती है।
हालांकि घटना सुबह हुई, जब अपेक्षाकृत कम भीड़ थी, लेकिन सार्वजनिक स्थान पर सुरक्षा बल के जवान को निशाना बनाए जाने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हमले सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती पैदा करते हैं क्योंकि आतंकवादी भीड़भाड़ वाले इलाकों को चुनकर दहशत फैलाने की कोशिश करते हैं।
हाल के महीनों में घाटी की सुरक्षा स्थिति
हाल के महीनों में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां लगातार आतंकवाद विरोधी अभियान चला रही हैं। कई इलाकों में तलाशी अभियान और आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई है। इसी बीच अनंतनाग में हुआ यह हमला एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनकर सामने आया है। फिलहाल सुरक्षा बल हमलावरों की तलाश में व्यापक अभियान चला रहे हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। वहीं सुरक्षा एजेंसियां घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हमले को अंजाम देने वाले आतंकी कौन थे, उनका उद्देश्य क्या था और क्या इस वारदात के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। (Source)





