July 5, 2026 7:29 PM

US Visa Uncertainty 2026: बड़ा खुलासा! Reverse Migration से Indian Tech Jobs पर बढ़ा Pressure

US Visa Uncertainty 2026 के बीच भारतीय टेक प्रोफेशनल्स की अमेरिका से वापसी तेज हो रही है। नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि GCC विस्तार के बावजूद भारत में नौकरी के अवसर उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रहे हैं।

EDITED BY: Rudra Pratap Singh

UPDATED: Sunday, July 5, 2026

US Visa Uncertainty 2026: बड़ा खुलासा! Reverse Migration से Indian Tech Jobs पर बढ़ा Pressure

US Visa Uncertainty 2026: अमेरिका में US Visa Uncertainty 2026 लगातार गहराने के बीच भारतीय टेक प्रोफेशनल्स की बड़ी संख्या में स्वदेश वापसी हो रही है। हालांकि पहली नजर में यह भारत के लिए सकारात्मक संकेत लग सकता है, लेकिन एक नई रिपोर्ट बताती है कि इसका लाभ भारतीय नौकरी बाजार को उतना नहीं मिल रहा, जितनी उम्मीद की जा रही थी। इसके बजाय, कई कंपनियां अमेरिका से लौटे अनुभवी कर्मचारियों को भारत स्थित अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में कम वेतन पर नियुक्त कर रही हैं, जिससे स्थानीय उम्मीदवारों के लिए प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है।

Blind द्वारा किए गए सर्वे में सामने आया कि भारतीय टेक सेक्टर में काम करने वाले अधिकांश पेशेवर इस बदलाव को प्रत्यक्ष रूप से महसूस कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की वीजा नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता ने हजारों भारतीय पेशेवरों को भारत लौटने के लिए मजबूर किया है।

US Visa Uncertainty 2026: सर्वे में क्या सामने आया?

Blind की ओर से 16 जून से 25 जून 2026 के बीच भारत के 1,276 सत्यापित टेक प्रोफेशनल्स पर किए गए सर्वे के अनुसार, 53 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने अमेरिका से भारत लौट रहे भारतीय कर्मचारियों को देखा है।

इनमें:

  • 36 प्रतिशत ने बताया कि उनके सहयोगी या नौकरी के उम्मीदवार पहले ही भारत लौट चुके हैं।
  • 17 प्रतिशत ने कहा कि वे ऐसे लोगों को जानते हैं जो जल्द ही भारत वापस आने की योजना बना रहे हैं।

यह ट्रेंड खासतौर पर बड़ी मल्टीनेशनल टेक कंपनियों में अधिक देखने को मिला।

  • Amazon के 57% कर्मचारियों ने रिवर्स माइग्रेशन देखा।
  • Walmart में यह आंकड़ा 58% रहा।
  • Uber में 55% कर्मचारियों ने इसी तरह का अनुभव साझा किया।

ये कंपनियां फिलहाल भारत में अपने इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट ऑपरेशंस का तेजी से विस्तार कर रही हैं।

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GCC Expansion के बावजूद क्यों नहीं बढ़ रहीं नौकरियां?

रिपोर्ट बताती है कि भारत में तेजी से खुल रहे Global Capability Centres (GCCs) नई नौकरियां जरूर पैदा कर रहे हैं, लेकिन इनका बड़ा हिस्सा अमेरिका से लौटे अनुभवी कर्मचारियों द्वारा भरा जा रहा है।

सर्वे में शामिल 51 प्रतिशत पेशेवरों का मानना है कि पिछले एक वर्ष में उनके क्षेत्र में नौकरी के अवसर कम हुए हैं।

वहीं,

  • केवल 26 प्रतिशत ने कहा कि नौकरियों में वृद्धि हुई है।
  • 23 प्रतिशत का मानना है कि बाजार लगभग पहले जैसा ही बना हुआ है।

इससे यह संकेत मिलता है कि GCC विस्तार का फायदा व्यापक भारतीय टेक वर्कफोर्स तक समान रूप से नहीं पहुंच रहा है। कंपनियां पहले से प्रशिक्षित और अनुभवी कर्मचारियों को प्राथमिकता देकर भर्ती कर रही हैं, जिससे उन्हें कम लागत पर बेहतर दक्षता मिल रही

US Visa Uncertainty 2026
 

AI सेक्टर बना सबसे मजबूत, बाकी भूमिकाओं पर दबाव

US Visa Uncertainty 2026: बड़ा खुलासा! Reverse Migration से Indian Tech Jobs पर बढ़ा Pressureरिपोर्ट में यह भी सामने आया कि सभी टेक भूमिकाओं पर समान प्रभाव नहीं पड़ा है।

AI और Machine Learning से जुड़े पेशेवर अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में हैं।

सर्वे के अनुसार:

  • AI/ML प्रोफेशनल्स में 42% ने नौकरी के अवसर कम होने की बात कही।
  • Software Engineers में यह आंकड़ा 52% रहा।
  • Product Managers में 54% ने अवसर घटने की बात कही।
  • Data एवं Analytics क्षेत्र में 56% लोगों ने नौकरियों में गिरावट महसूस की।

इससे साफ है कि कंपनियां फिलहाल AI आधारित स्किल्स को प्राथमिकता दे रही हैं, जबकि पारंपरिक टेक भूमिकाओं में भर्ती की गति धीमी हो रही है।

भारतीय टेक सेक्टर पर क्या होगा असर?

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका से लौट रहे अनुभवी प्रोफेशनल्स भारतीय टेक उद्योग के लिए अवसर और चुनौती दोनों लेकर आए हैं।

करीब 40 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इस बदलाव का उनके करियर पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

हालांकि,

  • 24 प्रतिशत का मानना है कि लौटे हुए कर्मचारी उन्हीं नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ाएंगे जिनके लिए वे खुद आवेदन करते।
  • 15 प्रतिशत ने कहा कि अब कंपनियां ज्यादा अनुभव की उम्मीद करेंगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया और कठिन हो सकती है।
  • केवल 21 प्रतिशत लोगों का मानना है कि यह बदलाव लंबे समय में भारतीय टेक इकोसिस्टम को मजबूत करेगा और बेहतर अवसर पैदा करेगा।

एक Google कर्मचारी ने सर्वे में बताया कि पिछले छह महीनों में औसत वेतन में गिरावट देखी गई है। उनका कहना था कि भारत में समान भूमिका के लिए मिलने वाला वेतन अमेरिका की तुलना में लगभग पांचवें हिस्से के बराबर हो सकता है। इससे कंपनियों को लागत घटाने और अनुभवी कर्मचारियों को बनाए रखने का लाभ मिलता है।

कुल मिलाकर, US Visa Uncertainty 2026 केवल वीजा नीति का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह भारत के टेक रोजगार बाजार में भी बड़ा संरचनात्मक बदलाव ला रहा है। GCC निवेश लगातार बढ़ रहा है, लेकिन स्थानीय उम्मीदवारों के लिए प्रतिस्पर्धा पहले से अधिक कठिन होती जा रही है। आने वाले वर्षों में AI कौशल, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और उच्च विशेषज्ञता भारतीय टेक प्रोफेशनल्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक लाभ साबित हो सकते हैं।(source)

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