July 16, 2026 10:21 PM

Noida EV Fire: नोएडा EV चार्जिंग हादसे ने छीनी दो जिंदगियां! बेसमेंट में लगी आग से मचा हड़कंप, सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

Noida EV Fire: नोएडा के मामूरा गांव स्थित एक चार मंजिला इमारत में बेसमेंट में चार्ज हो रहे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में आग लगने से दो लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। इस हादसे ने घरों और रिहायशी इमारतों में EV चार्जिंग की सुरक्षा व्यवस्था पर

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Thursday, July 16, 2026

Noida EV Fire: नोएडा EV चार्जिंग हादसे ने छीनी दो जिंदगियां! बेसमेंट में लगी आग से मचा हड़कंप, सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल

नोएडा के सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव में हुए भीषण अग्निकांड ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की चार्जिंग सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। Noida EV Fire में एक चार मंजिला रिहायशी इमारत के बेसमेंट में चार्ज हो रहे इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में आग लगने के बाद पूरे भवन में धुआं फैल गया। इस हादसे में दम घुटने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों परिवारों को दमकल कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिस ने इस मामले में लापरवाही के आरोप में बिल्डिंग के मालिक और लीज होल्डर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।

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कैसे हुआ हादसा?

जानकारी के अनुसार बुधवार, 15 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे इमारत के बेसमेंट में चार्ज हो रहे एक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर में अचानक स्पार्क हुआ। देखते ही देखते आग पास में खड़े अन्य वाहनों तक फैल गई। कुछ वाहनों में पेट्रोल होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और लगातार धमाके होने लगे।

कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत घने काले धुएं से भर गई। बताया गया कि लगभग 50 परिवार भवन के अलग-अलग फ्लोर पर मौजूद थे। धुएं के कारण कई लोग सीढ़ियों तक नहीं पहुंच सके।

इस हादसे में 24 वर्षीय स्नेहा श्रीवास्तव, जो बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली थीं, तीसरी मंजिल पर फंस गईं। बताया गया कि उन्होंने अपने एक रिश्तेदार को फोन कर मदद की गुहार लगाई, लेकिन नीचे फैल चुकी आग और धुएं के कारण वह बाहर नहीं निकल सकीं। दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

दूसरे मृतक 27 वर्षीय रोहित कुमार थे, जो मध्य प्रदेश के बालाघाट के निवासी थे और नोएडा में निजी नौकरी करते थे।

दमकल विभाग की सात गाड़ियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

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EV चार्जिंग सुरक्षा पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?

Noida EV Fire के बाद विशेषज्ञों ने घरों और रिहायशी सोसाइटियों में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन सामान्य घरेलू उपकरणों की तुलना में कहीं अधिक विद्युत क्षमता पर चार्ज होते हैं। इसलिए इनके लिए सुरक्षित वायरिंग, उचित अर्थिंग, मानक चार्जर और पर्याप्त विद्युत सुरक्षा व्यवस्था बेहद जरूरी होती है।

इलेक्ट्रिक वाहन विशेषज्ञों के अनुसार वाहन खरीदते समय हमेशा निर्माता कंपनी द्वारा उपलब्ध कराया गया मूल (ऑरिजिनल) चार्जर ही इस्तेमाल करना चाहिए। अलग-अलग कंपनियों के चार्जर का मिश्रित उपयोग (मिक्स एंड मैच) करने से तकनीकी समस्याएं और सुरक्षा जोखिम बढ़ सकते हैं।

इसके अलावा घर या सोसाइटी में EV चार्जिंग शुरू करने से पहले पूरी इलेक्ट्रिकल वायरिंग, अर्थिंग, एमसीबी (MCB) और अन्य सुरक्षा उपकरणों की जांच किसी अधिकृत तकनीशियन से करानी चाहिए।

विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि यदि चार्जिंग के दौरान चार्जर अत्यधिक गर्म हो, जलने जैसी गंध आए या कोई असामान्य आवाज सुनाई दे तो स्वयं मरम्मत करने की बजाय तुरंत कंपनी के ग्राहक सेवा केंद्र या अधिकृत तकनीशियन से संपर्क करना चाहिए।

पड़ोसियों ने बचाईं कई जिंदगियां

हादसे के दौरान आसपास रहने वाले लोगों ने भी राहत कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सामने की इमारत में रहने वाले कुछ लोगों ने दोनों इमारतों की छतों के बीच लकड़ी की सीढ़ी लगाकर अस्थायी रास्ता बनाया, जिससे कई बच्चों और महिलाओं समेत करीब 20 लोगों को सुरक्षित निकाला जा सका।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस गली में यह इमारत स्थित है, वह काफी संकरी है। इसी कारण दमकल की गाड़ियां सीधे भवन तक नहीं पहुंच सकीं। उन्हें गली के बाहर रुकना पड़ा और वहां से लंबी पाइपलाइन बिछाकर आग बुझाने का काम किया गया। इससे राहत एवं बचाव कार्य में समय लगा।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि यह घटना रात के समय होती, जब अधिकांश लोग सो रहे होते, तो मृतकों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।

बढ़ रही EV, लेकिन सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और सरकार भी स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा दे रही है। हालांकि Noida EV Fire जैसी घटनाएं यह याद दिलाती हैं कि नई तकनीक के साथ सुरक्षा मानकों का पालन भी उतना ही आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन स्वयं जोखिमपूर्ण नहीं होते, लेकिन गलत चार्जिंग व्यवस्था, खराब वायरिंग, निम्न गुणवत्ता के उपकरण या सुरक्षा मानकों की अनदेखी बड़े हादसों की वजह बन सकती है।

फिलहाल पुलिस और फायर विभाग इस घटना की विस्तृत जांच कर रहे हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम मौजूद थे या नहीं। इस हादसे ने रिहायशी इमारतों में EV चार्जिंग से जुड़े सुरक्षा मानकों को लेकर नए सिरे से चर्चा शुरू कर दी है।

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