Indian sailor dies on Oman ship : ओमान के डुक्म पोर्ट से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां एक Indian sailor की मेडिकल जटिलताओं के कारण मौत हो गई। मृतक की पहचान 35 वर्षीय निशांत उर्थननाथन के रूप में हुई है, जो तमिलनाडु के रहने वाले थे और MT Celestial नामक जहाज पर सेकेंड ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे।
घटना के बाद ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि निशांत उर्थननाथन का निधन स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण हुआ। दूतावास ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित सभी पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा जा रहा है।
यह घटना एक बार फिर समुद्री क्षेत्र में कार्यरत Indian sailors के सामने आने वाली चुनौतियों और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े कर रही है।

भारतीय दूतावास ने संभाली जिम्मेदारी
Embassy of India in Muscat ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक बयान में बताया कि निशांत उर्थननाथन का निधन चिकित्सा संबंधी जटिलताओं के कारण हुआ है।
दूतावास ने कहा कि वह जहाज प्रबंधन कंपनी और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि सभी आवश्यक औपचारिकताएं जल्द पूरी की जा सकें। बयान में यह भी कहा गया कि पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
भारतीय मिशन ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और आश्वासन दिया कि सभी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
Indian Sailor संगठन ने उठाए गंभीर सवाल
इस मामले में Forward Seamen’s Union of India ने कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन के अनुसार निशांत 8 जून को बीमार पड़े थे और 11 जून की शाम करीब 6 बजे उनका निधन हो गया।
यूनियन का दावा है कि उनके लिए समय पर चिकित्सा सहायता और आपातकालीन निकासी (इवैक्यूएशन) की व्यवस्था नहीं हो सकी। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि मृत्यु के बाद उनका शव दो दिनों तक जहाज पर ही रखा गया।
FSUI ने कहा कि इस दौरान डुक्म पोर्ट पर संचार सेवाओं में भी बाधा रही, जिससे स्थिति और जटिल हो गई। संगठन ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।
हालांकि इन आरोपों पर अभी तक जहाज प्रबंधन कंपनी या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर उठी जांच की मांग
निशांत उर्थननाथन की मौत की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और ओमान स्थित भारतीय दूतावास को टैग करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
लोग यह जानना चाहते हैं कि बीमार पड़ने के बाद उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता क्यों नहीं मिल सकी और क्या आपातकालीन निकासी की कोई व्यवस्था की गई थी। सोशल मीडिया पर कई उपयोगकर्ताओं ने समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की है।
समुद्री कर्मचारियों के सामने बड़ी चुनौती
समुद्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए चिकित्सा आपात स्थितियां हमेशा चुनौतीपूर्ण होती हैं। कई बार जहाज तट से काफी दूर होते हैं, जिससे तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना कठिन हो जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में तेज समन्वय, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं तक त्वरित पहुंच बेहद महत्वपूर्ण होती है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री उद्योग में स्वास्थ्य और सुरक्षा मानकों को लगातार मजबूत करने पर जोर दिया जाता है।
फिलहाल भारतीय दूतावास पार्थिव शरीर को भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है। वहीं, निशांत उर्थननाथन की मौत के वास्तविक हालात को लेकर सवाल बने हुए हैं। जांच की मांग के बीच सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे आने वाली रिपोर्टों में क्या खुलासा होता है।




