उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। Greater Noida STP Tank Death मामले में सेक्टर-150 स्थित एक हाउसिंग सोसायटी के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) टैंक की सफाई के दौरान दो लोगों की मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, घटना 25 और 26 जुलाई की दरम्यानी रात नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र की एल्डेको हाउसिंग सोसायटी में हुई। एक कर्मचारी टैंक की सफाई के दौरान बेहोश हो गया, जबकि उसे बचाने के लिए अंदर उतरा सुरक्षा गार्ड भी बेहोश हो गया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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सफाई के दौरान हुआ हादसा
पुलिस के मुताबिक, मृतकों में 40 वर्षीय शशिकांत शर्मा शामिल हैं, जो राजस्थान के करौली जिले के गड़मुरा गांव के रहने वाले थे और सोसायटी में STP टैंक की सफाई का काम कर रहे थे।
सफाई के दौरान शशिकांत अचानक टैंक के अंदर बेहोश हो गए। उन्हें बचाने के लिए 22 वर्षीय आकाश, जो उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के इटाहरी गांव का निवासी था और सोसायटी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था, टैंक में उतरा। लेकिन वह भी अंदर बेहोश हो गया।
अस्पताल में दोनों को मृत घोषित किया गया
घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दोनों को टैंक से बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है और मामले में पंचनामा की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आगे की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।
मौत की वजह की जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि टैंक के अंदर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण दोनों बेहोश हुए हो सकते हैं। हालांकि वास्तविक कारण जांच और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद ही स्पष्ट होगा।
जून में दिल्ली में भी हुआ था ऐसा ही हादसा
इससे पहले जून महीने में दिल्ली के मुंडका औद्योगिक क्षेत्र में भी ऐसा ही एक हादसा हुआ था। वहां एक फैक्ट्री परिसर के सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान कथित तौर पर जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री ने टैंक की सफाई के लिए एक व्यक्ति को नियुक्त किया था। सफाई के दौरान तीनों मजदूर टैंक के अंदर गिर गए और उनकी मौत हो गई। बाद में शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया था।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रेटर नोएडा की घटना के बाद सीवेज टैंक और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सुरक्षा मानकों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। ऐसे कार्यों के दौरान गैस की जांच, पर्याप्त ऑक्सीजन, सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित बचाव व्यवस्था बेहद आवश्यक मानी जाती है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। (Source)





