Delhi Malviya Nagar Hotel Fire: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे होटल में हुए भीषण अग्निकांड की जांच के दौरान एक नया और गंभीर खुलासा सामने आया है। Delhi Malviya Nagar Hotel Fire मामले में दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि होटल मालिक लवकेश बजाज ने कथित तौर पर दो बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय पहचान दस्तावेज हासिल करने के लिए अपने आवासीय पते का इस्तेमाल करने की अनुमति दी थी।
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी बयान के अनुसार, पूछताछ के दौरान लवकेश बजाज ने स्वीकार किया कि उन्होंने बांग्लादेशी नागरिक स्वीटी सरकार और उनकी बेटी पुष्पो सरकार को अपने छतरपुर स्थित पते का उपयोग भारतीय पहचान दस्तावेज प्राप्त करने के लिए करने दिया था। पुलिस का आरोप है कि यह सुविधा कथित रूप से आर्थिक लाभ के बदले प्रदान की गई थी।
यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब बजाज पहले से ही मालवीय नगर होटल अग्निकांड मामले में पुलिस हिरासत में हैं। इस आग में 21 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 28 अन्य लोग घायल हुए थे।

Delhi Malviya Nagar Hotel Fire जांच में नया खुलासा
पुलिस के अनुसार यह मामला 29 जनवरी 2025 को दर्ज किया गया था। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि स्वीटी सरकार, पुष्पो सरकार और पुष्पो के नाबालिग बेटे कथित रूप से फर्जी तरीके से प्राप्त भारतीय दस्तावेजों के आधार पर दिल्ली में रह रहे थे।
जांच में सामने आया कि उनके पास आधार कार्ड और भारतीय पासपोर्ट जैसे दस्तावेज मौजूद थे। जब पुलिस ने पासपोर्ट आवेदन में दिए गए पते का सत्यापन किया तो जांच की कड़ी लवकेश बजाज तक पहुंची।
दिल्ली पुलिस का दावा है कि पता सत्यापन के दौरान यह जानकारी मिली कि बजाज ने जानबूझकर अपने आवासीय पते का उपयोग दस्तावेज बनवाने के लिए करने दिया था। इसके बाद पुलिस ने लवकेश बजाज, स्वीटी सरकार और पुष्पो सरकार को गिरफ्तार कर लिया।
जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई है। वहीं पुष्पो सरकार के नाबालिग बेटे के संबंध में भी कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस सूचना रिपोर्ट (PIR) प्रस्तुत की गई है।
होटल अग्निकांड में पहले से घिरे हैं लवकेश बजाज
Delhi Malviya Nagar Hotel Fire मामले में लवकेश बजाज पहले से ही मुख्य आरोपी हैं। उनका फ्लोरिश स्टे होटल मालवीय नगर के हौज रानी क्षेत्र में स्थित है, जहां 3 जून की सुबह भीषण आग लग गई थी।
अग्निकांड में 21 लोगों की मौत हो गई जबकि 28 लोग घायल हुए। मृतकों और घायलों में कई बाहरी राज्यों और अन्य स्थानों से आए लोग शामिल थे। घटना के बाद दमकल विभाग, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान चलाया था।

पुलिस जांच में होटल की सुरक्षा व्यवस्थाओं और अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर भी कई सवाल उठे हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया गया होता तो नुकसान कम हो सकता था।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
दिल्ली पुलिस ने लवकेश बजाज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें गैर-इरादतन हत्या, आग लगाकर नुकसान पहुंचाना, संपत्ति को क्षति पहुंचाना, लोगों के जीवन को खतरे में डालना और आग के प्रति लापरवाही बरतना जैसी धाराएं शामिल हैं।
गिरफ्तारी के बाद बजाज को साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) भानु प्रताप सिंह ने उन्हें चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। पुलिस अब उनसे होटल संचालन, सुरक्षा मानकों और कथित दस्तावेज घोटाले से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ कर रही है।
जांच के आगे बढ़ने पर हो सकते हैं और खुलासे
Delhi Malviya Nagar Hotel Fire मामले की जांच अब केवल आग लगने के कारणों तक सीमित नहीं रही है। पुलिस विदेशी नागरिकों, पहचान दस्तावेजों और होटल संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं दस्तावेजों के जरिए अवैध रूप से भारत में रहने से जुड़े आरोपों की भी अलग से जांच की जा रही है।
इस बीच मालवीय नगर अग्निकांड ने राजधानी में होटल सुरक्षा, भवन मानकों और पहचान सत्यापन प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में जांच से जुड़े और खुलासे सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
Source – ANI






