Chennai Grandmasters : भारत में आयोजित होने वाला Chennai Grandmasters इस बार दुनिया के सबसे मजबूत क्लासिकल शतरंज टूर्नामेंटों में से एक बनने जा रहा है। आठ शीर्ष युवा ग्रैंडमास्टर्स की मौजूदगी के कारण Chennai Grandmasters को लेकर दुनियाभर के शतरंज प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह है। भारतीय खिलाड़ियों डी. गुकेश, अर्जुन एरिगैसी, निहाल सरीन और प्रणेश के साथ उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव, फ्रांस के अलीरेजा फिरोज़ा, अमेरिका के हैंस नीमन और रूस के दिमित्री आंद्रेइकिन इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
हालांकि पूरे टूर्नामेंट में कई बड़े मुकाबले देखने को मिलेंगे, लेकिन सबसे अधिक चर्चा विश्व चैंपियन डी. गुकेश और नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव के बीच होने वाली भिड़ंत की हो रही है। दोनों खिलाड़ियों के बीच पिछले कुछ वर्षों में कई यादगार मुकाबले हो चुके हैं और Chennai Grandmasters में भी इस प्रतिद्वंद्विता के एक नए अध्याय की उम्मीद की जा रही है।

Chennai Grandmasters से जुड़ी हैं Abdusattorov की खास यादें
Chennai Grandmasters में हिस्सा लेने से पहले नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव ने चेन्नई से जुड़ी अपनी पुरानी यादों को साझा किया। उन्होंने बताया कि 2022 के शतरंज ओलंपियाड के दौरान वे महाबलीपुरम के जिस होटल में ठहरे थे, उसे उन्होंने दोबारा खोजने की कोशिश की।
अब्दुसत्तोरोव ने कहा कि उस शहर से उनकी कई अच्छी यादें जुड़ी हुई हैं। उन्होंने यहां तक सोचा कि पुराने होटल में जाकर उन पलों को फिर से महसूस करें, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण उन्होंने मौजूदा होटल में ही रुकने का फैसला किया।
2022 शतरंज ओलंपियाड में उज्बेकिस्तान की टीम ने भारत को हराकर खिताब अपने नाम किया था। उस मुकाबले में शीर्ष बोर्ड पर अब्दुसत्तोरोव ने गुकेश को हराया था, जिसने टूर्नामेंट की दिशा बदल दी थी। वही मुकाबला आज भी दोनों खिलाड़ियों की सबसे चर्चित भिड़ंतों में गिना जाता है।
Gukesh और Abdusattorov की पुरानी प्रतिद्वंद्विता
Chennai Grandmasters में होने वाला गुकेश और अब्दुसत्तोरोव का मुकाबला केवल एक राउंड नहीं बल्कि पिछले कई वर्षों से चली आ रही प्रतिद्वंद्विता का नया अध्याय माना जा रहा है।
2022 ओलंपियाड के बाद दोनों खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक-दूसरे के खिलाफ खेलते रहे हैं। इस दौरान गुकेश विश्व चैंपियन बनने में सफल रहे, जबकि भारत ने दोबारा शतरंज ओलंपियाड का स्वर्ण पदक भी जीता।
दूसरी ओर अब्दुसत्तोरोव अभी तक कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में जगह नहीं बना पाए हैं, हालांकि उन्हें दुनिया के सबसे खतरनाक युवा खिलाड़ियों में गिना जाता है।
इस वर्ष की शुरुआत में टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट में भी दोनों आमने-सामने आए थे। उस मुकाबले में गुकेश से एक बड़ी गलती हुई, जिसके बाद उन्हें हार का सामना करना पड़ा। उस हार के बाद गुकेश काफी निराश दिखाई दिए थे और बाद में उन्होंने स्वीकार किया था कि उन्हें खुद समझ नहीं आया कि इतनी बड़ी गलती आखिर कैसे हो गई।
अब Chennai Grandmasters में दोनों खिलाड़ी फिर आमने-सामने होंगे और शतरंज प्रेमियों की नजरें इस मुकाबले पर टिकी रहेंगी।

Chennai Grandmasters में युवा सितारों की होगी कड़ी चुनौती
Chennai Grandmasters की खास बात यह है कि इसमें लगभग सभी खिलाड़ी युवा हैं और आक्रामक खेल के लिए जाने जाते हैं। अब्दुसत्तोरोव का मानना है कि इतने छोटे टूर्नामेंट में हर मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण होगा क्योंकि यहां कोई भी खिलाड़ी किसी को भी हरा सकता है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी खिलाड़ी की शुरुआत अच्छी रहती है तो उसके पास खिताब जीतने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए भी Chennai Grandmasters बेहद अहम माना जा रहा है। अर्जुन एरिगैसी शानदार फॉर्म में हैं, जबकि निहाल सरीन और युवा प्रतिभा प्रणेश भी बड़ा उलटफेर करने की क्षमता रखते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में भारतीय खिलाड़ियों ने उज्बेकिस्तान में कई महत्वपूर्ण टूर्नामेंट जीते हैं, जबकि उज्बेक खिलाड़ियों ने भारत में शानदार प्रदर्शन किया है। अब्दुसत्तोरोव का मानना है कि घरेलू खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव होता है, जबकि बाहर खेलने वाली टीम अधिक प्रेरित रहती है।
इस बार भारतीय खिलाड़ी इस सिलसिले को बदलना चाहेंगे और Chennai Grandmasters में घरेलू सरजमीं पर शानदार प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
पहले दौर में गुकेश का मुकाबला निहाल सरीन से होगा, जबकि अर्जुन एरिगैसी दिमित्री आंद्रेइकिन से भिड़ेंगे। प्रणेश का सामना अलीरेजा फिरोज़ा से होगा और नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव की भिड़ंत हैंस नीमन से होगी। इन मुकाबलों के नतीजे आगे के राउंड्स की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।




