1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार देश का आम बजट पेश किया। Union Budget 2026 में सरकार ने हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, मेडिकल हब, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश बढ़ाने जैसे कई बड़े ऐलान किए। लेकिन जैसे ही बजट भाषण खत्म हुआ, संसद के बाहर और भीतर सियासी हलचल तेज हो गई। विपक्ष ने बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे आम जनता, गरीब, किसान, युवा और राज्यों की उपेक्षा करने वाला बजट बताया।
Budget 2026 Opposition Reaction इस बार इसलिए भी अहम है क्योंकि लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरा, लेकिन उनकी बातों का सार एक जैसा रहा। विपक्ष का कहना है कि यह बजट जमीनी हकीकत से कटा हुआ है और केवल चुनिंदा वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सबसे पहले बात करते हैं समाजवादी पार्टी के मुखिया की, जिन्होंने बजट पर सबसे कड़ा हमला बोला।
ये भी पढ़े: Budget 2026 Neighbourhood Policy: Union Budget 2026 में Bangladesh Aid Cut और Chabahar Port Funding Zero होने का क्या मतलब है !!

अखिलेश यादव का आरोप: ‘बीजेपी सिर्फ 5% लोगों के लिए बजट बनाती है’
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट 2026 को लेकर कहा कि बीजेपी की सरकार हमेशा की तरह इस बार भी सिर्फ 5% लोगों के लिए बजट लेकर आई है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता के लिए समझ से बाहर है और इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि पोस्टमार्टम किसका होना है और ले जाया किसे जा रहा है, ऑपरेशन किसका होना है और ले जाया किसे जा रहा है, यह हाल है सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना मजबूत शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के विकसित भारत का सपना कैसे पूरा होगा।
उनका कहना था कि यह बजट सपने दिखाने वाला बजट है, न कि जमीनी समस्याओं का समाधान देने वाला। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने अपने पुराने घोषणापत्रों पर काम नहीं किया, उनसे इस बजट से उम्मीद करना ही बेकार है। अगर सरकार दावा कर रही है कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए हैं, तो यह भी बताए कि देश की बाकी 95% आबादी की प्रति व्यक्ति आय क्या है।
शशि थरूर की प्रतिक्रिया: ‘बजट भाषण में डिटेल्स गायब’
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने Budget 2026 criticism करते हुए कहा कि बजट भाषण में सिर्फ तीन-चार हेडलाइंस सुनने को मिलीं, लेकिन जरूरी डिटेल्स गायब थीं। उन्होंने कहा कि वह खास तौर पर ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद को लेकर घोषणा का इंतजार कर रहे थे, लेकिन केरल के लिए ऐसी कोई बात सामने नहीं आई।

शशि थरूर ने यह भी कहा कि केरल की आयुर्वेद, फिशरीज और कोकोनट प्रोडक्शन में बड़ी भूमिका है, फिर भी बजट भाषण में केरल का नाम नहीं आया। उन्होंने माना कि हो सकता है बजट डॉक्यूमेंट्स में कुछ डिटेल्स हों, लेकिन सिर्फ भाषण के आधार पर देखें तो यह काफी निराशाजनक रहा। उनका कहना था कि बजट भाषण में डिटेल्स की कमी यह दिखाती है कि सरकार ने राज्यों की विविध जरूरतों को गंभीरता से नहीं रखा।
इमरान मसूद का हमला: ‘कारोबारियों और एक्सपोर्टर्स को कोई राहत नहीं’
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने Budget 2026 Opposition Reaction में सरकार को टैरिफ और व्यापार के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि बजट से उम्मीद थी कि किसानों, नौजवानों और कारोबारियों को राहत मिलेगी, लेकिन हाथ में सिर्फ खाली डिब्बा आया है।
इमरान मसूद ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ की वजह से भारतीय कारोबार और एक्सपोर्टर्स पहले ही दबाव में हैं, लेकिन बजट में उन्हें राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस माहौल में, जब देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने की जरूरत थी, सरकार ने एक्सपोर्ट सेक्टर को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
अभिषेक बनर्जी का बयान: ‘यह बजट Faceless, Baseless और Visionless है’
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने बजट 2026 पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पूरे 85 मिनट के बजट भाषण में एक बार भी बंगाल का नाम नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि 5100 सेकंड के भाषण में बंगाल का जिक्र तक न होना बेहद चौंकाने वाला है।

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह बजट किसी भी समुदाय के लिए ठोस समाधान नहीं देता। चाहे किसान हों, युवा हों या अन्य वर्ग, किसी के लिए रोजगार, इनकम स्टेबिलिटी या आर्थिक सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्किल इंडिया और टेक्नोलॉजी की बात तो करती है, लेकिन यह नहीं बताती कि इससे रोजगार कैसे पैदा होंगे। उनके शब्दों में, यह बजट पूरी तरह फेसलेस, बेसलेस और विजनलेस है।
मीसा भारती का सवाल: ‘पूरे बजट में बिहार का नाम नहीं सुना’
राजद सांसद मीसा भारती ने भी Budget 2026 criticism में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पूरे बजट भाषण में बिहार शब्द सुनाई ही नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि एनडीए को इतनी बड़ी जीत मिलने के बाद भी बिहार के लिए कोई खास ऐलान क्यों नहीं किया गया।
मीसा भारती ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बिहार की महिलाओं को महंगाई से राहत मिलेगी, बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के मौके आएंगे, लेकिन बजट में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े शब्दों का इस्तेमाल तो करती है, लेकिन जमीन पर आत्मनिर्भर और विकसित भारत का कोई ठोस रास्ता नहीं दिखता।
Budget 2026 Opposition Reaction का सार
अगर सभी विपक्षी प्रतिक्रियाओं को एक साथ देखें, तो कुछ कॉमन पॉइंट्स साफ उभरकर सामने आते हैं। विपक्ष का कहना है कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसानों की आय और राज्यों की जरूरतों को प्राथमिकता नहीं दी गई। बजट में बड़े शब्द और बड़े वादे हैं, लेकिन उनके पीछे ठोस योजना और स्पष्ट दिशा नहीं दिखती। विपक्ष यह भी मानता है कि यह बजट ज्यादा कॉरपोरेट और चुनिंदा वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जबकि आम जनता, मजदूर, किसान और युवा खुद को इससे जुड़ा हुआ महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
निष्कर्ष: सियासी बहस और जनता का फैसला
Union Budget 2026 को लेकर सियासी बहस तेज है। सरकार इसे विकास और निवेश बढ़ाने वाला बजट बता रही है, वहीं विपक्ष इसे आम जनता से कटा हुआ और असंतुलित करार दे रहा है। आखिरकार यह जनता पर निर्भर करता है कि वह इस बजट को कैसे देखती है और इससे उसे क्या उम्मीदें हैं। आपने भी बजट देखा होगा। आपको यह बजट कैसा लगा, अपनी राय जरूर साझा करें।

Budget 2026 Opposition Reaction: Union Budget 2026 को लेकर विपक्ष ने क्यों कहा ‘5% लोगों का बजट’, ‘Faceless और Visionless’ !!
1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार देश का आम बजट पेश किया। Union Budget 2026 में सरकार ने हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, मेडिकल हब, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश बढ़ाने जैसे कई बड़े ऐलान किए। लेकिन जैसे ही बजट भाषण खत्म हुआ, संसद के
BY: Vishal Yadav
EDITED BY: Vishal Yadav
UPDATED: Sunday, February 1, 2026
1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार देश का आम बजट पेश किया। Union Budget 2026 में सरकार ने हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, मेडिकल हब, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश बढ़ाने जैसे कई बड़े ऐलान किए। लेकिन जैसे ही बजट भाषण खत्म हुआ, संसद के बाहर और भीतर सियासी हलचल तेज हो गई। विपक्ष ने बजट को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और इसे आम जनता, गरीब, किसान, युवा और राज्यों की उपेक्षा करने वाला बजट बताया।
Budget 2026 Opposition Reaction इस बार इसलिए भी अहम है क्योंकि लगभग सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने अलग-अलग मुद्दों पर सरकार को घेरा, लेकिन उनकी बातों का सार एक जैसा रहा। विपक्ष का कहना है कि यह बजट जमीनी हकीकत से कटा हुआ है और केवल चुनिंदा वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। सबसे पहले बात करते हैं समाजवादी पार्टी के मुखिया की, जिन्होंने बजट पर सबसे कड़ा हमला बोला।
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अखिलेश यादव का आरोप: ‘बीजेपी सिर्फ 5% लोगों के लिए बजट बनाती है’
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट 2026 को लेकर कहा कि बीजेपी की सरकार हमेशा की तरह इस बार भी सिर्फ 5% लोगों के लिए बजट लेकर आई है। उन्होंने कहा कि यह बजट आम जनता के लिए समझ से बाहर है और इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था का उदाहरण देते हुए कहा कि पोस्टमार्टम किसका होना है और ले जाया किसे जा रहा है, ऑपरेशन किसका होना है और ले जाया किसे जा रहा है, यह हाल है सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था का। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना मजबूत शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के विकसित भारत का सपना कैसे पूरा होगा।
उनका कहना था कि यह बजट सपने दिखाने वाला बजट है, न कि जमीनी समस्याओं का समाधान देने वाला। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने अपने पुराने घोषणापत्रों पर काम नहीं किया, उनसे इस बजट से उम्मीद करना ही बेकार है। अगर सरकार दावा कर रही है कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ गए हैं, तो यह भी बताए कि देश की बाकी 95% आबादी की प्रति व्यक्ति आय क्या है।
शशि थरूर की प्रतिक्रिया: ‘बजट भाषण में डिटेल्स गायब’
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने Budget 2026 criticism करते हुए कहा कि बजट भाषण में सिर्फ तीन-चार हेडलाइंस सुनने को मिलीं, लेकिन जरूरी डिटेल्स गायब थीं। उन्होंने कहा कि वह खास तौर पर ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ आयुर्वेद को लेकर घोषणा का इंतजार कर रहे थे, लेकिन केरल के लिए ऐसी कोई बात सामने नहीं आई।
शशि थरूर ने यह भी कहा कि केरल की आयुर्वेद, फिशरीज और कोकोनट प्रोडक्शन में बड़ी भूमिका है, फिर भी बजट भाषण में केरल का नाम नहीं आया। उन्होंने माना कि हो सकता है बजट डॉक्यूमेंट्स में कुछ डिटेल्स हों, लेकिन सिर्फ भाषण के आधार पर देखें तो यह काफी निराशाजनक रहा। उनका कहना था कि बजट भाषण में डिटेल्स की कमी यह दिखाती है कि सरकार ने राज्यों की विविध जरूरतों को गंभीरता से नहीं रखा।
इमरान मसूद का हमला: ‘कारोबारियों और एक्सपोर्टर्स को कोई राहत नहीं’
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने Budget 2026 Opposition Reaction में सरकार को टैरिफ और व्यापार के मुद्दे पर घेरा। उन्होंने कहा कि बजट से उम्मीद थी कि किसानों, नौजवानों और कारोबारियों को राहत मिलेगी, लेकिन हाथ में सिर्फ खाली डिब्बा आया है।
इमरान मसूद ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ की वजह से भारतीय कारोबार और एक्सपोर्टर्स पहले ही दबाव में हैं, लेकिन बजट में उन्हें राहत देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस माहौल में, जब देश को आर्थिक रूप से मजबूत करने की जरूरत थी, सरकार ने एक्सपोर्ट सेक्टर को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया।
अभिषेक बनर्जी का बयान: ‘यह बजट Faceless, Baseless और Visionless है’
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी ने बजट 2026 पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पूरे 85 मिनट के बजट भाषण में एक बार भी बंगाल का नाम नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि 5100 सेकंड के भाषण में बंगाल का जिक्र तक न होना बेहद चौंकाने वाला है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि यह बजट किसी भी समुदाय के लिए ठोस समाधान नहीं देता। चाहे किसान हों, युवा हों या अन्य वर्ग, किसी के लिए रोजगार, इनकम स्टेबिलिटी या आर्थिक सुरक्षा को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्किल इंडिया और टेक्नोलॉजी की बात तो करती है, लेकिन यह नहीं बताती कि इससे रोजगार कैसे पैदा होंगे। उनके शब्दों में, यह बजट पूरी तरह फेसलेस, बेसलेस और विजनलेस है।
मीसा भारती का सवाल: ‘पूरे बजट में बिहार का नाम नहीं सुना’
राजद सांसद मीसा भारती ने भी Budget 2026 criticism में सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पूरे बजट भाषण में बिहार शब्द सुनाई ही नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि एनडीए को इतनी बड़ी जीत मिलने के बाद भी बिहार के लिए कोई खास ऐलान क्यों नहीं किया गया।
मीसा भारती ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि बिहार की महिलाओं को महंगाई से राहत मिलेगी, बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार के मौके आएंगे, लेकिन बजट में ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े-बड़े शब्दों का इस्तेमाल तो करती है, लेकिन जमीन पर आत्मनिर्भर और विकसित भारत का कोई ठोस रास्ता नहीं दिखता।
Budget 2026 Opposition Reaction का सार
अगर सभी विपक्षी प्रतिक्रियाओं को एक साथ देखें, तो कुछ कॉमन पॉइंट्स साफ उभरकर सामने आते हैं। विपक्ष का कहना है कि बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, किसानों की आय और राज्यों की जरूरतों को प्राथमिकता नहीं दी गई। बजट में बड़े शब्द और बड़े वादे हैं, लेकिन उनके पीछे ठोस योजना और स्पष्ट दिशा नहीं दिखती। विपक्ष यह भी मानता है कि यह बजट ज्यादा कॉरपोरेट और चुनिंदा वर्गों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जबकि आम जनता, मजदूर, किसान और युवा खुद को इससे जुड़ा हुआ महसूस नहीं कर पा रहे हैं।
निष्कर्ष: सियासी बहस और जनता का फैसला
Union Budget 2026 को लेकर सियासी बहस तेज है। सरकार इसे विकास और निवेश बढ़ाने वाला बजट बता रही है, वहीं विपक्ष इसे आम जनता से कटा हुआ और असंतुलित करार दे रहा है। आखिरकार यह जनता पर निर्भर करता है कि वह इस बजट को कैसे देखती है और इससे उसे क्या उम्मीदें हैं। आपने भी बजट देखा होगा। आपको यह बजट कैसा लगा, अपनी राय जरूर साझा करें।
Vishal Yadav
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