July 30, 2026 11:17 PM

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Amit Shah Jantar Mantar Row: खड़गे के ‘घसीटकर बाहर लाएंगे’ बयान पर संसद में जबरदस्त हंगामा

Amit Shah Jantar Mantar Row को लेकर संसद में तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया, जबकि बीजेपी ने उनके बयान को गैर-संसदीय करार दिया।

EDITED BY: Rudra Pratap Singh

UPDATED: Thursday, July 30, 2026

Amit Shah Jantar Mantar Row: खड़गे के 'घसीटकर बाहर लाएंगे' बयान पर संसद में जबरदस्त हंगामा
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Amit Shah Jantar Mantar Row: खड़गे के बयान पर संसद में हंगामा, पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने

Amit Shah Jantar Mantar Row को लेकर गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में जबरदस्त राजनीतिक टकराव देखने को मिला। कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला तेज कर दिया। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान को “गैर-संसदीय” बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब संसद में Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 पर चर्चा चल रही थी।

खड़गे ने अमित शाह पर साधा निशाना

Amit Shah Jantar Mantar Row के दौरान राज्यसभा में बोलते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया।

उन्होंने कहा कि कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं और इसके लिए गृह मंत्रालय जिम्मेदार है।

खड़गे ने कहा कि गृह मंत्री बंद कमरे में हमेशा नहीं रह सकते और एक दिन जनता उन्हें जवाब देने के लिए बाहर लेकर आएगी। उनके इस बयान पर सत्ता पक्ष ने तत्काल विरोध दर्ज कराया।

जेपी नड्डा ने जताई आपत्ति

खड़गे के बयान के बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि इस तरह की भाषा संसद की गरिमा के अनुरूप नहीं है और इसे रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए।

इसके जवाब में खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनका आशय व्यक्तिगत धमकी देना नहीं था।

उन्होंने कहा कि “घसीटकर बाहर लाने” से उनका मतलब ‘जनशक्ति’, यानी जनता, छात्र और महिलाएं थीं, न कि कांग्रेस पार्टी या व्यक्तिगत रूप से स्वयं।

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Amit Shah Jantar Mantar Row
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राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल

Amit Shah Jantar Mantar Row के बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा की गई कथित कार्रवाई की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है।

राहुल गांधी ने कहा कि यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग हुआ है, तो इसकी अनुमति केवल प्रधानमंत्री या गृह मंत्री के स्तर से ही मिल सकती है।

उनके इस बयान पर भी सत्ता पक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

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सरकार ने आरोपों को बताया निराधार

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने राहुल गांधी के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।

उन्होंने कहा कि बिना किसी सबूत के गृह मंत्री पर इतने गंभीर आरोप लगाना विशेषाधिकार का उल्लंघन है।

रिजिजू ने राहुल गांधी से सदन में अपने बयान के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने या फिर माफी मांगने की मांग की।

वहीं केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन के दौरान किसी प्रकार की गोलीबारी नहीं हुई थी और केवल आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया था।

अखिलेश यादव ने भी उठाया सवाल

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने विपक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि यदि विपक्ष गंभीर आरोप लगा रहा है तो सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि बल प्रयोग का आदेश किस स्तर से दिया गया था।

इस दौरान सदन में कई बार शोर-शराबा हुआ और कार्यवाही भी प्रभावित हुई।

किस बात को लेकर है पूरा विवाद?

Amit Shah Jantar Mantar Row की पृष्ठभूमि 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन से जुड़ी है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र संसद की ओर मार्च कर रहे थे।

इस दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। विपक्ष का आरोप है कि छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया, जबकि सरकार इन आरोपों से इनकार कर रही है।

ये भी पढ़े:Ruchika Singh Zero FIR: पीएम मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद दर्ज केस, दिल्ली पुलिस करेगी जांच 

RAF की डायरी में क्या सामने आया?

मामले ने नया मोड़ तब लिया जब मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि Rapid Action Force (RAF) के एक अधिकारी की जनरल डायरी में उल्लेख है कि प्रदर्शन के दौरान दो बार pellet rounds का इस्तेमाल किया गया था।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस्तेमाल किए गए पेलेट धातु के थे या प्लास्टिक के।

इसी बीच CRPF ने पूरे मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।

Public Examinations Amendment Bill 2026 भी हुआ पारित

इसी बहस के बीच संसद ने Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

इस नए कानून का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई, कड़ी सजा और समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करना है।

निष्कर्ष

Amit Shah Jantar Mantar Row अब केवल संसद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन चुका है। एक ओर विपक्ष छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांग रहा है, वहीं सरकार आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष से सबूत पेश करने की मांग कर रही है। इस मामले में चल रही जांच और आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही कई सवालों के जवाब सामने आ सकेंगे।(source)

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