असम में Dibisa Mahanta का नाम इन दिनों राजनीतिक और सोशल मीडिया चर्चा के केंद्र में है। असम सरकार के मंत्री केशव महंता की बेटी Dibisa Mahanta NEET Paper Leak के विरोध में आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल हुईं, जहां उनके कुछ बयानों और नारों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला तब और सुर्खियों में आ गया जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी वयस्क बच्चे के विचारों या बयानों के लिए उसके माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
Dibisa Mahanta के प्रदर्शन में शामिल होने और उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है।
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Dibisa Mahanta ने प्रदर्शन में क्या कहा?
23 जुलाई को गुवाहाटी में NEET Paper Leak और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसी प्रदर्शन में Dibisa Mahanta भी शामिल हुईं।
प्रदर्शन के दौरान Dibisa Mahanta ने कहा कि “मेरे पेट से ज्यादा पेपर लीक हो रहे हैं।” उन्होंने NEET Paper Leak को राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बताते हुए उन छात्रों के प्रति दुख भी व्यक्त किया, जिन्होंने इस मामले के कारण अपनी जान गंवाई। वायरल वीडियो में Dibisa Mahanta प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कुछ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करती हुई भी दिखाई देती हैं।
एक अन्य वीडियो में Dibisa Mahanta ने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते थे, लेकिन स्थिति हिंसक हो गई। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी बहादुरी ने उन्हें भी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
रिपोर्टों के अनुसार, Dibisa Mahanta ने इंग्लैंड की एक यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और उनके पास दो अलग-अलग विषयों में मास्टर डिग्री है।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने क्या कहा?
Dibisa Mahanta के बयान पर विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से प्रेस कॉन्फ्रेंस में सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि किसी भी वयस्क बच्चे के विचारों के लिए उसके माता-पिता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अपने परिवार में भी कई लोग उनकी राजनीतिक विचारधारा से सहमत नहीं हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि उनका भाई भी कई मामलों में उनसे असहमत रहता है और उनके बच्चे भी हर विषय पर उनकी राय से सहमत नहीं होते।
हिमंत बिस्वा सरमा ने यह भी कहा कि Dibisa Mahanta द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा से उन्हें दुख हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उनकी Dibisa Mahanta से मुलाकात होती है तो वह इस विषय पर उनसे बातचीत करेंगे और समझाने की कोशिश करेंगे कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में उनका अपना बेटा भी कोई विवादित बयान देता है तो उसके लिए उन्हें जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। उनके अनुसार, वयस्क बच्चों के अपने विचार हो सकते हैं और लोकतांत्रिक व्यवस्था में उन्हें व्यक्तिगत रूप से देखा जाना चाहिए।
प्रदर्शन और राजनीतिक पृष्ठभूमि
NEET Paper Leak को लेकर पिछले कुछ समय से देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी छात्रों और विभिन्न संगठनों द्वारा लंबे समय तक प्रदर्शन किया गया, जिसमें तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग प्रमुख मुद्दों में शामिल थी।
रिपोर्टों के अनुसार, बाद में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच Dibisa Mahanta का प्रदर्शन में शामिल होना और उनके बयान चर्चा का विषय बन गया।
फिलहाल Dibisa Mahanta के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक पक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि सार्वजनिक मंचों पर इस्तेमाल की जाने वाली भाषा मर्यादित होनी चाहिए।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का बयान भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि वयस्क बच्चों के विचारों को उनके माता-पिता की राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं माना जाना चाहिए। आने वाले दिनों में इस विवाद पर यदि संबंधित पक्षों की ओर से कोई नई प्रतिक्रिया या आधिकारिक बयान आता है तो इस मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।(source)




