Siwan Protest बिहार के सीवान में 25 जुलाई को हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। Siwan Protest के दौरान पुलिस ने पहली बार स्वीकार किया है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग की गई थी। इस घटना में तीन लोगों को गोली लगने की पुष्टि हुई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि फिलहाल यह जांच की जा रही है कि सभी घायलों को लगी गोलियां पुलिस की फायरिंग से लगीं या किसी अन्य कारण से।
Siwan Protest को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे, जिनमें फायरिंग और पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए गए। Siwan Protest घटना के बाद विपक्षी नेताओं और विभिन्न संगठनों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। अब पुलिस की ओर से हवाई फायरिंग की पुष्टि के बाद पूरे मामले की जांच और भी अहम हो गई है।
ये भी पढ़े :तेज प्रताप यादव पर हत्या की कोशिश समेत 13 धाराओं में केस दर्ज, जानिए पूरा मामला
Siwan Protest के दौरान क्या हुआ?
25 जुलाई को बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन आयोजित किए गए थे, लेकिन सबसे अधिक तनाव सीवान में देखने को मिला। रिपोर्टों के अनुसार, Siwan Protest नीट पेपर लीक और दिल्ली में छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में किया जा रहा था। इसी दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गया।
प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पत्थरबाजी हुई, जिसके बाद पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद हालात सामान्य नहीं होने पर हवाई फायरिंग की गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे।
रिपोर्ट के अनुसार, Siwan Protest हिंसा में कई प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मी घायल हुए। साथ ही बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में भी लिया गया।
पुलिस ने क्या कहा?
रविवार को सीवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पून कुमार झा ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि Siwan Protest के दौरान पुलिस ने हवाई फायरिंग की थी। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सीधे पुलिस पर हमला किया था, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए यह कदम उठाया गया।
एसपी ने बताया कि लंबी दूरी के हथियारों से चार राउंड और पिस्तौल से तीन राउंड फायर किए गए। कुल मिलाकर आठ से दस राउंड फायरिंग होने की बात कही गई। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी यह जांच जारी है कि बाकी गोलियां कहां से चलीं।
पुलिस के अनुसार, जिन तीन लोगों को गोली लगी, उनमें बुलेट कुमार गोंड के पैर में पुलिस फायरिंग के दौरान गोली लगी थी। जबकि अन्य दो घायल—आकाश और आरिफ—को गोली किस परिस्थिति में लगी, इसकी जांच अभी जारी है। तीनों घायलों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
गोली लगने वाले युवक ने क्या दावा किया?
Siwan Protest के दौरान घायल हुए बुलेट कुमार गोंड का दावा है कि वह प्रदर्शन में शामिल ही नहीं थे। उनके अनुसार, वह अपने जाति, आय और आवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सिवान आए थे।
उन्होंने बताया कि स्टेशन से उतरने के बाद शहर में तनावपूर्ण माहौल देखा। जब वह जिला अधिकारी कार्यालय की ओर जा रहे थे, तभी उनके पैर में गोली लगी, जो पैर को आर-पार कर गई। उनका यह दावा पूरे मामले को नया मोड़ देता है, क्योंकि इससे यह सवाल उठता है कि हिंसा के दौरान आम नागरिक भी इसकी चपेट में आए या नहीं।
वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तथा पुलिस पर हमला किया। इसी वजह से पहले आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया और बाद में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
हिंसा के बाद प्रशासन की कार्रवाई और आगे की जांच
प्रशासन के मुताबिक, Siwan Protest के दौरान प्रदर्शनकारी गांधी मैदान, जेपी चौक, सदर अस्पताल मोड़, कागजी मोहल्ला, गोपालगंज मोड़, सिवान कचहरी और रेलवे क्रॉसिंग सहित कई स्थानों पर एकत्र हुए थे। कई जगह पत्थरबाजी और हिंसा की घटनाएं सामने आईं।(source)
पुलिस का दावा है कि हिंसा में 19 सरकारी और एक निजी वाहन क्षतिग्रस्त हुए। इसके अलावा 58 पुलिसकर्मी घायल हुए और 423 लोगों को हिरासत में लिया गया। पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासन ने 25 जुलाई की शाम 5:30 बजे से 26 जुलाई की शाम 5:30 बजे तक पूरे सिवान जिले में इंटरनेट और बल्क मैसेजिंग सेवाएं भी बंद कर दीं।
View this post on Instagram
इस बीच बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्रों पर गोलियां चलाईं और AK-47 का इस्तेमाल किया गया। हालांकि पुलिस ने इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
फिलहाल Siwan Protest से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि जिन तीन लोगों को गोली लगी, उनमें से दो को गोली किसकी फायरिंग से लगी। पुलिस ने हवाई फायरिंग की पुष्टि जरूर कर दी है, लेकिन बाकी तथ्यों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट इस पूरे मामले की स्थिति को और स्पष्ट कर सकती है।




