July 26, 2026 2:58 AM

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर श्वेता तिवारी ने CJP को घेरा, पूछा- जवाबदेही सिर्फ एक सरकार से क्यों?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर श्वेता तिवारी की प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है। अभिनेत्री ने CJP से सवाल करते हुए पूछा कि अब पंजाब के शिक्षा मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कब होगा।

EDITED BY: Rudra Pratap Singh

UPDATED: Sunday, July 26, 2026

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर श्वेता तिवारी ने CJP को घेरा, पूछा- जवाबदेही सिर्फ एक सरकार से क्यों?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर श्वेता तिवारी का बड़ा बयान, CJP से पूछा- पंजाब में कब होगा प्रदर्शन?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर श्वेता तिवारी :टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से सवाल करते हुए पूछा कि यदि जवाबदेही की मांग की जा रही है, तो पंजाब के शिक्षा मंत्री के खिलाफ भी उसी तरह प्रदर्शन कब किया जाएगा।

श्वेता तिवारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था को लेकर हुए लंबे छात्र आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। इस मुद्दे पर देशभर में कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन हुए और बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे।


इंस्टाग्राम स्टोरी में श्वेता तिवारी ने उठाया सवाल

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर श्वेता तिवारी: श्वेता तिवारी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम स्टोरी पर CJP नेता अभिजीत डिपके का एक वीडियो साझा किया। वीडियो में डिपके कहते नजर आए कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे ने यह साबित कर दिया है कि यदि कोई मंत्री अपने काम में विफल रहता है, तो जनता उसके इस्तीफे की मांग कर सकती है।

इस वीडियो को साझा करते हुए श्वेता तिवारी ने लिखा,

“अब पंजाब के शिक्षा मंत्री कब इस्तीफा देंगे? और उनके खिलाफ प्रदर्शन कब शुरू होगा, Cockroach Janta Party?”

उनकी यह टिप्पणी कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। कई लोगों ने इसे जवाबदेही की मांग बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने वाला कदम कहा।


धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर श्वेता तिवारी

कई हफ्तों के छात्र आंदोलन के बाद हुआ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लगातार कई सप्ताह तक चले छात्र आंदोलनों के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया।

देशभर के हजारों छात्र NEET-UG परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई शहरों में प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों की मुख्य मांग थी कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाई जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो।

आंदोलन के बढ़ते दबाव और लगातार उठ रही राजनीतिक मांगों के बीच आखिरकार धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया।

ये भी पढे:सोनम वांगचुक भूख हड़ताल खत्म करने पर बोले- ’26 दिन भूखा रहकर सौदा नहीं किया’


सोनम वांगचुक को हटाने के बाद और तेज हुआ आंदोलन

आंदोलन उस समय और तेज हो गया जब सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के समर्थक सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर से हटाकर अस्पताल में भर्ती कराया।

वांगचुक शिक्षा सुधार और छात्रों की मांगों के समर्थन में 21 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। पुलिस ने उनकी बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए उन्हें अस्पताल पहुंचाया।

हालांकि इस कार्रवाई के बाद देशभर में विरोध और बढ़ गया। कई सामाजिक संगठनों, विपक्षी नेताओं और आम नागरिकों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए।


देशभर में फैल गया छात्र आंदोलन

दिल्ली से शुरू हुआ यह आंदोलन धीरे-धीरे देश के कई राज्यों तक पहुंच गया। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए लगातार प्रदर्शन जारी रखा।

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें थीं—

  • NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।
  • परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता।
  • जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई।
  • भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस शिक्षा सुधार।

इन मांगों ने शिक्षा व्यवस्था पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी।


श्वेता तिवारी की टिप्पणी पर बंटी राय

श्वेता तिवारी की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की राय बंटी हुई नजर आई।

एक वर्ग का कहना है कि यदि जवाबदेही तय करनी है तो सभी राज्यों और सरकारों के लिए एक समान मानदंड होने चाहिए।

वहीं दूसरे पक्ष का मानना है कि फिलहाल ध्यान शिक्षा सुधार और छात्रों की मांगों पर होना चाहिए, न कि राजनीतिक तुलना पर।


धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर श्वेता तिवारी

क्या अब शिक्षा सुधार पर होगा बड़ा फैसला?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर श्वेता तिवारी : धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सभी की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम पर है। छात्र संगठन लगातार परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

इस बीच श्वेता तिवारी का बयान भी चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस को नई दिशा दे रहा है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार शिक्षा सुधारों को लेकर क्या फैसले लेती है और क्या अन्य राज्यों में भी इसी तरह जवाबदेही की मांग तेज होती है।(SOURCE)

 

Share :

Leave a Reply

Related Post

खबरें और भी..

×