बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को छात्र आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया। Patna Student Protest के दौरान गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च कर रहे हजारों छात्रों और पुलिस के बीच कई घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पहले कई लेयर में बैरिकेडिंग की, फिर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया, उसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़े गए और अंत में लाठीचार्ज किया गया।
इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। वीडियो में पानी की तेज धार, धुएं से घिरी सड़कें और लाठीचार्ज के बीच भागते-दौड़ते छात्र दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी पुलिस पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई।

गांधी मैदान से शुरू हुआ राजभवन मार्च
वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने 22 जुलाई को गांधी मैदान से राजभवन तक मार्च का आह्वान किया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में लाल झंडे थे, जबकि कुछ छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लेकर पहुंचे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध शामिल था। सुबह करीब 10:30 बजे जुलूस गांधी मैदान से आगे बढ़ा और जेपी गोलंबर पहुंचा, जहां पुलिस पहले से ही बड़ी संख्या में तैनात थी।
जेपी गोलंबर पर पुलिस और छात्रों में टकराव
राजभवन जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने कई लेयर में बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को यहीं रोकने की कोशिश की और आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी।
प्रदर्शनकारी बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे, जिसके बाद पुलिस और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने सबसे पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। तेज पानी की धार के बावजूद प्रदर्शनकारी सड़क पर डटे रहे और नारेबाजी जारी रखी।
इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। जब इससे भी भीड़ पीछे नहीं हटी तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मियों को प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाते देखा जा सकता है। कई छात्रों के घायल होने का भी दावा किया गया है, हालांकि घायलों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है।

लाठीचार्ज के बाद भी नहीं रुका प्रदर्शन
लाठीचार्ज के बावजूद प्रदर्शनकारियों का मार्च पूरी तरह नहीं रुका। कुछ ही देर बाद बड़ी संख्या में छात्र बैरिकेडिंग पार करते हुए डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़ गए।
बताया गया कि वहां करीब सात हजार से अधिक छात्र मौजूद थे। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों पर अड़े रहे। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने छात्रों को समझाकर वापस भेजने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी राजभवन तक मार्च की मांग पर कायम रहे। घटनास्थल पर मौजूद कई छात्रों ने पुलिस कार्रवाई को अनावश्यक बताते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण मार्च को बल प्रयोग के जरिए रोकने की कोशिश की गई।
प्रदर्शनकारियों की क्या हैं मांगें?
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि उनकी पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उनका आरोप है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा विवादों के बावजूद सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है।
प्रदर्शनकारियों का यह भी कहना है कि वे राज्यपाल को ज्ञापन सौंपना चाहते थे और उनका मार्च शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जा रहा था। कुछ छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में भी यह मार्च आयोजित किया गया था और पटना में भी उसी तरह की कार्रवाई देखने को मिली।
पेपर लीक का मुद्दा अब राष्ट्रीय आंदोलन का रूप ले रहा
हाल के महीनों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश बढ़ा है। दिल्ली से शुरू हुआ विरोध अब कई राज्यों तक पहुंच चुका है।
पटना का यह प्रदर्शन भी उसी राष्ट्रीय छात्र आंदोलन का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही की मांग की जा रही है।
फिलहाल पटना में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। एक ओर छात्र संगठन इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बता रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए।
आने वाले दिनों में यह आंदोलन और किन राज्यों तक पहुंचेगा तथा सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।





