Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनाक्षी सिन्हा ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का किया समर्थन, सरकार से पूछे तीखे सवाल
Sonam Wangchuk Hunger Strike:अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी Sonam Wangchuk Hunger Strike को लेकर उन्होंने एक भावुक वीडियो संदेश साझा किया, जिसमें सरकार से संवाद शुरू करने की अपील की और लोगों से भी इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाने का आग्रह किया।
सोनाक्षी ने कहा कि वह आमतौर पर इस तरह के सार्वजनिक मुद्दों पर बयान नहीं देतीं, लेकिन इस बार वह चुप नहीं रह सकीं क्योंकि वांगचुक कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं और उनकी सेहत लगातार चिंता का विषय बनती जा रही है।
‘अब उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता’
वीडियो संदेश की शुरुआत में सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि सोनम वांगचुक ने देश के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं और उन्हें कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी मिल चुके हैं। ऐसे व्यक्ति की बात को अनसुना करना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा,
“मैंने पहले कभी इस तरह का सार्वजनिक बयान नहीं दिया, लेकिन आज हम सोनम वांगचुक को नजरअंदाज नहीं कर सकते। हम सभी जानते हैं कि उन्होंने देश के लिए कितना काम किया है और उनकी उपलब्धियां क्या हैं।”

‘वह अपने लिए नहीं, देश के बच्चों के भविष्य के लिए बैठे हैं’
Sonam Wangchuk Hunger Strike: सोनाक्षी ने बताया कि वांगचुक कई दिनों से अन्न ग्रहण किए बिना आंदोलन कर रहे हैं। उनके अनुसार यह संघर्ष किसी व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश के छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर है।
उन्होंने कहा कि वांगचुक उन विद्यार्थियों के भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं, जो परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से प्रभावित हैं।
युवाओं की सराहना की
अभिनेत्री ने आंदोलन में शामिल युवाओं की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि देश के युवा अपने अधिकारों और बेहतर व्यवस्था के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठा रहे हैं।
सोनाक्षी ने कहा,
“मैं देश के युवाओं को बधाई देना चाहती हूं। उन्होंने सच और बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठाई है। लेकिन सवाल यह है कि उनकी बात आखिर सुनी क्यों नहीं जा रही?”
सरकार से शुरू करने को कहा संवाद
सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि आंदोलनकारियों के साथ संवाद की कमी सबसे बड़ी चिंता है।
उन्होंने कहा,
“कोई बातचीत नहीं हो रही है। कोई उनकी बात सुनने को तैयार नहीं है। आखिर ऐसा कब तक चलेगा?”
सोनाक्षी ने स्पष्ट किया कि देश के नागरिक होने के नाते उन्हें भी अपनी राय रखने का अधिकार है।
“मैं भी इस देश का हिस्सा हूं। मैं भी इस देश का भला चाहती हूं। मैं देशविरोधी नहीं हूं, फिर मुझे चुप क्यों रहना चाहिए?” उन्होंने कहा।

‘क्या किसी की जान जाने का इंतजार है?’
वीडियो के अंत में सोनाक्षी सिन्हा ने सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि बातचीत शुरू की जाए।
उन्होंने सवाल उठाया,
“आखिर कब तक इंतजार किया जाएगा? क्या तब तक जब इस व्यक्ति की जान चली जाए? अगर ऐसा हुआ तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?”
सोनाक्षी ने लोगों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर जागरूक रहें, अपनी आवाज उठाएं और किसी भी महत्वपूर्ण सामाजिक विषय पर चुप न रहें। उन्होंने अपना संदेश “जय हिंद” के साथ समाप्त किया।
स्वास्थ्य को लेकर बढ़ी चिंता
इस बीच, सोनम वांगचुक की लगातार जारी भूख हड़ताल को देखते हुए उनकी सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। उनकी चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लगातार लंबे उपवास के संभावित जोखिमों को लेकर आगाह कर रहे हैं।
सोनाक्षी सिन्हा के इस वीडियो संदेश के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो गई है। कई लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ ने इस मुद्दे पर अलग-अलग राय व्यक्त की। फिलहाल, वांगचुक का आंदोलन और उस पर हो रही राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिक्रियाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं।(Source)




