RBI Plastic Currency : हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 30 जून 2026 से देश में प्रचलित कागजी मुद्रा को बंद कर देगा और उसकी जगह प्लास्टिक या पॉलीमर नोट जारी किए जाएंगे। इस दावे ने आम लोगों के बीच भ्रम और चिंता पैदा कर दी है। हालांकि अब सरकार की आधिकारिक फैक्ट-चेक एजेंसी प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस वायरल खबर की सच्चाई सामने रख दी है।
दरअसल, हाल ही में RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा के एक बयान के बाद यह चर्चा शुरू हुई थी कि भारतीय रिजर्व बैंक पॉलीमर या RBI Plastic Currency नोटों को लेकर एक प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इसके बाद सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल होने लगे, जिनमें दावा किया गया कि जल्द ही मौजूदा कागजी नोटों को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
लेकिन PIB ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई योजना फिलहाल नहीं है और वायरल संदेश पूरी तरह से फर्जी हैं।
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क्या वास्तव में ला रहा है RBI Plastic Currency?
RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने हाल ही में कहा था कि पॉलीमर करेंसी नोटों का प्रस्ताव विचाराधीन है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि यह प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
गवर्नर के अनुसार, रिजर्व बैंक विभिन्न विकल्पों का अध्ययन कर रहा है। यदि भविष्य में कोई निर्णय लिया जाता है, तो इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि फिलहाल न तो प्लास्टिक नोट जारी किए गए हैं और न ही मौजूदा कागजी नोटों को बंद करने का कोई आदेश जारी हुआ है।
दुनिया के कई देशों में पॉलीमर नोटों का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि वे सामान्य कागजी नोटों की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं और जल्दी खराब नहीं होते। भारत में भी समय-समय पर इस विषय पर चर्चा होती रही है, लेकिन अभी तक कोई व्यापक बदलाव लागू नहीं किया गया है।

PIB ने वायरल दावे को बताया फर्जी
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे संदेशों में कहा गया था कि 30 जून 2026 से सभी कागजी नोट वापस ले लिए जाएंगे और केवल प्लास्टिक नोट ही मान्य होंगे। इस दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए Press Information Bureau की फैक्ट-चेक यूनिट ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया।
PIB ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि RBI के अनुसार 30 जून 2026 तक कागजी मुद्रा को वापस लेने या उसे प्लास्टिक नोटों से बदलने की कोई योजना नहीं है। एजेंसी ने वायरल संदेश की तस्वीर साझा करते हुए उस पर बड़े अक्षरों में “FAKE” की मुहर भी लगाई।
PIB ने लोगों से अपील की कि वे अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी को ही सही मानें।

लोगों से की गई विशेष अपील
सरकार की ओर से कहा गया है कि अफवाहों और झूठी खबरों को साझा करने से बचें। PIB ने नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी महत्वपूर्ण वित्तीय या सरकारी सूचना पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल युग में फर्जी संदेश बहुत तेजी से फैलते हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक घबराहट पैदा हो सकती है। इसलिए किसी भी वायरल संदेश को बिना जांचे-परखे आगे भेजना उचित नहीं है।
गौरतलब है कि PIB भारत सरकार की आधिकारिक एजेंसी है, जिसका काम सरकारी नीतियों, योजनाओं और फैसलों से जुड़ी सही जानकारी जनता तक पहुंचाना है। यही कारण है कि किसी भी वायरल सरकारी दावे की सच्चाई जानने के लिए PIB Fact Check को सबसे विश्वसनीय स्रोत माना जाता है।
फिलहाल साफ है कि 30 जून 2026 से कागजी नोट बंद होने की खबर पूरी तरह गलत है। भारतीय मुद्रा पहले की तरह वैध है और RBI ने कागजी नोटों को वापस लेने की कोई घोषणा नहीं की है। हालांकि पॉलीमर नोटों पर विचार जरूर किया जा रहा है, लेकिन इस संबंध में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।




