June 7, 2026 3:24 PM

ISS पर अलर्ट: एयर लीक की जांच के बीच NASA ने अंतरिक्ष यात्रियों को इमरजेंसी शेल्टर में भेजा

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर एयर लीक की जांच के दौरान NASA ने एहतियातन अंतरिक्ष यात्रियों को स्पेसक्राफ्ट में शरण लेने का निर्देश दिया। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य कर दी गई।

EDITED BY: Shiva

UPDATED: Sunday, June 7, 2026

ISS पर अलर्ट: एयर लीक की जांच के बीच NASA ने अंतरिक्ष यात्रियों को इमरजेंसी शेल्टर में भेजा

NASA : अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर एक बार फिर तकनीकी चुनौतियां सामने आई हैं। NASA ने शुक्रवार, 5 जून को अंतरिक्ष यात्रियों को एहतियातन डॉक किए गए स्पेसक्राफ्ट में शरण लेने का निर्देश दिया, जब रूसी इंजीनियर स्टेशन के रूसी हिस्से में लंबे समय से चल रही एयर लीक समस्या की जांच की तैयारी कर रहे थे।

हालांकि यह स्थिति कुछ समय के लिए ही रही और बाद में सामान्य संचालन बहाल कर दिया गया, लेकिन इस घटना ने ISS की बढ़ती उम्र और लगातार सामने आ रही तकनीकी समस्याओं को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।

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ISS पर अलर्ट: एयर लीक की जांच के बीच NASA ने अंतरिक्ष यात्रियों को इमरजेंसी शेल्टर में भेजा
 

क्यों जारी किया गया था इमरजेंसी निर्देश?

रूस की स्पेस एजेंसी Roscosmos कई वर्षों से ISS के रूसी सेगमेंट में मौजूद एयर लीक की समस्या से जूझ रही है।

इस बार इंजीनियर एक ऐसे हिस्से की मरम्मत पर विचार कर रहे थे जहां तक पहुंचने के लिए एक ब्रैकेट को काटना पड़ सकता था।

NASA के अनुसार, इस प्रक्रिया से अतिरिक्त संरचनात्मक जोखिम पैदा हो सकता था, इसलिए एहतियातन अंतरिक्ष यात्रियों को SpaceX Crew Dragon कैप्सूल में भेजा गया ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकासी की जा सके।

शेल्टर लेने वाले अंतरिक्ष यात्रियों में NASA के Jessica Meir, Jack Hathaway और Chris Williams शामिल थे।

इसके अलावा European Space Agency की Sophie Adenot और Roscosmos के कॉस्मोनॉट Andrey Fedyaev भी कैप्सूल में मौजूद रहे।

दो रूसी कॉस्मोनॉट स्टेशन पर ही बने रहे, जबकि इंजीनियर स्थिति का मूल्यांकन कर रहे थे।

ISS पर अलर्ट: एयर लीक की जांच के बीच NASA ने अंतरिक्ष यात्रियों को इमरजेंसी शेल्टर में भेजा

आखिर कहां है एयर लीक की समस्या?

यह समस्या PrK नाम के एक ट्रांसफर टनल से जुड़ी हुई है।

यह टनल रूसी Zvezda सर्विस मॉड्यूल को एक डॉकिंग पोर्ट से जोड़ती है।

पहली बार इस हिस्से में एयर लीक 2019 में दर्ज की गई थी और तब से यह बार-बार चिंता का विषय बनती रही है।

NASA के अनुसार, इस क्षेत्र में दरारें और लीकेज लंबे समय से मौजूद हैं।

दोनों एजेंसियां अभी तक इन दरारों के मूल कारण की पूरी तरह पहचान नहीं कर पाई हैं।

रूसी इंजीनियर समय-समय पर मरम्मत और अन्य परिचालन उपायों से हवा के नुकसान को सीमित करने की कोशिश करते रहे हैं।

मरम्मत टली, स्थिति हुई सामान्य

बाद में Roscosmos ने प्रस्तावित मरम्मत कार्य को रोकने का फैसला किया।

एजेंसी ने कहा कि आगे बढ़ने से पहले अतिरिक्त डेटा इकट्ठा किया जाएगा और ज्यादा विश्लेषण किया जाएगा।

इसके बाद NASA ने Safe-Haven प्रक्रिया समाप्त कर दी और अंतरिक्ष यात्रियों को सामान्य कामकाज पर लौटने का निर्देश दिया।

NASA ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह लीकेज चालक दल की सुरक्षा के लिए तत्काल खतरा नहीं है।

इंजीनियर प्रभावित हिस्से का अध्ययन जारी रखे हुए हैं और स्थायी समाधान की तलाश कर रहे हैं।

ISS पर अलर्ट: एयर लीक की जांच के बीच NASA ने अंतरिक्ष यात्रियों को इमरजेंसी शेल्टर में भेजा

बढ़ती उम्र के साथ बढ़ रही हैं चुनौतियां

ISS साल 2000 से लगातार आबाद है और अब इसकी उम्र 25 साल के करीब पहुंच रही है।

NASA की योजना इसे कम से कम 2030 तक संचालित करने की है, लेकिन बढ़ती तकनीकी समस्याएं, हार्डवेयर की उम्र और भविष्य में रूस की भूमिका जैसे मुद्दे लगातार चर्चा में बने हुए हैं।

यह घटना दिखाती है कि अंतरिक्ष में लंबे समय तक संचालित होने वाले ढांचे को बनाए रखना कितना जटिल हो सकता है

ISS पर एयर लीक से जुड़ी यह घटना फिलहाल नियंत्रण में है, लेकिन इसने एक बार फिर अंतरिक्ष स्टेशन की पुरानी होती संरचना और रखरखाव चुनौतियों को उजागर किया है। NASA और Roscosmos दोनों स्थायी समाधान खोजने में जुटे हैं, क्योंकि आने वाले वर्षों में ISS को सुरक्षित और सक्रिय बनाए रखना बड़ी प्राथमिकता बना रहेगा।

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