राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 6 जून को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर दिल्ली हाईकोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। Cockroach Janta Party Protest से जुड़ी इस याचिका में प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और पुलिस को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई थी।
यह याचिका गैर-सरकारी संगठन सेव इंडिया फाउंडेशन की ओर से दाखिल की गई थी। याचिका पर सुनवाई के लिए वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया था, लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इसे स्वीकार नहीं किया।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया गया, जहां याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े कई संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनमें लोगों को बड़ी संख्या में जुटने और कथित रूप से प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

Cockroach Janta Party Protest को लेकर याचिका में क्या कहा गया?
याचिका में दावा किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित कुछ संदेशों और वीडियो में प्रदर्शनकारियों को विभिन्न स्थानों पर एकत्र होने के लिए कहा जा रहा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि कुछ पोस्टों में सार्वजनिक व्यवस्था को प्रभावित करने वाले संदेश भी साझा किए जा रहे हैं।
याचिका में यह भी कहा गया कि कुछ ऑनलाइन सामग्री में कथित तौर पर लोगों को सरकारी नीतियों के खिलाफ लामबंद करने और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया गया है। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि यदि समय रहते पर्याप्त सुरक्षा और नियंत्रण उपाय नहीं किए गए तो इससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच संबंधित एजेंसियों के स्तर पर की जानी है। अदालत ने भी इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है और केवल तत्काल सुनवाई की मांग पर फैसला दिया है।
प्रशासन से क्या मांग की गई?
याचिका में दिल्ली पुलिस आयुक्त, दिल्ली सरकार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई थी कि वे प्रदर्शन से पहले आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करें।
याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशनों, प्रमुख राजमार्गों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए जाएं।
इसके अलावा याचिका में प्रस्तावित प्रदर्शन को नियंत्रित, विनियमित या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने पर भी विचार करने की मांग की गई ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और आवश्यक सेवाएं बाधित न हों।
याचिका में कहा गया कि अस्पताल, रेलवे स्टेशन, अदालतें, एयरपोर्ट, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर जताई गई चिंता
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि सोशल media पर कुछ ऐसे संदेश प्रसारित हो रहे हैं जिन्हें वह सार्वजनिक शांति और सुरक्षा के लिए चिंता का विषय मानता है। याचिका में दावा किया गया कि कुछ सार्वजनिक हस्तियां भी इस प्रस्तावित जुटान को बढ़ावा दे रही हैं।
याचिकाकर्ता के अनुसार, इन संदेशों के कारण बड़ी संख्या में लोगों के जंतर-मंतर पहुंचने की संभावना है। इसी आधार पर प्रशासन से पहले ही सुरक्षा संबंधी कदम उठाने का अनुरोध किया गया था।
याचिका में यह भी कहा गया कि 4 जून को दिल्ली पुलिस आयुक्त और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को एक विस्तृत प्रतिनिधित्व भेजा गया था, लेकिन याचिकाकर्ता के अनुसार उस पर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट कार्रवाई या दिशा-निर्देश सामने नहीं आए।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद आगे क्या?
दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा तत्काल सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन और पुलिस प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर क्या कदम उठाते हैं। राजधानी में किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होती है।
फिलहाल Cockroach Janta Party Protest को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर तत्काल राहत नहीं मिली है, लेकिन मामले ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस जरूर तेज कर दी है। आगामी दिनों में प्रशासन की ओर से जारी किसी भी आधिकारिक दिशा-निर्देश या सुरक्षा योजना पर सभी की नजर रहेगी।






