मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब भारत की ऊर्जा व्यवस्था और घरेलू रसोई गैस सिस्टम पर भी दिखने लगा है। इसी बीच केंद्र सरकार ने LPG PNG new rule India के तहत एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जो उन घरों पर सीधे लागू होगा जहां पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और LPG सिलेंडर दोनों का कनेक्शन मौजूद है।
सरकार द्वारा जारी नए नियम के अनुसार जिन घरों में Piped Natural Gas का कनेक्शन है, वे अब घरेलू Liquefied Petroleum Gas कनेक्शन नहीं रख सकेंगे। अगर किसी परिवार के पास दोनों कनेक्शन हैं तो उन्हें अपना LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है और भारत में गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ रही है।

सरकार ने क्यों बदला LPG नियम
नया नियम Ministry of Petroleum and Natural Gas द्वारा 14 मार्च को जारी नोटिफिकेशन के जरिए लागू किया गया।
इस नोटिफिकेशन के अनुसार:
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जिन घरों में PNG कनेक्शन है, वे LPG सिलेंडर नहीं रख पाएंगे
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जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं उन्हें LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा
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PNG वाले उपभोक्ता सरकारी तेल कंपनियों से LPG सिलेंडर रिफिल नहीं करा पाएंगे
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जिन घरों में पहले से PNG है उन्हें नया LPG कनेक्शन भी नहीं दिया जाएगा
सरकार का मानना है कि यह फैसला गैस सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक LPG पहुंचाने के लिए लिया गया है।
Middle East war का भारत की गैस सप्लाई पर असर
भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आता है। खासकर LPG की बात करें तो भारत अपनी जरूरत का लगभग 60% गैस आयात करता है।
इनमें से ज्यादातर गैस खाड़ी देशों जैसे:
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सऊदी अरब
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यूएई
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कतर
से आती है।
इन देशों से आने वाले तेल और गैस के जहाज Strait of Hormuz से होकर गुजरते हैं, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है।
वैश्विक आंकड़ों के अनुसार दुनिया के लगभग 20% तेल और गैस का व्यापार इसी रास्ते से होता है। ऐसे में अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है।

Iran ने भारतीय जहाजों को दी अनुमति
हाल ही में भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने एक अहम जानकारी साझा की।
उन्होंने बताया कि ईरान ने कुछ भारतीय जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दी है ताकि भारत तक ऊर्जा आपूर्ति जारी रह सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक 14 मार्च को भारतीय झंडे वाले दो LPG जहाज — Shivalik और Nanda Devi — को इस समुद्री रास्ते से गुजरने की अनुमति दी गई। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि कुल कितने जहाजों को अनुमति दी जाएगी।
PNG कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ी
LPG सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता के बीच कई शहरों में PNG कनेक्शन की मांग तेजी से बढ़ रही है।
दिल्ली में गैस सप्लाई करने वाली कंपनी Indraprastha Gas Limited के अनुसार पिछले दो हफ्तों में PNG कनेक्शन के लिए आने वाली रोजाना अर्जियों में लगभग 200% की वृद्धि हुई है।
पहले जहां कंपनी को रोज लगभग 700 से 800 आवेदन मिलते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1200 से 1500 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।
कंपनी के कॉल सेंटर पर आने वाली रिक्वेस्ट भी पहले के मुकाबले लगभग तीन गुना बढ़ गई हैं।

सरकार PNG को क्यों बढ़ावा दे रही है
सरकार का लक्ष्य देश के लाखों उपभोक्ताओं को पाइप्ड गैस नेटवर्क से जोड़ना है। अधिकारियों के अनुसार करीब 60 लाख LPG उपभोक्ताओं को PNG इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
PNG के फायदे:
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लगातार गैस सप्लाई
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सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं
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अपेक्षाकृत सुरक्षित
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कीमतों में अधिक स्थिरता
इसी को बढ़ावा देने के लिए IGL ने एक ऑफर भी शुरू किया है। 31 मार्च तक नया PNG कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों को पहले बिल में ₹500 की छूट दी जाएगी।
आगे क्या हो सकता है
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मध्य पूर्व में तनाव जल्दी कम नहीं हुआ तो गैस और तेल की वैश्विक सप्लाई पर और दबाव पड़ सकता है।
ऐसी स्थिति में LPG PNG new rule India जैसे फैसले भारत की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू गैस वितरण प्रणाली को संतुलित रखने के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि कई उपभोक्ताओं के लिए यह नियम असुविधाजनक भी हो सकता है, खासकर उन इलाकों में जहां PNG नेटवर्क अभी पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है।





