March 29, 2026 3:04 AM

अनंत अंबानी Vantara Case: सुप्रीम कोर्ट की SIT जांच में मिली क्लीन चिट !!

Vantara Case: अनंत अंबानी के वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट Vantara को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट में वंतारा को क्लीन चिट दे दी है। कोर्ट ने 15 सितंबर को इस रिपोर्ट को देखते हुए कहा कि

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Tuesday, September 16, 2025

अनंत अंबानी Vantara Case: सुप्रीम कोर्ट की SIT जांच में मिली क्लीन चिट !!

Vantara Case: अनंत अंबानी के वाइल्डलाइफ प्रोजेक्ट Vantara को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट में वंतारा को क्लीन चिट दे दी है। कोर्ट ने 15 सितंबर को इस रिपोर्ट को देखते हुए कहा कि Vantara ने कानून और नियमों का पूरी तरह पालन किया है और इसे बदनाम करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट 12 सितंबर को बंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंपी थी। 15 सितंबर को जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने इस रिपोर्ट का अवलोकन किया। कोर्ट ने माना कि जांच के दौरान संबंधित सभी अथॉरिटीज और स्टेकहोल्डर्स से राय ली गई और सभी संतुष्ट पाए गए। इसलिए रिपोर्ट को आदेश का हिस्सा भी बनाया गया।

हालांकि गुजरात सरकार और Vantara के वकील हरीश सालवे ने मांग की कि इस रिपोर्ट को ऑर्डर कॉपी में शामिल न किया जाए। उनका कहना था कि इसमें जानवरों की देखभाल से जुड़ी संवेदनशील और प्रोपराइटरी जानकारी है, जिसे सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार किया।

सुप्रीम कोर्ट ने वंतरा पर लगे सभी आरोपों  को ख़ारिज किया और वंतरा को क्लीन चित दे दी अब इसपर याचिकाकर्ताओं और समर्थकों का कहना अब ये है की SIT द्वारा की गयी रिपोर्ट को भी सार्वजनिक किया जाये जिससे SIT के कार्य को सब देख सके और रिपोर्ट में क्या और कैसे है ये सब जान सके।

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Vantara पर लगे आरोप

Vantara, जिसे रिलायंस फाउंडेशन जामनगर में संचालित करता है, पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। आरोपों में अवैध तरीके से जानवर खरीदने, कैद में उनके साथ दुर्व्यवहार करने और पैसों की अनियमितता शामिल थी। विशेष रूप से हाथियों की खरीद और उनके रखरखाव पर सवाल उठाए गए थे।

इन्हीं आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 25 अगस्त को चार सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इस टीम की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस जस्ती चेलमेश्वर ने की। टीम ने तीन दिनों तक Vantara का दौरा किया, स्थानीय एजेंसियों और राज्य के फॉरेस्ट विभाग के अधिकारियों से बातचीत की और Vantara की सीनियर लीडरशिप से भी पूछताछ की।

अनंत अंबानी Vantara Case: सुप्रीम कोर्ट की SIT जांच में मिली क्लीन चिट !!

याचिकाएं और मांगें

Vantara के खिलाफ दो जनहित याचिकाएं (PIL) दाखिल हुई थीं। याचिकाओं में मांग की गई थी कि Vantara में रखे हाथियों को उनके मूल मालिकों को लौटाया जाए और इसके लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई जाए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त को इस मांग को अस्पष्ट बताते हुए खारिज कर दिया था।

याचिकाकर्ताओं का कहना था की वंतरा में अवैध तरीके से जानवरों को देश विदेश से खरीदा गया है और अनियमितताएं भी की जा रही है, ख़ास कर ये बात वंतरा की हाथियों को लेकर थी कहा ये जा रहा था की हाथियों को उनके मालिकों को वापस किया जाये।

SIT रिपोर्ट सार्वजनिक न करने पर बहस

एसआईटी की जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। गुजरात सरकार और Vantara के वकीलों का तर्क था कि इसमें संवेदनशील जानकारी है, जिसे मीडिया में आने से गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि देश में अच्छी चीजें भी होने देनी चाहिए और इस मामले में पारदर्शिता से ज्यादा प्रोजेक्ट के सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

हालांकि इस फैसले पर बहस भी जारी है। पारदर्शिता की दृष्टि से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों एसआईटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया।

अनंत अंबानी के Vantara प्रोजेक्ट को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है। एसआईटी की जांच में कोई अनियमितता साबित नहीं हुई और कोर्ट ने इसे कानून के अनुरूप बताया। लेकिन रिपोर्ट को सार्वजनिक न करने के फैसले ने पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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