March 31, 2026 2:21 PM

Uttarakhand Farmer Suicide Case: मरने से पहले किसान का वीडियो, ₹4 करोड़ जमीन घोटाले और पुलिस उत्पीड़न के आरोप !!

“मैं मर चुका हूं” – मरने से पहले किसान का वीडियो “मैं एक किसान हूं और मैं मर चुका हूं…”ये शब्द उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह के हैं। यह कोई भावनात्मक बयान नहीं, बल्कि वह वीडियो है जो सुखवंत सिंह

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Monday, January 12, 2026

Uttarakhand Farmer Suicide Case: मरने से पहले किसान का वीडियो, ₹4 करोड़ जमीन घोटाले और पुलिस उत्पीड़न के आरोप !!

“मैं मर चुका हूं” – मरने से पहले किसान का वीडियो

“मैं एक किसान हूं और मैं मर चुका हूं…”
ये शब्द उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह के हैं। यह कोई भावनात्मक बयान नहीं, बल्कि वह वीडियो है जो सुखवंत सिंह ने अपनी जान देने से पहले रिकॉर्ड किया था। इस वीडियो के सामने आने के बाद Uttarakhand Farmer Suicide Case पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है।

सुखवंत सिंह ने अपने वीडियो में आरोप लगाया कि काशीपुर में एक भूमाफिया गिरोह ने उनके साथ करीब ₹4 करोड़ का जमीन घोटाला किया। जब उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस से की तो न्याय देने के बजाय उन्हें लगातार परेशान किया गया।

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जमीन सौदे से शुरू हुआ पूरा विवाद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सुखवंत सिंह खेती के साथ-साथ जमीन के सौदों में भी शामिल थे। उन्होंने करीब 7 एकड़ जमीन का सौदा ₹35 लाख प्रति एकड़ के हिसाब से किया। आरोप है कि उनसे अलग-अलग किस्तों में करीब ₹4 करोड़ लिए गए, लेकिन जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी थी उसकी जगह कम कीमत वाली जमीन की रजिस्ट्री करा दी गई।

जब सुखवंत को इस धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने प्रॉपर्टी डीलरों से लेकर पुलिस तक कई बार शिकायत की, लेकिन न तो उन्हें सही जमीन मिली और न ही पैसा वापस हुआ। इसी दौरान यह Kashipur land fraud case गंभीर होता चला गया।

पुलिस पर गंभीर आरोप

सुखवंत सिंह ने अपने वीडियो में उत्तराखंड पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि वे पिछले चार महीनों से लगातार पैगा चौकी, थाना आईटीआई और एसएसपी कार्यालय के चक्कर काट रहे थे। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत करने पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें डांटा, गालियां दीं और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। इस कारण वे लगातार तनाव में रहने लगे।

आखिरी सफर और आत्महत्या की घटना

परिजनों के अनुसार 3 जनवरी को सुखवंत अपनी पत्नी और 12 साल के बेटे के साथ घर से निकले थे। वे बिजनौर, नैनीताल होते हुए हल्द्वानी पहुंचे। 10 जनवरी की रात हल्द्वानी के गोलापार स्थित एक होटल में ठहरे थे।

रात करीब 1:30 बजे कमरे में विवाद हुआ। पत्नी और बेटा जान बचाकर बाहर भागे और कुछ देर बाद कमरे से गोली चलने की आवाज आई। सुखवंत सिंह को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

“मेरे केस की CBI जांच हो” – अंतिम इच्छा

मरने से पहले बनाए गए वीडियो में सुखवंत सिंह ने साफ कहा कि उन्हें उत्तराखंड पुलिस पर भरोसा नहीं है और उनके मामले की CBI जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि तभी उनकी आत्मा को शांति मिलेगी।

परिवार की मुख्य मांगें हैं:

  1. सुखवंत सिंह के वीडियो को सबूत (Evidence) माना जाए

  2. जिन पुलिस अधिकारियों पर आरोप हैं, उन पर मुकदमा दर्ज कर तुरंत निलंबन किया जाए

  3. पूरे मामले की CBI Inquiry कराई जाए और ठगी की रकम वापस दिलाई जाए

Uttarakhand Farmer Suicide Case: मरने से पहले किसान का वीडियो, ₹4 करोड़ जमीन घोटाले और पुलिस उत्पीड़न के आरोप !!

सरकार और प्रशासन की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत को जांच सौंपी गई है।

इसके साथ ही उत्तराखंड के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर ने कुमाऊं रेंज के आईजी को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। यानी इस Uttarakhand Farmer Suicide Case की जांच दो स्तरों पर चल रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस मामले पर हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि एक गरीब किसान के साथ इतना बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ और उसे न्याय नहीं मिला, यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े करता है।

बड़ा सवाल

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन पुलिस अधिकारियों पर सीधे आरोप लगाए गए हैं, उन पर क्या कार्रवाई होगी?
क्या किसान की आखिरी अपील के मुताबिक इस मामले की CBI जांच होगी?
और क्या पीड़ित परिवार को इंसाफ मिल पाएगा?

इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में तय करेंगे कि यह मामला सिर्फ एक जांच तक सीमित रहेगा या वाकई सिस्टम में जवाबदेही तय होगी।

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