February 11, 2026 5:21 AM

UPI Charges Debate: RBI ने दी चेतावनी, क्या अब डिजिटल पेमेंट्स पर लग सकता है चार्ज?

UPI Charges Debate: UPI अब तक फ्री है, लेकिन RBI गवर्नर ने साफ कहा—"UPI हमेशा के लिए फ्री नहीं रह सकता।" क्या आने वाले वक्त में हर पेमेंट पर चार्ज लगेगा?

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Wednesday, October 1, 2025

UPI Charges Debate: RBI ने दी चेतावनी, क्या अब डिजिटल पेमेंट्स पर लग सकता है चार्ज?

UPI Charges Debate:  भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की हाल ही में हुई मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) मीटिंग में कई अहम फैसलों पर चर्चा हुई। इस बैठक में जहाँ एक ओर रेपो रेट को 5.5% पर बनाए रखने और जीडीपी ग्रोथ को 6.8% तक बढ़ाने का अनुमान पेश किया गया, वहीं दूसरी ओर देश के करोड़ों डिजिटल पेमेंट यूजर्स के लिए एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया—क्या भविष्य में यूपीआई (UPI) पर चार्ज लग सकता है?

UPI फिलहाल क्यों फ्री है?

वर्तमान समय में यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पूरी तरह फ्री है। चाहे ग्राहक ऑनलाइन शॉपिंग करें या फिर दुकान पर पेमेंट, उन्हें किसी भी तरह का चार्ज नहीं देना पड़ता। इसके पीछे वजह यह है कि सरकार हर साल करीब ₹2000 करोड़ की सब्सिडी देती है ताकि ट्रांजैक्शन फ्री रखी जा सके।

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UPI may soon let you pay using just your fingerprint

लेकिन हकीकत यह है कि एक UPI ट्रांजैक्शन को पूरा करने में औसतन 50 पैसे का खर्च आता है। हर महीने लगभग 2000 करोड़ ट्रांजैक्शन होती हैं, जिसका मतलब है कि कुल खर्चा लगभग ₹1000 करोड़ प्रति माह तक पहुँचता है। यह भारी-भरकम खर्चा बैंकों, एनपीसीआई (NPCI) और पेमेंट ऐप्स को मिलकर उठाना पड़ता है।

RBI गवर्नर का संकेत

RBI गवर्नर ने साफ कहा है कि “UPI हमेशा के लिए फ्री नहीं रह सकता।” यह बयान साफ इशारा करता है कि भविष्य में किसी न किसी रूप में चार्ज लागू हो सकता है।

क्या लागू हो सकता है MDR?

मौजूदा स्थिति में एक प्रस्ताव यह है कि UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाया जाए। इसका मतलब यह होगा कि दुकानदारों से हर ट्रांजैक्शन पर एक छोटी फीस ली जाएगी, जैसे क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर होता है।

हालांकि, चिंता यह है कि यदि दुकानदारों पर चार्ज लगाया गया, तो वे या तो UPI को एक्सेप्ट करने से बचेंगे या फिर उस खर्चे को ग्राहकों पर डाल देंगे। इससे डिजिटल इंडिया मिशन को झटका लग सकता है और लोग एक बार फिर कैश ट्रांजैक्शन की ओर लौट सकते हैं।

डिजिटल इंडिया की रीढ़

UPI को आज भारत की डिजिटल इकॉनमी की रीढ़ माना जाता है। इसकी वजह से न सिर्फ आम लोगों के लिए लेन-देन आसान हुआ है, बल्कि सरकार का टैक्स कलेक्शन और जीडीपी परफॉर्मेंस भी बेहतर हुआ है। ऐसे में सरकार और RBI के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि खर्चे को किस तरह संभाला जाए और साथ ही डिजिटल पेमेंट्स को आगे भी बढ़ावा दिया जाए।

UPI पर चार्ज लगाने को लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। लेकिन आरबीआई की चेतावनी यह संकेत जरूर देती है कि आने वाले समय में डिजिटल पेमेंट्स की तस्वीर बदल सकती है। सवाल यही है कि क्या भारत में डिजिटल ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे या फिर हर ट्रांजैक्शन पर आम जनता को अपनी जेब ढीली करनी होगी।

Move to charge fees for UPI transactions, including Google Pay and Phonepe  - INDIA - GENERAL | Kerala Kaumudi Online

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