I Love Mohammad: उत्तर प्रदेश के कानपुर और बरेली में ‘I Love Mohammad’ पोस्टर विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। योगी सरकार की कार्रवाई पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर ही विरोध की आवाजें उठने लगी हैं। जम्मू-कश्मीर के बीजेपी नेता जहांजैब सिरवाल ने पार्टी आलाकमान को चेतावनी दी है कि अगर हालात नहीं संभले तो वह इस्तीफा दे देंगे।
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सिरवाल का आरोप – यूपी सरकार कर रही है बदले की राजनीति
जहांजैब सिरवाल ने योगी सरकार और यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में मुसलमानों के खिलाफ बदले की राजनीति चल रही है। सिरवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” का हवाला देते हुए कहा —
“पीएम का विज़न समावेशी है, लेकिन यूपी सरकार का रुख बिलकुल उल्टा है। एक शांतिपूर्ण धार्मिक इज़हार को अपराध बना दिया गया है। मुसलमानों की गिरफ्तारी की जा रही है और नेताओं की बयानबाजी आग में घी डाल रही है।”
सिरवाल ने यह भी कहा कि यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत दी गई धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से मांग की कि दर्ज की गई FIR वापस ली जाए, गिरफ्तार लोगों को छोड़ा जाए और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सिरवाल का राजनीतिक सफर
जहांजैब सिरवाल कश्मीर के किश्तवाड़ इलाके के रहने वाले हैं और पेशे से वेटनरी डॉक्टर हैं। वह पहले कांग्रेस में थे और 2024 के जम्मू-कश्मीर चुनाव से पहले बीजेपी में शामिल हुए थे। सिरवाल ने कहा था कि वह मोदी के विकास के विज़न से प्रभावित हैं। लेकिन अब वे खुलकर यूपी बीजेपी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ बोल रहे हैं।

I Love Mohammad: विवाद की शुरुआत कानपुर से
यह पूरा मामला 4 सितंबर को शुरू हुआ जब कानपुर के रावतपुर इलाके में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के जुलूस के दौरान लोगों ने ‘I Love Mohammad’ लिखा बैनर लगाया। हिंदू संगठनों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि यह एक नई परंपरा शुरू की जा रही है।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कहा कि सरकारी गाइडलाइंस के मुताबिक धार्मिक जुलूस में किसी नई परंपरा या रिवाज को शामिल नहीं किया जा सकता। इसके बाद दोनों समुदायों के बीच पोस्टर फाड़ने को लेकर झड़प हुई और पुलिस ने 24 लोगों पर एफआईआर दर्ज की।
बरेली में हिंसा और गिरफ्तारियां
कानपुर के बाद विवाद बरेली तक पहुंच गया। 26 सितंबर को जुमे की नमाज़ के बाद मौलाना तौकीर रजा खान की अपील पर बड़ी संख्या में लोग “I Love Mohammad” के पोस्टर लेकर सड़कों पर उतर आए।
प्रशासन के मुताबिक इस रैली की अनुमति नहीं थी। जब पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो पथराव, झड़प और लाठीचार्ज की घटनाएं हुईं। अब तक 81 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह विवाद अब सिर्फ धार्मिक अभिव्यक्ति का नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। एक तरफ यूपी सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है, वहीं बीजेपी के अंदर से ही विरोध की आवाजें उभरने लगी हैं। अब देखना यह होगा कि पार्टी आलाकमान सिरवाल के इस बयान और इस्तीफे की चेतावनी पर क्या कदम उठाता है।






