Strait of Hormuz India Oil Ships Update: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और संभावित युद्ध की आशंका के बीच तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। खासकर Strait of Hormuz India oil ships update से जुड़ी खबर भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण बन गई है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस रणनीतिक समुद्री रास्ते पर कई जहाज फंस गए थे। अब इस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है कि ईरान ने भारत को तेल ले जाने वाले जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता देने का फैसला किया है।

Strait of Hormuz India oil ships update: ईरान ने दिया सुरक्षित मार्ग
भारत में ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने मीडिया से बातचीत में बताया कि Strait of Hormuz से भारत के तेल जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से दोस्ताना संबंध रहे हैं और दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग की मजबूत परंपरा है। इसी संबंध को ध्यान में रखते हुए ईरान ने यह फैसला लिया है कि भारत के जहाजों को सुरक्षित मार्ग दिया जाएगा, ताकि वे बिना किसी खतरे के अपने गंतव्य तक पहुंच सकें।
राजदूत के मुताबिक इस फैसले का असर जल्द ही दिख सकता है और अगले कुछ घंटों के भीतर भारत के फंसे हुए जहाजों की आवाजाही शुरू हो सकती है। इस घोषणा को भारत के लिए एक बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
28 भारतीय जहाज फंसे होने की जानकारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Randhir Jaiswal ने पहले बताया था कि इस समय लगभग 28 भारतीय जहाज Strait of Hormuz के आसपास फंसे हुए हैं। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और हमलों के खतरे के कारण जहाजों की आवाजाही बाधित हो गई थी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की सेना से जुड़ी गतिविधियों और क्षेत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ने के बाद कई जहाजों ने अपनी यात्रा रोक दी थी। इससे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ गई थी। इसी वजह से Strait of Hormuz India oil ships update भारत के लिए बेहद अहम बन गया था।

भारत के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण है स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़
दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से Strait of Hormuz सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है। अनुमान है कि दुनिया के करीब 20% तेल का कारोबार इसी समुद्री मार्ग से होता है।
भारत के लिए इसका महत्व और भी ज्यादा है क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। भारत के करीब 40% कच्चे तेल की सप्लाई इसी रास्ते से होकर आती है। यही वजह है कि जब इस मार्ग में कोई संकट पैदा होता है तो उसका सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ता है।
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है। इसलिए इस रास्ते में बाधा आने का मतलब पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर संभावित दबाव पड़ना भी हो सकता है।
बढ़ते तनाव के बीच भारत की कूटनीतिक सक्रियता
Strait of Hormuz India oil ships update के पीछे भारत की सक्रिय कूटनीति भी अहम मानी जा रही है। इस दौरान भारत और ईरान के बीच लगातार संपर्क बना हुआ था।
भारत के विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi से फोन पर बातचीत की थी। इसके अलावा प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से बात की थी।
इन उच्चस्तरीय बातचीतों के बाद ही भारत के जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग देने का फैसला सामने आया है। इसे भारत और ईरान के मजबूत कूटनीतिक रिश्तों का परिणाम भी माना जा रहा है।
तेल और गैस बाजार पर संभावित असर
मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अगर Strait of Hormuz लंबे समय तक बंद रहता या जहाजों की आवाजाही बाधित रहती, तो इसका असर भारत में भी दिखाई दे सकता था।
हालांकि अभी तक भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बड़ी वृद्धि नहीं हुई है, लेकिन अगर आपूर्ति बाधित होती तो कीमतें बढ़ने की संभावना बन सकती थी। इसीलिए Strait of Hormuz India oil ships update को ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
अब जब ईरान ने भारत के जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का फैसला किया है, तो उम्मीद है कि जल्द ही फंसे हुए जहाज अपनी यात्रा फिर से शुरू करेंगे और तेल की सप्लाई सामान्य हो जाएगी।





