9/11 के आतंकी हमले ने सिर्फ अमेरिका की सुरक्षा व्यवस्था ही नहीं बदली, बल्कि पूरी दुनिया के ट्रैवल सिस्टम, खासकर एयरपोर्ट सिक्योरिटी को हमेशा के लिए बदल दिया। 11 सितंबर 2001 को न्यूयॉर्क में हुए इस हमले के बाद अमेरिका ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बना लिया। इसके नतीजे इतने सख्त थे कि कई बार बेगुनाह लोगों को भी शक की नजर से देखा गया। Shah Rukh Khan US airport detention after 9/11 इसी बदली हुई व्यवस्था की सबसे चर्चित मिसाल बन गया, जिसने नस्लीय प्रोफाइलिंग, पहचान और ग्लोबल राजनीति पर बड़ी बहस छेड़ दी।

9/11 के बाद अमेरिका और दुनिया में क्या बदला
9/11 के बाद अमेरिका ने “नो-फ्लाई लिस्ट”, बायोमेट्रिक चेक, सेकेंडरी स्क्रीनिंग और इमिग्रेशन पूछताछ को बेहद सख्त कर दिया। खासतौर पर मुस्लिम नामों, मिडिल ईस्ट या साउथ एशियन बैकग्राउंड वाले यात्रियों को अतिरिक्त जांच का सामना करना पड़ा। इसका असर भारत पर भी पड़ा, क्योंकि भारत की कई नामी हस्तियां मुस्लिम हैं और उन्हें अमेरिका की यात्रा के दौरान बार-बार रोका गया। इस पूरे दौर में Shah Rukh Khan US airport detention after 9/11 एक ऐसा मामला बना, जिस पर न सिर्फ मीडिया बल्कि सरकारों को भी प्रतिक्रिया देनी पड़ी।
2009: न्यूआर्क एयरपोर्ट पर शाहरुख खान की पहली हिरासत
15 अगस्त 2009 को Shah Rukh Khan शिकागो में भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेने जा रहे थे। इसी यात्रा के दौरान जब वे न्यूआर्क एयरपोर्ट पहुंचे, तो अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सेकेंडरी चेक के लिए रोक लिया। यह वही समय था जब उनकी फिल्म My Name Is Khan का प्रमोशन चल रहा था, जो 9/11 के बाद मुसलमानों के साथ होने वाली रेशियल प्रोफाइलिंग पर आधारित थी। विडंबना यह रही कि फिल्म का विषय और उनकी निजी जिंदगी एक ही बिंदु पर आकर टकरा गए।
शाहरुख ने सुरक्षा अधिकारियों को बताया कि वह एक इंटरनेशनल फिल्म स्टार हैं और आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होने आए हैं। बावजूद इसके उन्हें करीब दो घंटे तक एयरपोर्ट पर बैठाए रखा गया। वजह यह बताई गई कि “Shah Rukh Khan” नाम का एक अन्य व्यक्ति अमेरिका की नो-फ्लाई लिस्ट में था। यही नाम-समानता उनके लिए परेशानी का कारण बनी।

राजीव शुक्ला का रोल और भारत सरकार की दखल
इस घटना ने तब और तूल पकड़ा जब शाहरुख ने मदद के लिए Rajiv Shukla को फोन किया। राजीव शुक्ला उस वक्त राज्यसभा सांसद होने के साथ-साथ बीसीसीआई के वरिष्ठ पदों पर भी रह चुके थे और उनके पास देश-विदेश में मजबूत संपर्क थे। स्मिता प्रकाश के पॉडकास्ट में राजीव शुक्ला ने बाद में बताया कि 9/11 के बाद अमेरिकी एयरपोर्ट्स पर हालात इतने सख्त थे कि किसी से सवाल करना भी आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि शाहरुख का फोन आने के करीब 15 मिनट के भीतर स्थिति बदली और उन्हें रिहा कर दिया गया। इस दौरान भारत सरकार और भारतीय दूतावास को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। यही वजह है कि Shah Rukh Khan US airport detention after 9/11 सिर्फ एक सेलिब्रिटी घटना नहीं, बल्कि एक डिप्लोमैटिक इश्यू भी बन गया।
2012 और 2016: दोबारा हिरासत और सार्वजनिक माफी
2009 की घटना के बाद भी शाहरुख की परेशानियां खत्म नहीं हुईं। 2012 और फिर 2016 में उन्हें अमेरिका के अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर फिर से डिटेन किया गया। 2016 की घटना के बाद शाहरुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि वह दुनिया की सुरक्षा जरूरतों को समझते हैं, लेकिन हर बार अमेरिकी इमिग्रेशन पर रोका जाना वाकई परेशान करने वाला है। इन दोनों मामलों में भी भारत सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा और अमेरिकी अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी पड़ी। Shah Rukh Khan US airport detention after 9/11 ने यह साफ कर दिया कि नाम और पहचान के आधार पर की जाने वाली प्रोफाइलिंग कितनी संवेदनशील और विवादित हो सकती है।

येल यूनिवर्सिटी में शाहरुख का व्यंग्य और आत्मस्वीकृति
इस पूरे अनुभव पर शाहरुख ने सालों बाद Yale University में दिए गए अपने भाषण में हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “जब भी मैं थोड़ा ज्यादा अरोगेंट होने लगता हूं, मैं अमेरिका की यात्रा कर लेता हूं। वहां के इमिग्रेशन ऑफिसर्स मेरे स्टारडम से ‘स्टार’ निकाल देते हैं।” यह मजाक दरअसल उस गहरी सच्चाई को उजागर करता है कि ग्लोबल सिक्योरिटी सिस्टम में स्टारडम भी कई बार पहचान की राजनीति के आगे फीका पड़ जाता है।
सिर्फ शाहरुख नहीं, कई भारतीय हस्तियां बनीं शिकार
Shah Rukh Khan US airport detention after 9/11 भले ही सबसे चर्चित मामला रहा हो, लेकिन वह अकेला नहीं था। कई अन्य भारतीय फिल्मी सितारे जैसे Aamir Khan, Irrfan Khan, John Abraham, Kamal Haasan और Mammootty को भी अमेरिकी एयरपोर्ट्स पर रोका गया। राजनीति में भी Hardeep Singh Puri जैसे नेताओं को ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ा। यहां तक कि 2011 में तत्कालीन राष्ट्रपति A. P. J. Abdul Kalam को भी अमेरिकी सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा, जिसने पूरी दुनिया में सवाल खड़े कर दिए थे।
Shah Rukh Khan US airport detention after 9/11 क्यों बना प्रतीक
शाहरुख खान का मामला इसलिए प्रतीक बन गया क्योंकि वह ग्लोबल आइकन हैं, जिनकी पहचान सीमाओं से परे है। जब एक सुपरस्टार को सिर्फ नाम और पहचान के आधार पर रोका जा सकता है, तो आम मुसाफिरों के साथ क्या होता होगा, यह सवाल अपने आप खड़ा होता है। Shah Rukh Khan US airport detention after 9/11 ने यह दिखाया कि आतंकवाद से लड़ने के नाम पर बनाई गई नीतियां अगर संतुलित न हों, तो वे भेदभाव और असहजता का कारण बन सकती हैं।
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