February 11, 2026 5:34 AM

परिहार सीट से आरजेडी का टिकट कटने से Ritu Jaiswal नाराज, निर्दलीय चुनाव लड़ सकती हैं

परिहार सीट पर आरजेडी में बगावत, Ritu Jaiswal टिकट कटने से नाराज। बोलीं — “आत्मा नहीं मानती दूसरे सीट से लड़ना।” संकेत दिए, निर्दलीय उतर सकती हैं चुनावी मैदान में।

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Sunday, October 19, 2025

परिहार सीट से आरजेडी का टिकट कटने से Ritu Jaiswal नाराज, निर्दलीय चुनाव लड़ सकती हैं

Ritu Jaiswal: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच सीतामढ़ी जिले की परिहार सीट पर सियासी हलचल तेज हो गई है। आरजेडी की तेजतर्रार और सोशल मीडिया पर सक्रिय नेता Ritu Jaiswal इस समय पार्टी से नाराज चल रही हैं। वजह है उनकी पसंदीदा सीट परिहार से टिकट कटना। Ritu Jaiswal को उम्मीद थी कि पार्टी उन्हें परिहार सीट से मौका देगी क्योंकि पिछले पांच सालों से उन्होंने यहां लगातार जनता के बीच रहकर काम किया था, लेकिन आरजेडी ने इस सीट से डॉ. रामचंद्र पुरवे की बहू डॉ. स्मिता पुरवे को टिकट दे दिया।

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जैसे ही यह खबर फैली, परिहार की राजनीति में हलचल मच गई। टिकट कटने के बाद Ritu Jaiswal ने अपने Facebook अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट लिखा जिसमें उन्होंने जनता के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा कि जैसे ही यह चर्चा फैली कि उन्हें परिहार से टिकट नहीं मिलेगा और बेलसंड से दिए जाने की संभावना है, परिहार की जनता के हजारों फोन और संदेश आने लगे। लोगों ने उनसे कहा — “मैडम परिहार को मत छोड़िए।”

Ritu Jaiswal ने लिखा कि यह भावनात्मक अपील उनके दिल को छू गई और उन्होंने साफ कहा कि परिवार को छोड़कर किसी अन्य सीट से चुनाव लड़ना उनकी आत्मा को स्वीकार नहीं। अपने पोस्ट में उन्होंने सीधे तौर पर नाम लिए बिना तेजस्वी यादव और आरजेडी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परिहार की मौजूदा स्थिति के लिए न सिर्फ बीजेपी विधायक गायत्री देवी बल्कि पूर्व आरजेडी विधायक डॉ. रामचंद्र पुरवे भी जिम्मेदार हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनाव में जब वह आरजेडी प्रत्याशी थीं, तब डॉ. पुरवे ने पार्टी से गद्दारी की थी, जिसके कारण वह मामूली अंतर से हार गई थीं। अब जब उन्हीं की बहू को टिकट दिया गया है, तो यह “गद्दारी का पुरस्कार” जैसा प्रतीत होता है।

Ritu Jaiswal का गुस्सा केवल टिकट कटने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने जनता की भावनाओं की अनदेखी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि परिहार की मिट्टी, लोगों का दुख-दर्द और संघर्ष उन्होंने करीब से महसूस किया है। पोस्ट में उन्होंने लिखा — “यह निर्णय आसान नहीं, यह मेरे मन की आवाज है और परिहार की जनता की भावनाओं का सम्मान भी।”

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अगर पार्टी ने अपना फैसला नहीं बदला, तो Ritu Jaiswal ने साफ संकेत दिए हैं कि वह स्वतंत्र उम्मीदवार (Independent Candidate) के रूप में चुनाव लड़ेंगी।

Ritu Jaiswal का नाम बिहार की राजनीति में किसी परिचय का मोहताज नहीं। वे सीतामढ़ी के सोनबरसा ब्लॉक की ग्राम प्रधान रह चुकी हैं और अपने पंचायत में विकास के कई मॉडल पेश कर चुकी हैं। सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता और महिला सशक्त नेतृत्व की छवि ने उन्हें युवाओं के बीच लोकप्रिय बनाया है।

पिछले चुनाव में Ritu Jaiswal ने परिहार से आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, जहां उन्होंने कड़ी टक्कर दी थी, लेकिन मामूली अंतर से हार गईं। इसके बावजूद उन्होंने क्षेत्र नहीं छोड़ा और जनता से लगातार जुड़ी रहीं।

इस बार परिहार सीट से आरजेडी ने डॉ. स्मिता पुरवे को टिकट दिया है, जो पूर्व मंत्री और आरजेडी के वरिष्ठ नेता डॉ. रामचंद्र पुरवे की बहू हैं। बीजेपी ने यहां से गायत्री देवी को मैदान में उतारा है, जो पिछली बार विजेता रही थीं।

अब अगर Ritu Jaiswal निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरती हैं, तो परिहार सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल सकता है। आरजेडी के लिए यह बड़ा झटका साबित हो सकता है, क्योंकि Ritu Jaiswal का जनाधार और महिला वोटरों के बीच उनकी मजबूत पकड़ पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक को प्रभावित कर सकती है।

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