भोपाल में मंच से दिया गया विवादित बयान
मध्य प्रदेश में RD Prajapati controversial statement को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विवाद खड़ा हो गया है। 18 जनवरी को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित SC-ST-OBC संयुक्त मोर्चा महासम्मेलन के दौरान पूर्व विधायक आर डी प्रजापति ने कथावाचकों और धर्मगुरुओं को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की।
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि देश में कुछ कथावाचक और धर्मगुरु करोड़ों की भीड़ के सामने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।
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कथावाचकों और बाबाओं पर लगाए गंभीर आरोप
आर डी प्रजापति ने मंच से कहा कि “आज बहन-बेटियों की इज्जत लूटने के दोषी पांच बाबा हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कथावाचक महिलाओं को प्लॉट जैसी उपमाओं से जोड़ते हैं और सार्वजनिक मंचों से अभद्र टिप्पणियां करते हैं।
इस RD Prajapati controversial statement में उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। बयान में प्रयुक्त भाषा को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
जगतगुरु रामभद्राचार्य पर टिप्पणी
अपने भाषण के दौरान आर डी प्रजापति ने Jagadguru Rambhadracharya का भी जिक्र किया। उन्होंने उन्हें लेकर अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और उनके एक पुराने वायरल वीडियो का हवाला दिया।
यह वीडियो 25 जुलाई 2025 को उनके आधिकारिक YouTube चैनल पर पोस्ट किया गया था, जिसमें उन्होंने “WIFE” शब्द का एक अर्थ बताया था। सोशल मीडिया पर उस बयान की पहले भी आलोचना हो चुकी है।
वायरल वीडियो और सोशल मीडिया विवाद
रामभद्राचार्य के वीडियो में दिए गए बयान को लेकर पहले ही सोशल मीडिया पर बहस चल चुकी थी। RD Prajapati controversial statement के जरिए उस मुद्दे को दोबारा मंच से उठाया गया, जिससे विवाद और बढ़ गया।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि विवादित बयान का जवाब विवादित बयान से देने का ट्रेंड अब आम होता जा रहा है।
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आर डी प्रजापति का राजनीतिक सफर
आर डी प्रजापति मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा सीट से विधायक रह चुके हैं।
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2013: BJP टिकट पर विधायक बने
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2018: टिकट काटा गया, उनके बेटे राजेश प्रजापति विधायक बने
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2019: समाजवादी पार्टी से टीकमगढ़ लोकसभा चुनाव लड़ा, हार का सामना
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वर्तमान में: किसी भी राजनीतिक दल के सदस्य नहीं
वे खुद को संपूर्ण बुंदेलखंड जन जागरण मंच का राष्ट्रीय अध्यक्ष और OBC महासभा का वरिष्ठ सदस्य बताते हैं।
बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया
RD Prajapati controversial statement के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाज़ी तेज हो गई है। कई नेताओं और सामाजिक संगठनों ने बयान की भाषा को अस्वीकार्य बताया है, जबकि कुछ वर्गों ने इसे कथावाचकों के बयानों के खिलाफ आक्रोश की अभिव्यक्ति बताया है।
यह पूरा मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि सार्वजनिक मंचों से दिए गए शब्द किस तरह सामाजिक और राजनीतिक विवाद को जन्म दे सकते हैं। आने वाले दिनों में इस बयान पर कानूनी या राजनीतिक कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।






