February 11, 2026 5:29 AM

Purvanchal Panchayat Election Update: पूर्वांचल में प्रधान चुनाव का माहौल टाइट, अप्रैल–जुलाई के बीच वोटिंग के संकेत !!

Purvanchal Panchayat Election Update पूर्वांचल में प्रधान चुनाव का माहौल टाइट ओम प्रकाश राजभर के बयान से मिले संकेत अप्रैल–जुलाई के बीच हो सकते हैं पंचायत चुनाव 2027 से पहले पार्टियों के लिए बड़ी अग्निपरीक्षा....

EDITED BY: Vishal Yadav

UPDATED: Tuesday, January 20, 2026

Purvanchal Panchayat Election Update: पूर्वांचल में प्रधान चुनाव का माहौल टाइट, अप्रैल–जुलाई के बीच वोटिंग के संकेत !!

पूर्वांचल की राजनीति में इन दिनों एक ही चर्चा सबसे ज्यादा गर्म है और वह है Purvanchal Panchayat Election Update। गांव-गांव में प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज हो चुकी है। भले ही चुनाव की आधिकारिक तारीखों का ऐलान अभी नहीं हुआ हो, लेकिन माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग चुका है। हर गली, हर चबूतरे और हर चौपाल पर अब सिर्फ एक ही सवाल है—चुनाव कब होंगे?

पूर्वांचल में प्रधान चुनाव केवल एक स्थानीय प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह आगे आने वाले बड़े राजनीतिक मुकाबलों की नींव भी मानी जाती है। यही वजह है कि पुराने प्रधान हों या नए दावेदार, सभी ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। कोई विकास के नाम पर वोट मांग रहा है तो कोई आरक्षण क्लियर होने का इंतजार कर रहा है ताकि पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर सके।

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Purvanchal Panchayat Election Update: पूर्वांचल में प्रधान चुनाव का माहौल टाइट, अप्रैल–जुलाई के बीच वोटिंग के संकेत !!
Credit – @dainik bhaskar


गांव-गांव में प्रधान चुनाव की सुगबुगाहट और बढ़ती सक्रियता

Purvanchal Panchayat Election Update के मुताबिक पूर्वांचल के लगभग हर गांव में चुनावी माहौल धीरे-धीरे टाइट होता जा रहा है। पुराने प्रधान खुद को “विकास का सम्राट” बता रहे हैं। कोई पुलिया गिनवा रहा है, कोई खरंजा, तो कोई पक्का-कच्चा रास्ता बनवाने का दावा कर रहा है। वहीं नए दावेदार कह रहे हैं कि जैसे ही आरक्षण की स्थिति साफ होगी, वे बताएंगे कि चुनाव में कितना खर्च और कितनी ताकत झोंकनी है।

सुबह-सवेरे दुआ-सलामी, लोगों से मिलना-जुलना और घर-घर संपर्क अब आम बात हो गई है। मिंटू, पिंटू और सिंटू जैसे आम ग्रामीण भी अब खुलकर यह चर्चा कर रहे हैं कि अगला प्रधान कौन होगा। बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य बनने की चाह रखने वाले लोग भी पूरी तरह एक्टिव हो चुके हैं। Purvanchal Panchayat Election Update साफ दिखाता है कि भले ही तारीख घोषित न हुई हो, लेकिन जमीनी राजनीति पूरी तरह शुरू हो चुकी है।

Om Prakash Rajbhar के बयान से चुनावी टाइमलाइन के संकेत

Purvanchal Panchayat Election Update को लेकर सबसे अहम संकेत पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के बयानों से मिले हैं। उन्होंने अलग-अलग जगहों पर दिए अपने दो बयानों में साफ कहा है कि पंचायत चुनाव समय पर होंगे। बलिया में उन्होंने कहा कि अभी सभी अधिकारी और कर्मचारी एसआईआर (Special Intensive Revision) में लगे हुए हैं, जो 6 फरवरी तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया तेजी से शुरू होगी।

सुल्तानपुर में दिए गए बयान में ओम प्रकाश राजभर ने यह भी कहा कि उनकी इस मुद्दे पर सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने भी साफ संकेत दिया है कि जैसे ही एसआईआर का काम पूरा होगा, पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। राजभर का दावा है कि चुनाव एकदम सही समय पर होंगे और इसमें किसी तरह की देरी नहीं होगी।

Purvanchal Panchayat Election Update: पूर्वांचल में प्रधान चुनाव का माहौल टाइट, अप्रैल–जुलाई के बीच वोटिंग के संकेत !!

इन बयानों के बाद Purvanchal Panchayat Election Update को लेकर राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि चुनाव अप्रैल से जुलाई के बीच कराए जा सकते हैं। इससे पहले भी पंचायती राज विभाग की ओर से ऐसे संकेत दिए जा चुके हैं कि पंचायत चुनाव इसी समयावधि में पूरे कराए जाएंगे।

दो चरणों में होगा चुनाव, पहले प्रधान फिर असली राजनीतिक ताकत की परीक्षा

Purvanchal Panchayat Election Update के अनुसार पंचायत चुनाव दो चरणों में पूरे होने की संभावना है। पहले चरण में ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) और जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे। इस दौरान गांव की जनता सीधे मतदान करेगी, मतपेटी में वोट डाले जाएंगे और गांव की सत्ता तय होगी। इस चरण में आम ग्रामीणों की भूमिका सबसे अहम होती है।

इसके बाद दूसरा चरण आता है, जिसे असली राजनीतिक ताकत की परीक्षा माना जाता है। इस चरण में जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख चुने जाते हैं। यहीं पर बाहुबल, धनबल और राजनीतिक जोड़-तोड़ खुलकर सामने आती है। भले ही इन चुनावों में किसी को चुनाव चिन्ह न मिले, लेकिन राजनीतिक पार्टियां खुलकर समर्थन देती हैं। Purvanchal Panchayat Election Update बताता है कि यही वह चरण है जहां क्षेत्रीय राजनीति का असली चेहरा दिखता है।

इस दूसरे चरण में बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य निर्णायक भूमिका में होते हैं। यही वजह है कि राजनीतिक पार्टियों की नजर सिर्फ प्रधान चुनाव पर नहीं, बल्कि जिला पंचायत अध्यक्ष और ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर भी टिकी हुई है।

2027 की तैयारी और क्षेत्रीय दलों की रणनीति

Purvanchal Panchayat Election Update सिर्फ पंचायत चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर 2027 के विधानसभा चुनाव से भी जुड़ा है। अगर ग्रामीण इलाकों में समाजवादी पार्टी अच्छा प्रदर्शन करती है, तो वह इसे सरकार के खिलाफ जनमत के रूप में पेश करेगी। वहीं अगर भारतीय जनता पार्टी पंचायत चुनाव में मजबूत रहती है, तो वह इसे अपनी पकड़ का सबूत बताएगी।

इसके अलावा बहुजन समाज पार्टी, कांग्रेस और कई क्षेत्रीय दल भी पंचायत चुनाव को अपनी ताकत दिखाने के मंच के रूप में देख रहे हैं। ओम प्रकाश राजभर, अनुप्रिया पटेल, संजय निषाद और जयंत चौधरी जैसे नेताओं की पार्टियां भी अलग-अलग लड़कर अपनी बार्गेनिंग पावर बढ़ाने की रणनीति में हैं।

इतना ही नहीं, पूर्वांचल में कई बाहुबली और क्षेत्रीय प्रभावशाली चेहरे भी इस चुनाव में अपनी ताकत दिखाने को तैयार हैं। चर्चा है कि कई जगहों पर बाहुबली आमने-सामने भी हो सकते हैं। Purvanchal Panchayat Election Update साफ करता है कि यह चुनाव सिर्फ ग्राम स्तर का नहीं, बल्कि प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है।

अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन इतना तय है कि अप्रैल से जुलाई के बीच पंचायत चुनाव पूरे होने की संभावना मजबूत होती जा रही है। जैसे ही तारीखों का ऐलान होगा, पूर्वांचल की राजनीति पूरी तरह चुनावी मोड में आ जाएगी।

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