C Voter Survey : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर इस बार हर नजर Prashant Kishor पर टिकी है। Prashant Kishor Bihar Election 2025 में अब वह ऐसा चेहरा बन चुके हैं जिसे कोई नजरअंदाज नहीं कर सकता। C Voter के ताज़ा सर्वे ने बिहार की सियासत में एक नई हलचल मचा दी है। इस सर्वे के मुताबिक Prashant Kishor ने अपने आरोपों और खुलासों से खूब सुर्खियां बटोरी हैं, लेकिन इसका सीधा फायदा जन स्वराज पार्टी को कम और महागठबंधन को ज्यादा होता दिख रहा है।
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C Voter Survey: भ्रष्टाचार के आरोप से किसको फ़ायदा ?
पूसर्वे में यह छा गया कि एनडीए नेताओं पर जो भ्रष्टाचार के आरोप Prashant Kishor लगा रहे हैं, उसका सबसे ज्यादा फायदा किसे हो रहा है। इस सवाल पर 22.4% लोगों ने कहा कि इससे जन स्वराज को फायदा होगा, लेकिन 33.6% लोगों का मानना है कि इसका असर महागठबंधन के पक्ष में जा रहा है। वहीं 21.9% वोटर्स ने कहा कि एनडीए को फायदा मिलेगा, 10.4% का कहना था कि इससे वोटर अप्रभावित हैं, जबकि 11.8% लोग कोई राय नहीं दे पाए। यानी आरोपों के बावजूद Prashant Kishor की पार्टी को सीधा फायदा नहीं हो रहा है।
C Voter Survey: सीएम की रेस में कौन आगे?

अब बात करें सीएम की रेस की तो इस मामले में प्रशांत किशोर लगातार ऊपर बढ़ रहे हैं। फरवरी में जब सर्वे हुआ था, तब 14.9% लोगों ने उन्हें पसंद किया था। जून तक यह आंकड़ा 18.2% पर पहुंचा और अब अक्टूबर में 23.2% लोगों ने प्रशांत किशोर को सीएम के तौर पर अपनी पसंद बताया है। इस समय तेजस्वी यादव 36.2% के साथ नंबर वन पर हैं, जबकि नीतीश कुमार को 15.9%, चिराग पासवान को 8.8% और सम्राट चौधरी को 7% लोगों का समर्थन मिला है। यानी सीएम रेस में Prashant Kishor अब नीतीश कुमार से आगे निकल चुके हैं, लेकिन तेजस्वी यादव से करीब 12% पीछे हैं।
सर्वे में एक और बड़ा सवाल पूछा गया कि आखिर बिहार चुनाव में किस पार्टी को बढ़त मिल रही है। इसमें 40.2% लोगों ने एनडीए को, 38.3% ने महागठबंधन को, 13.3% ने जन स्वराज को और 8.2% ने कहा कि कुछ कहा नहीं जा सकता। इसका मतलब साफ है कि जन स्वराज की लोकप्रियता बढ़ने के बावजूद वोट बैंक पर बड़ा असर अभी नहीं दिख रहा है।
कुल मिलाकर सी वोटर के सर्वे से यह तस्वीर निकलती है कि Prashant Kishor सीएम के चेहरे की रेस में मज़बूती से उभरे हैं। फरवरी से अक्टूबर के बीच उनकी पॉपुलैरिटी में तेज़ उछाल आया है, लेकिन जन स्वराज अभी भी तीसरे पायदान पर है। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर उनकी आवाज़ गूंज रही है, पर चुनावी आंकड़ों में अभी महागठबंधन और एनडीए ही मुख्य मुकाबले में हैं।






