Mathili Thakur Controversy: लोकप्रिय गायिका मैथिली ठाकुर इन दिनों चर्चा में हैं। वजह सिर्फ उनकी सुरीली आवाज नहीं बल्कि एक वीडियो और कुछ दावे हैं, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। दरअसल, गांव वालों का कहना है कि छठ पर्व के मौके पर उन्होंने मैथिली ठाकुर को एक प्रोग्राम में बुलाया था, लेकिन पैसे पर बात न बनने के कारण वह नहीं आईं। गांव वालों का दावा है कि मैथिली ने ₹5 लाख की मांग की थी जबकि वे ₹1 लाख देने को तैयार थे।

Mathili Thakur Controversy: क्या बिहार चुनाव लड़ेंगी मैथिली ठाकुर?
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब मैथिली ठाकुर का नाम बिहार विधानसभा चुनावों के संदर्भ में चर्चा में है। हाल ही में उन्होंने बीजेपी नेताओं से मुलाकात की थी और संकेत दिए थे कि भविष्य में वह चुनाव लड़ सकती हैं। इसी के बाद सोशल मीडिया पर उनके पुराने बयान और गतिविधियों को लेकर बहस शुरू हो गई है।
मैथिली ठाकुर के पिता रमेश ठाकुर से जब इस पूरे मामले पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जो चल रहा है उस पर फिलहाल वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।
क्या सच में ‘लालू राज’ में बिहार से भागा था मैथिली ठाकुर का परिवार?
विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब मैथिली और उनके पिता रमेश ठाकुर ने भारतीय जनता पार्टी के महासचिव विनोद तावड़े और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद विनोद तावड़े ने एक पोस्ट में लिखा कि वर्ष 1995 में लालू राज के दौरान बिहार छोड़ने वाला परिवार, अब बदलते बिहार की रफ्तार देखकर लौटना चाहता है। उन्होंने मैथिली ठाकुर से आग्रह किया कि वह बिहार के विकास में योगदान दें।

जंगल राज, जातीय उन्माद या नौकरी?
लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इस मुलाकात को लेकर सवाल उठाए। कुछ यूजर्स ने लिखा कि जो अपने गांव में छठ गीत गाने को पैसे का जरिया समझती हैं, वो बिहार के भले की बात कैसे करेंगी। एक अन्य पोस्ट में उनके परिवार के उस दावे पर भी तंज कसा गया जिसमें कहा गया था कि उनका परिवार जंगल राज के कारण बिहार से पलायन कर गया था।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो में मैथिली ठाकुर के पिता को यह कहते हुए देखा जा सकता है कि जातीय उन्माद के कारण वे बिहार छोड़कर दिल्ली आए थे। वहीं, उनके पुराने इंटरव्यू में वे कहते नजर आते हैं कि नौकरी के मौके नहीं मिलने की वजह से उन्होंने बिहार छोड़ा।
अब मैथिली ठाकुर को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं — कुछ लोग उनका समर्थन कर रहे हैं तो कुछ उनकी आलोचना। हालांकि, अभी तक मैथिली ठाकुर या उनके परिवार की तरफ से इस विवाद पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। ऐसा लगता है कि उन्होंने फिलहाल इस मसले से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है।






