Manish Kashyap: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच चपटिया सीट से मनीष कश्यप का नाम इन दिनों काफी चर्चा में है। सोशल मीडिया पर उनके एक पोस्ट ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। जन स्वराज पार्टी की पहली लिस्ट में उनका नाम नहीं था, लेकिन अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि Manish Kashyap Chhapatiya Election 2025 में टिकट लगभग पक्का माना जा रहा है।

Manish Kashyap ने क्या किया सोशल मीडिया पर पोस्ट ?
मनीष कश्यप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रशांत किशोर के साथ एक फोटो पोस्ट की है, जिसमें उन्होंने लिखा, “तुम्हारे साजिशों के जंजीरों में उलझकर हमारे कदम नहीं रुकेंगे बल्कि संघर्षों की भट्टी में जलकर नया इतिहास लिखेंगे।” इस पोस्ट ने यह संकेत दिया है कि अब वे पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुके हैं और जन स्वराज के साथ मिलकर मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
चपटिया सीट पर कई दावेदार हैं, लेकिन मनीष कश्यप को वहां से सबसे मज़बूत उम्मीदवार माना जा रहा है। पिछली बार वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे थे और करीब 9000 से अधिक वोट हासिल किए थे। अब वे एक संगठित पार्टी के साथ उतरने जा रहे हैं, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

जन सुराज की लिस्ट में कौन?
प्रशांत किशोर की जन स्वराज पार्टी ने अब तक 52 सीटों की सूची जारी की है, जिसमें कई नए और चर्चित नाम शामिल हैं। इनमें कुछ पूर्व अधिकारी और डॉक्टर भी हैं, जिससे साफ़ है कि पार्टी हर वर्ग को साधने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए टिकट वितरण का काम रणनीतिक तरीके से चल रहा है।
मनीष कश्यप पहले बीजेपी के साथ थे, लेकिन उन्होंने खुलकर कहा है कि बीजेपी में जाना उनकी सबसे बड़ी गलती थी। एम्स प्रकरण के दौरान जब पार्टी नेताओं ने उनका साथ नहीं दिया, तब उन्होंने बीजेपी छोड़ने और प्रशांत किशोर के नेतृत्व में जन स्वराज से जुड़ने का फैसला किया।
अब वे जन स्वराज की विचारधारा को जनता तक पहुंचाने में सक्रिय हैं। उनकी लोकप्रियता और युवाओं के बीच उनकी अपील को देखते हुए यह माना जा रहा है कि पार्टी उन पर भरोसा जताएगी। अगर वे इस बार चपटिया से जीत दर्ज करते हैं, तो यह बीजेपी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है, क्योंकि वे पहले बीजेपी के ही सदस्य रहे हैं और वहां से काफी समर्थन लेकर आए थे।
वर्तमान माहौल में मनीष कश्यप का जन स्वराज के साथ चुनाव लड़ना न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य की सियासत में भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है। अब सबकी निगाहें जन स्वराज की दूसरी लिस्ट पर टिकी हैं, जिसमें संभव है कि उनका नाम औपचारिक रूप से शामिल किया जाए।






