Aratta, Zoho: देसी टेक कंपनी Zoho और उसका चैट ऐप Arattai पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में है। हर जगह इस ऐप की तारीफ और बहस दोनों ही चल रही हैं। सवाल उठ रहा है कि क्या यह ऐप वाकई इतना सुरक्षित है जितना दावा किया जा रहा है, खासकर जब बात आती है कपल्स के बीच शेयर होने वाली प्राइवेट फोटो या वीडियो की।
क्या आपकी प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित है?
Zoho के फाउंडर श्रीधर वेंंबू ने खुद इस सवाल का जवाब दिया है और तीन अलग-अलग उदाहरणों के जरिए प्राइवेसी को समझाने की कोशिश की है। पहला केस उन्होंने बताया — सीक्रेट लवर केस। इसमें उन्होंने कहा कि किसी कपल के बीच शेयर होने वाला डाटा और कंपनियों के बीच साझा होने वाला कॉन्फिडेंशियल डाटा, दोनों एक जैसे हैं। अगर कोई कंपनी बिजनेस डाटा को प्राइवेट रख सकती है तो वही टेक्नोलॉजी पर्सनल डाटा को भी सुरक्षित रख सकती है।

दूसरा मुद्दा था विज्ञापन (Ads) वाला केस। अक्सर इंटरनेट यूज़र्स नोटिस करते हैं कि जैसे ही कोई प्रोडक्ट सर्च किया जाए, उसी प्रोडक्ट के विज्ञापन हर जगह दिखने लगते हैं। इस पर वेंंबू ने कहा कि Zoho ऐसा नहीं करता। उनका कहना है कि उनकी कंपनी का प्रण है कि यूज़र का डाटा कभी भी एड्स या किसी प्रोडक्ट सेलिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। उनका साफ दावा है कि Zoho यूज़र्स की सर्च या चैट को विज्ञापनदाताओं के साथ शेयर नहीं करता।
तीसरा था सीक्रेट रिबल केस। इस केस में वेंंबू ने साफ कहा कि कोई भी कंपनी सरकार से ऊपर नहीं होती। अगर कोई व्यक्ति या संगठन किसी सरकार के खिलाफ विद्रोह की योजना बना रहा है और उम्मीद करता है कि कंपनी उसकी प्राइवेसी बचा लेगी, तो वह गलत है। वेंंबू के अनुसार, चाहे कंपनी Google हो, Apple या Zoho, अगर वह भारत में काम करती है तो उसे भारतीय कानून का पालन करना ही होगा।
क्या Zoho भारत का Google बन सकता है?
वेंंबू के इस बयान पर सोशल मीडिया पर कई रिएक्शन आए। एक यूज़र रवि ने मजे लेते हुए पूछा कि “सीक्रेट लवर केस छोड़िए, बस इतना बताइए क्या पति-पत्नी आपस में इंटिमेट तस्वीरें Zoho में शेयर कर सकते हैं? किसके पास इसकी पहुंच होती है?” इस पर वेंंबू ने जवाब दिया — “हमारी कंपनी ट्रस्ट पर बनी है। हम किसी यूज़र का डाटा नहीं देखते और न ही बेचते हैं। विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है।”
रवि ने फिर मजाकिया अंदाज़ में लिखा — “मैंने Zoho के फाउंडर से प्राइवेसी पर सवाल किया तो जवाब मिला, ट्रस्ट मी ब्रो।”
अगर आसान भाषा में कहें तो Zoho भारत का जवाब है Google और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों को। इसके कई प्रोडक्ट्स हैं जैसे Zoho Mail, Zoho Docs और चैटिंग ऐप Arattai। कंपनी के हेडक्वार्टर्स चेन्नई में हैं और दुनिया भर में इसके 80 से ज्यादा ऑफिस और 18 डेटा सेंटर मौजूद हैं।
हाल ही में Zoho को भारत में खूब प्रमोट किया जा रहा है। यहां तक कि गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने ईमेल को Gmail से Zoho Mail पर शिफ्ट किया है। अब सोशल मीडिया पर यही चर्चा है कि क्या सच में Zoho इंडियन टेक्नोलॉजी का भविष्य बन सकता है।
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