(Sensitive News) भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी जब तिरंगे के सामने शपथ लेते हैं तो संविधान के प्रति निष्ठा, निष्पक्षता और न्याय का वचन देते हैं, लेकिन Karnataka DGP viral video case ने इन्हीं आदर्शों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने न सिर्फ कर्नाटक पुलिस बल्कि पूरे सिस्टम की छवि को झकझोर दिया है।
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Karnataka DGP viral video case क्या है पूरा मामला
18 जनवरी को सोशल मीडिया पर 47 सेकंड का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कर्नाटक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी रामचंद्र राव कथित तौर पर कई महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो ऑफिस के अंदर का है, जिससे Karnataka DGP viral video case और भी गंभीर बन गया। रामचंद्र राव 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं और डायरेक्टर ऑफ सिविल राइट्स एनफोर्समेंट (DCRE) में DGP के पद पर तैनात थे, जिसकी जिम्मेदारी राज्य में SC-ST समेत अन्य वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना है।
वीडियो सामने आने के बाद सरकार और पुलिस का एक्शन
वीडियो वायरल होते ही Karnataka DGP viral video case में त्वरित कार्रवाई की गई और रामचंद्र राव को सस्पेंड कर दिया गया। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि अगर अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। राव ने गृह मंत्री जी परमेश्वर से मुलाकात की कोशिश भी की, लेकिन गृह मंत्री ने मिलने से इनकार कर दिया, जिससे साफ हो गया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

DGP रामचंद्र राव का पक्ष और पुराने विवाद
Karnataka DGP viral video case पर सफाई देते हुए रामचंद्र राव ने वायरल वीडियो को फर्जी बताया और कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो देखकर वह खुद हैरान हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी कानूनी कदम उठाने से पहले वह अपने वकील से सलाह लेंगे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह वीडियो करीब 8 साल पुराना बताया जा रहा है, जब राव IG के पद पर थे, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इससे पहले भी राव विवादों में रहे हैं। साल 2025 में उनकी बेटी और कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव को सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, तब उन पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगे थे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगे क्या
Karnataka DGP viral video case को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी नेताओं का कहना है कि एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी द्वारा वर्दी में और ऑफिस के अंदर इस तरह का आचरण पूरे पुलिस विभाग की साख पर दाग है। रामचंद्र राव इसी साल मई में रिटायर होने वाले हैं, लेकिन इस विवाद ने उनके करियर पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। फिलहाल जांच जारी है और सरकार ने भरोसा दिलाया है कि दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। (Source)






