Kantara Legend Chapter One Review: कन्नड़ सिनेमा से निकली ऋषभ शेट्टी की “कांतारा लेजेंड चैप्टर वन” दर्शकों को एक बार फिर अपनी दुनिया में खींच ले जाती है। यह फिल्म महज़ एक कहानी नहीं बल्कि एक ऐसा सिनेमाई अनुभव है, जो आपको सीट से बांध देता है और दूसरी दुनिया में ले जाता है। हिंदी में रिलीज़ हुई इस फिल्म को देखकर साफ है कि यह साल की सबसे बेहतरीन फिल्मों में शुमार हो चुकी है।
Kantara Legend Chapter One Review: कहानी और निर्देशन
फिल्म की कहानी “बेड़मे” नाम के एक युवक पर केंद्रित है, जिसे खुद ऋषभ शेट्टी ने निभाया है। उनका अभिनय दमदार है और किरदार में गहराई तक उतरने वाला है। कहानी में राजा कुलशेखर (गुलशन देवैया) और राजकुमारी कनकवती (रुक्मिणी वसंत) जैसे अहम किरदार भी हैं। खास बात यह है कि कांतारा चैप्टर वन पहली फिल्म से अलग होते हुए भी उसी फ्रेंचाइज की आत्मा से जुड़ा हुआ है।
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एक्शन और विजुअल्स
फाइट कोरियोग्राफर टोडोर लेज़्रोव ने एक्शन को इतना इन्वेंटिव बनाया है कि दर्शक इसे RRR और बाहुबली से भी आगे मान सकते हैं। कैमरा वर्क अरविंद एस. कश्यप का कमाल है, जिसने कठिन दृश्यों को जीवंत कर दिया। विजुअल इफेक्ट्स टीम ने भी हर सीन को परफेक्शन तक पहुँचाया है।
संगीत और बैकग्राउंड स्कोर
फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण है इसका बैकग्राउंड स्कोर, जिसे बी अजनीश लोकनाथ ने तैयार किया है। माटी की खुशबू, माइथोलॉजी और कबीलाई संस्कृति को मिलाकर ऐसा संगीत रचा गया है, जो दर्शकों को रोमांच से भर देता है। कभी यह संगीत रुला देता है तो कभी प्रलय जैसी ऊर्जा पैदा करता है।
धार्मिक आस्था और संदेश
“कांतारा चैप्टर वन” इस बार प्रतीकों और रूपकों से आगे बढ़कर पूरी तरह एक धार्मिक फिल्म बन गई है। फिल्म यह संदेश देती है कि जब इंसानों पर संकट आता है और वे ईश्वर को पुकारते हैं, तो देवता मदद को आते हैं। फिल्म में पंजुरली और गण का आगमन यही साबित करता है।
अभिनय और टीमवर्क
ऋषभ शेट्टी ने न सिर्फ निर्देशन बल्कि अभिनय से भी साबित किया है कि वे एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं। गुलशन देवैया और रुक्मिणी वसंत ने अपनी भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीत लिया है। एडिटिंग, प्रोडक्शन डिजाइन और सिनेमेटोग्राफी, सबने मिलकर इस फिल्म को एक भव्य रूप दिया है।
रेटिंग
आलोचकों के अनुसार यह फिल्म साल की सबसे शानदार फिल्मों में से एक है। इसे 5 में से 4 स्टार दिए गए हैं, और जादू ऐसा है कि पांचवे स्टार की तरफ खींच लेता है।
अगर आप साल में सिर्फ एक ही फिल्म देखने का मन बना रहे हैं, तो कांतारा लेजेंड चैप्टर वन को थिएटर में जरूर देखें। यह फिल्म न सिर्फ वायलेंट एक्शन बल्कि धार्मिक और भावनात्मक गहराई का भी अनुभव कराती है।






