दूषित पानी से बीमार लोग और बयान से नाराजगी
मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी के बीच एक बार फिर मंत्री Kailash Vijayvargiya अपने बयान को लेकर विवादों में आ गए हैं। इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 200 से ज्यादा लोग बीमार हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि मौतों का आंकड़ा इससे भी ज्यादा है। इसी मामले पर जब एक पत्रकार ने मंत्री से सवाल पूछा, तो जवाब ने नया विवाद खड़ा कर दिया।
पत्रकार ने पीने के पानी की व्यवस्था और पीड़ितों को राहत न मिलने को लेकर सवाल किया था। इस पर मंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा, “फोकट के सवाल मत पूछो। क्या घंटा उस जगह से होकर आए हो तुम?” यह बयान सामने आते ही Kailash Vijayvargiya Controversy एक बार फिर चर्चा में आ गया।
पत्रकार से तीखी बहस, पार्टी की किरकिरी
यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सवाल उठने लगे कि इतने सीनियर नेता, जो 12 साल तक इंदौर के मेयर रहे, छह बार विधायक बने और अब राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं, वे इस तरह की भाषा कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं।
पत्रकार से हुई बहस के दौरान वहां मौजूद एक व्यक्ति मंत्री का पक्ष लेते हुए सामने आया और पत्रकार से कहा कि “वो हमारे लीडर हैं।” बाद में पता चला कि यह व्यक्ति भागीरथपुरा इलाके के पार्षद हैं। यह वही इलाका है जहां Indore contaminated water की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं।
इंदौर में दूषित पानी से मौतों पर सवाल पूछने पर NDTV रिपोर्टर को “फोकट सवाल” कहे जाने और “घंटा गए थे” जैसे शब्दों के इस्तेमाल का मामला सामने आया।#KailashVijayvargiya #NDTV #Indore #PressFreedom #Journalism #News pic.twitter.com/ssYx6ZtYZ1
— The Lok Dhara (@thelokdhara) January 1, 2026
जब मंत्री को महिलाओं ने रास्ते में रोका
इस बयान के बाद एक और वीडियो सामने आया, जिसमें मंत्री अपनी विधानसभा की ओर बाइक से जाते दिखे। रास्ते में मौजूद महिलाओं ने उन्हें रोक लिया और अपनी समस्याएं बताईं। महिलाओं ने कहा कि पीने के पानी की लाइन में गंदगी मिल रही है, कई महीनों से शिकायत की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
महिलाओं ने बताया कि बारिश के दिनों में पानी और ज्यादा गंदा हो जाता है और इसी वजह से कई लोग बीमार पड़ चुके हैं। इस बार मंत्री चुपचाप लोगों की बातें सुनते नजर आए, क्योंकि सामने कोई पत्रकार नहीं बल्कि सीधे वोटर थे।
भागीरथपुरा में हालात और आरोप
स्थानीय लोगों के मुताबिक Bhagirathpura water crisis पिछले कई दिनों से जारी है। दूषित पानी को लेकर शिकायतें की गईं, लेकिन पार्षद से लेकर विधायक तक किसी ने समय पर ध्यान नहीं दिया। लोगों का आरोप है कि दूषित पानी से अब तक नौ से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, जबकि सरकारी रिकॉर्ड में आंकड़ा इससे कम बताया जा रहा है।
एक तरफ लोग बीमार हैं, परिवार अस्पतालों के चक्कर काट रहे हैं और दूसरी तरफ प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। इसी बीच Kailash Vijayvargiya Controversy ने मामले को और राजनीतिक रंग दे दिया है।
पुराने बयानों से भी जुड़ा है नाम
यह पहली बार नहीं है जब मंत्री अपने बयान को लेकर विवादों में आए हों। इससे पहले भी कई मौकों पर उनके बयानों पर सवाल उठते रहे हैं। अक्टूबर 2025 में एक मामले पर उन्होंने ऐसा बयान दिया था जिस पर काफी आलोचना हुई थी। इसके अलावा विपक्षी नेताओं और महिलाओं को लेकर दिए गए पुराने बयानों को लेकर भी वह घिरे रह चुके हैं।
इन सभी बयानों की वजह से अक्सर पार्टी को सफाई देनी पड़ती है और हर बार यह सवाल उठता है कि इतने अनुभव के बावजूद भाषा और संवेदनशीलता में बदलाव क्यों नहीं आया।
माफी और जारी विवाद
ताजा मामले में बयान पर नाराजगी बढ़ने के बाद मंत्री ने माफी भी मांगी है। लेकिन इसके बावजूद Kailash Vijayvargiya Controversy थमता नजर नहीं आ रहा। दूषित पानी से जूझ रहे इंदौर के लोग अब सिर्फ बयानों नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।






