Jan Suraaj Party: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखें जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, सियासी हलचल तेज हो गई है। प्रशांत किशोर की Jan Suraaj Party ने सोमवार को अपने 65 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इससे पहले पार्टी ने 51 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी, जिसके बाद अब जन स्वराज के कुल 116 उम्मीदवार मैदान में आ चुके हैं। लेकिन सबकी निगाहें जिस एक सीट पर टिकी थीं, उस राघोपुर सीट को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। राघोपुर तेजस्वी यादव की पारंपरिक सीट है और ऐसी अटकलें थीं कि प्रशांत किशोर खुद तेजस्वी के खिलाफ वहां से चुनाव लड़ सकते हैं।
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क्या सीधे CM उम्मीदवार को देंगे चुनौती?
13 अक्टूबर को जारी हुई दूसरी लिस्ट में भी प्रशांत किशोर का नाम शामिल नहीं है। यह तब है जब पहले चरण की वोटिंग के लिए नामांकन भरने की आखिरी तारीख 17 अक्टूबर है, जिसमें सिर्फ चार दिन बचे हैं। इस देरी ने सियासी गलियारों में कई सवालों को जन्म दे दिया है। क्या प्रशांत किशोर चुनाव लड़ेंगे या फिर वह सिर्फ ‘किंग मेकर’ की भूमिका निभाना चाहते हैं? यह चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि प्रशांत किशोर ने कहा था कि अगर वह चुनाव लड़ेंगे तो किसी मुख्यमंत्री उम्मीदवार के सामने ही लड़ेंगे, और इसी रणनीति के तहत वह माहौल बना रहे हैं।

किंग बनेंगे या किंग मेकर?
दूसरी लिस्ट में सबसे प्रमुख नामों में से एक अभयकांत झा का है। 74 वर्षीय अभयकांत झा एक वकील हैं और उन्होंने भागलपुर दंगों के मुस्लिम पीड़ितों का केस बिना फीस के लड़ा था। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने उन्हें जनता से मिलवाते हुए कहा कि जन स्वराज ऐसे ही चेहरों को मौका दे रही है। इसके अलावा प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने अति पिछड़ा समाज (EBC) को एक-तिहाई सीटें दी हैं, जो किसी भी मुख्यधारा की पार्टी ने आज तक नहीं किया है। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक न्याय के नारे को जमीन पर उतारने जैसा है।
NDA में कहानी में ट्विस्ट?
पार्टी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दूसरी लिस्ट में 14 उम्मीदवार EBC, 10 OBC, 11 सवर्ण और 11 मुस्लिम समुदाय से हैं। पहली लिस्ट में भी कर्पूरी ठाकुर की पोती जागृति ठाकुर और आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह जैसे कई बड़े नाम शामिल थे।
एक तरफ जहां जन स्वराज अपनी लिस्ट जारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर बिहार के बड़े गठबंधनों में अभी भी सीट शेयरिंग को लेकर खींचतान जारी है। NDA में धर्मेंद्र प्रधान के 101-101 सीट के फॉर्मूले के बाद जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी की खबरें हैं। वहीं, महागठबंधन में भी RJD और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा फाइनल नहीं हो पाया है, जिस वजह से दोनों ही खेमों ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। बिहार में 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में वोटिंग होनी है और नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इन सबके बीच राघोपुर सीट बिहार की राजनीति का सबसे बड़ा हॉटस्पॉट बनी हुई है।
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