Thiruvananthapuram, March 4: Kerala BJP के वरिष्ठ नेता Rajeev Chandrasekhar ने CPM और Congress पर तीखा हमला करते हुए कहा कि दोनों दल Israel-Iran Conflict के मुद्दे पर केवल US और Israel की आलोचना कर रहे हैं, जबकि Gulf देशों में काम कर रहे लाखों Malayalis की सुरक्षा से जुड़े गंभीर खतरों पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि West Asia में तेजी से बढ़ रहे तनाव को देखते हुए यह मुद्दा केवल अंतरराष्ट्रीय राजनीति का विषय नहीं है, बल्कि इससे सीधे तौर पर भारतीयों, खासकर Malayali समुदाय की सुरक्षा भी जुड़ी हुई है।

मीडिया से बातचीत में Rajeev Chandrasekhar ने कहा कि वर्तमान Israel-Iran Conflict ने पूरे West Asia क्षेत्र में अस्थिरता का माहौल बना दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि CPM और Congress इस संकट को केवल वैचारिक नजरिए से देख रहे हैं और US तथा Israel की आलोचना तक ही सीमित हैं, जबकि Iran से जुड़ी गतिविधियों और उसके क्षेत्रीय प्रभाव के बारे में कोई चर्चा नहीं कर रहे।
Rajeev Chandrasekhar ने कहा कि Kerala की अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा Gulf देशों में काम कर रहे Malayalis द्वारा भेजे गए remittances पर निर्भर करता है। Bahrain, Qatar, UAE और Saudi Arabia जैसे देशों में लाखों Malayalis काम करते हैं और वहां से आने वाली कमाई राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा कि यदि Israel-Iran Conflict और अधिक बढ़ता है तो इसका असर Gulf क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है, जिससे वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और रोजगार दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील समय में राजनीतिक दलों को केवल बयानबाजी करने के बजाय उन लोगों की सुरक्षा और हितों के बारे में भी सोचना चाहिए जो विदेशों में काम कर रहे हैं। Rajeev Chandrasekhar ने आरोप लगाया कि CPM और Congress अक्सर उन मुद्दों पर आवाज उठाते हैं जो उनके राजनीतिक एजेंडे के अनुकूल होते हैं, लेकिन जब बात भारतीयों की सुरक्षा की आती है तो वे चुप रहते हैं।
Rajeev Chandrasekhar ने Congress नेता Priyanka Gandhi Vadra और Kerala के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे Gaza से जुड़े मुद्दों पर बयान देते हैं, लेकिन दुनिया के अन्य हिस्सों में हो रही हिंसा पर उतनी सक्रियता नहीं दिखाते। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं को वैश्विक घटनाओं पर संतुलित और जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
इस बीच Israel-Iran Conflict के चलते पूरे West Asia क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। हाल के दिनों में US और Israel द्वारा Iran से जुड़े सैन्य ठिकानों और रणनीतिक ढांचों को निशाना बनाने की खबरें सामने आई हैं। इन घटनाओं के बाद Iran और उससे जुड़े संगठनों की प्रतिक्रिया ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि Israel-Iran Conflict केवल दो देशों के बीच का सैन्य या राजनीतिक टकराव नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे Middle East क्षेत्र की स्थिरता पर पड़ सकता है। West Asia दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति क्षेत्रों में से एक है और यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को प्रभावित कर सकता है।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यदि Israel-Iran Conflict और अधिक गहराता है तो इससे Gulf देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी हो सकती है और वहां काम कर रहे विदेशी नागरिकों, जिनमें बड़ी संख्या भारतीयों की है, के सामने नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं।
इसी कारण Rajeev Chandrasekhar ने कहा कि भारतीय राजनीतिक दलों को इस मुद्दे को केवल वैचारिक बहस के रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे उन भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के संदर्भ में भी समझना चाहिए जो West Asia और Gulf देशों में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर रख रही है और भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
West Asia में तेजी से बदलते हालात के बीच Israel-Iran Conflict ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान अपनी ओर खींचा है। कई देशों ने इस बढ़ते तनाव को लेकर चिंता व्यक्त की है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है





