IRCTC Scam: UPA-1 के कार्यकाल में सामने आए बहुचर्चित IRCTC Scam मामले में अब नया मोड़ आ गया है। दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव सहित कुल 14 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने कहा कि prima facie (प्राथमिक रूप से) सभी आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और मुकदमा चलाने के लिए मामला बनता है।

क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2004 से 2006 के बीच का है, जब लालू यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे।
सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, आरोप है कि लालू यादव ने रेल मंत्रालय के दो होटलों — रांची और पुरी के बीएनआर होटल्स — के संचालन का ठेका देते समय टेंडर प्रक्रिया में धांधली की। टेंडर उन कंपनियों को दिए गए जिन्होंने कथित तौर पर लालू यादव के परिवार से जुड़ी कंपनियों को बहुत कम कीमत पर जमीन दी थी।
सीबीआई ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया को लालू यादव ने influence (प्रभावित) किया और अपनी स्थिति का दुरुपयोग (abuse of position) किया।
कोचर ब्रदर्स और जमीन सौदे की कहानी
एफआईआर के मुताबिक, विजय और विनय कोचर, जो उस समय सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड और चाणक्य होटल (पटना) के मालिक थे, उन्होंने डिलाइट मार्केटिंग कंपनी को जमीन सस्ते दामों में दी।
यह कंपनी लालू यादव के परिवार की करीबी सरला गुप्ता संचालित करती थीं।
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कोचर ब्रदर्स ने लगभग 94 करोड़ रुपए की जमीन केवल 1.47 करोड़ रुपए में दी।
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बदले में उन्हें आईआरसीटीसी के होटल प्रबंधन का ठेका मिल गया।
एफआईआर में यह भी दर्ज है कि रेलवे बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन ने इस पूरे टेंडर की जानकारी नियमित रूप से रेल मंत्री लालू यादव को दी थी, यानी मंत्री को पूरी प्रक्रिया की जानकारी थी।

अदालत की टिप्पणी
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा:
“लालू यादव conspiracy (साजिश) में शामिल थे। उन्होंने एक पब्लिक सर्वेंट के रूप में अपने पद का दुरुपयोग किया और टेंडर की शर्तों में हेरफेर किया ताकि ठेका उनके करीबियों को मिल सके।”
अदालत ने कहा कि लालू यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) और 13(1)(डी) के तहत आरोप तय किए गए हैं, जबकि अन्य आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120बी (आपराधिक साजिश) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
कुल 14 आरोपी
इस मामले में कुल 14 आरोपी हैं जिनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:
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लालू प्रसाद यादव
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राबड़ी देवी
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तेजस्वी यादव
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विजय कोचर और विनय कोचर (सुजाता होटल्स)
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आईआरसीटीसी के तत्कालीन जीएम वी.के. अस्थाना
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आर.के. गोयल और अन्य
अब आगे क्या?
सभी आरोपियों ने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है और आरोपों से इनकार किया है। अदालत में अब आगे ट्रायल की प्रक्रिया शुरू होगी, जहां गवाहों के बयान और सबूतों की जांच होगी।
राजनीति और कोर्ट की दोहरी जंग
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है। एक ओर लालू यादव और तेजस्वी यादव को अदालत में कानूनी लड़ाई लड़नी है, वहीं दूसरी ओर उन्हें चुनावी मैदान में राजनीतिक चुनौती का भी सामना करना होगा।
आईआरसीटीसी घोटाला मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। कोर्ट का अगला फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि सबूत कितने मजबूत हैं और बचाव पक्ष अपनी दलीलों से कितना भरोसा जगा पाता है।






