ईरान में दो हफ्तों से जारी विरोध प्रदर्शन
ईरान में करीब दो हफ्तों से सरकार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। राजधानी से लेकर कई बड़े शहरों तक सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें सामने आ रही हैं। Iran Protest Violence के बीच सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए संचार और आवाजाही पर रोक लगा दी है।
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रिजा पहलवी की अपील के बाद सड़कों पर उतरे लोग
ईरान के आखिरी शाह के बेटे Reza Pahlavi ने 8 जनवरी की रात करीब 10 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर लोगों से सड़कों पर उतरने की अपील की। उन्होंने लिखा कि ईरान पर दुनिया की नजरें टिकी हैं और लोगों को एकजुट होकर इस्लामिक रिपब्लिक के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
इस अपील के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को सत्ता से हटाया जाए और रिजा पहलवी की वापसी हो।
Massive protest in Tehran, Iran. People had enough. Not much mainstream media coverage. Why? pic.twitter.com/RqIikXbW94
— Lily Tang Williams (@Lily4Liberty) January 8, 2026
मौतों के अलग-अलग आंकड़े, हालात गंभीर
अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में मौतों के आंकड़े अलग बताए जा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि ईरान के एक एनजीओ के हवाले से यह संख्या 45 तक बताई जा रही है। दिसंबर के आखिरी दिनों से शुरू हुए ये प्रदर्शन 8 जनवरी तक और ज्यादा उग्र हो गए।
रात भर कई शहरों में झड़पें हुईं। सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं दिखे।

डॉलर के मुकाबले रियाल की गिरावट बनी वजह
इन प्रदर्शनों की शुरुआत 28 दिसंबर को हुई थी। तेहरान में दुकानदारों ने डॉलर के मुकाबले ईरानी रियाल की लगातार गिरती कीमत के खिलाफ नारेबाजी शुरू की। धीरे-धीरे यह विरोध देश के दूसरे शहरों तक फैल गया और Iran anti government protests ने राजनीतिक रंग ले लिया।
सरकार के सख्त फैसले, एयरस्पेस तक बंद
प्रदर्शन बढ़ने के साथ ही ईरानी सरकार ने सख्ती बढ़ा दी। इंटरनेट के अलावा पूरे देश का एयरस्पेस भी बंद कर दिया गया है। तेहरान का मुख्य एयरपोर्ट ठप कर दिया गया ताकि किसी भी तरह की आवाजाही रोकी जा सके। इन कदमों से साफ दिख रहा है कि हालात को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ गया है।
ट्रंप और यूरोप से समर्थन की बात
9 जनवरी की सुबह करीब 5 बजे रिजा पहलवी ने एक और पोस्ट में कहा कि लाखों ईरानियों ने आजादी की मांग की, जिसके जवाब में सरकार ने कम्युनिकेशन लाइनें काट दीं। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का जिक्र करते हुए कहा कि ट्रंप ने ईरानी सरकार को जवाबदेह ठहराने का वादा दोहराया है।
ट्रंप पहले भी फारसी भाषा में ईरान के लोगों के लिए संदेश जारी कर चुके हैं और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा पर कड़ी चेतावनी दे चुके हैं। इसके अलावा जर्मनी और European Union की तरफ से भी ईरान में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के समर्थन में बयान आए हैं।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
यूरोपीय नेताओं ने कहा है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना लोगों का अधिकार है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा की निंदा की जानी चाहिए। यूरोपीय संसद की अध्यक्ष ने भी कहा है कि दुनिया एक बार फिर ईरान के लोगों को अपने हक के लिए खड़े होते देख रही है।
ईरान में हालात तेजी से बदल रहे हैं और Iran Protest Violence को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव किस दिशा में जाता है।






